दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए उपराज्यपाल ने पुलिस को पिंक फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और संवेदनशील क्षेत्रों में महिला पुलिसकर्मियों की नियमित पेट्रोलिंग होगी. महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली बदसलूकी के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रखने को कहा गया है. उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
शिकायतों की होगी डिजिटल निगरानी
जन सुनवाई के दौरान मिलने वाली शिकायतों की अब डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी. हर शिकायत को समय सीमा के भीतर दर्ज करना और उस पर कार्रवाई सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा. इससे लोगों की समस्याओं के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है.
युवाओं को जागरूक करने पर जोर
स्कूलों और कॉलेजों में POCSO कानून, साइबर अपराध, नशे के खतरे और सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए हैं. उद्देश्य है कि युवा समय रहते इन खतरों को समझें और सुरक्षित व्यवहार अपनाएं.
उपराज्यपाल ने ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई तेज करने को कहा है. साथ ही थानों में साइबर अपराध से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है ताकि ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके.
ट्रैफिक और पुलिसकर्मियों के कल्याण पर फोकस
दिल्ली के ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों की पहचान कर पीक आवर्स में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और CCTV मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं पुलिस मुख्यालय में पुलिसकर्मियों की शिकायतों की नियमित सुनवाई, निचले रैंक और महिला कर्मियों के समय पर प्रमोशन तथा पुलिस कॉलोनियों को मॉडल जीरो-वेस्ट कॉलोनी बनाने पर भी जोर दिया गया है.
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