ग्रेटर नोएडा के सेक्टर MU 1 स्थित जनता फ्लैट्स में रह रहे 400 से अधिक परिवार जर्जर इमारतों के कारण खतरे में हैं. ये परिवारहर दिन डर के साये में जी रहे हैं. इन फ्लैट्स की हालत इतनी खराब है कि आए दिन प्लास्टर और छज्जे गिरते रहते हैं. वहीं गुरुवार को छज्जे का बड़ा हिस्सा टूटकर एक मोटरसाइकिल और कार पर गिर गया, जिससे दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. गनीमत रही कि उस समय घटनास्थल पर कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था.
ग्रेटर नोएडा जनता फ्लैट्स जर्जर
इस रिहायशी कॉम्प्लेक्स के घर अब खतरनाक हो गए हैं. प्लास्टर उखड़ रहा है और छज्जे अक्सर गिर रहे हैं. गुरुवार को हालात तब और बिगड़ गए जब बारिश के दौरान छज्जे का एक बड़ा हिस्सा नीचे गिर गया और सीधे वहां खड़ी एक कार और मोटरसाइकिल से टकराया. दोनों गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. NDTV ने ब्रह्मदेव शर्मा से बात की, जिनकी गाड़ियां इस घटना में बर्बाद हो गईं.
2010 में अलॉट हुए फ्लैट्स के प्लास्टर और छज्जे गिर रहे
ब्रह्मदेव शर्मा ने NDTV को बताया, 'छज्जा अचानक गिर गया. मेरी मोटरसाइकिल और कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. हम सभी डरे हुए हैं. हर दिन यह डर सताता रहता है कि कहीं कोई हिस्सा गिरकर हमारे परिवार के किसी सदस्य को नुकसान न पहुंचा दे.
इन फ्लैट्स की हालत प्रशासन की घोर लापरवाही का एक बड़ा उदाहरण है. स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब निर्माण और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी द्वारा रखरखाव न किए जाने के कारण यह संकट पैदा हुआ है. कई निवासियों ने गिरते मलबे से खुद को और अपनी गाड़ियों को बचाने के लिए अपने घरों के बाहर टिन शेड लगवा लिए हैं.
शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
एनडीटीवी ने स्थानीय आरडब्ल्यूए (RWA) अधिकारी कुलदीप तिवारी से भी बात की. उन्होंने अथॉरिटी की निष्क्रियता पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा, 'हमने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से कई बार शिकायत की है, लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हो रही है. अब तक 10 से 12 छज्जे गिर चुके हैं. यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो सभी निवासी एकजुट होकर अथॉरिटी का घेराव करेंगे.'
400 परिवार खतरे में
यह फ्लैट्स ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी द्वारा वर्ष 2010 में 30 मीटर के जनता फ्लैट के रूप में आवंटित किए गए थे. निवासियों ने अपनी जमा पूंजी लगाकर यहां आशियाना बनाया था, लेकिन महज 16 साल में ही इन इमारतों की हालत बेहद खराब हो चुकी है. निवासियों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ये फ्लैट्स इतनी तेजी से जर्जर हो जाएंगे, जबकि कई लोगों ने इनमें अपनी जीवन भर की कमाई लगाई थी. मरम्मत का कोई काम न होने के कारण परिवारों में चिंता बढ़ रही है, खासकर उन परिवारों में जिनके घरों में बच्चे और बुज़ुर्ग सदस्य हैं.
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