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कंझावला में दीपक की मौत माना जा रहा था सड़क हादसा, 15 साल पुरानी रंजिश में की थी हत्या; 5 गिरफ्तार

दिल्ली के कंझावला में दीपक की मौत को पुलिस ने अब सड़क हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या की साजिश बताया है.

कंझावला में दीपक की मौत माना जा रहा था सड़क हादसा, 15 साल पुरानी रंजिश में की थी हत्या; 5 गिरफ्तार
कंझावला में दीपक की मौत में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

दिल्ली के कंझावला इलाके में हुई दीपक की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. जिस घटना को शुरुआत में सड़क हादसा माना जा रहा था, पुलिस जांच में वह एक कथित सुनियोजित हत्या की साजिश के रूप में सामने आई है. पुलिस का दावा है कि दीपक को रास्ते से हटाने की योजना पहले ही बना ली गई थी. इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कथित मुख्य साजिशकर्ता पवन उर्फ जगपाल डबास भी शामिल है.

पहली कोशिश में बच गया था दीपक

पुलिस जांच के अनुसार दीपक को पहली बार 2 जुलाई को निशाना बनाया गया था. उस दिन वह मजरा डबास इलाके में प्रेम प्याऊ रोड से स्कूटी पर जा रहा था. तभी एक सफेद हुंडई आई-10 कार ने उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी. उस समय यह घटना सामान्य सड़क हादसा लगी और कंझावला थाने में इसी आधार पर मामला दर्ज किया गया.

हालांकि जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे संकेत मिले, जिनसे शक पैदा हुआ कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी. दीपक उस हमले में बच गया था, लेकिन आरोप है कि उसके बाद भी उसे मारने की योजना जारी रही.

16 जुलाई को स्कॉर्पियो से हुआ घातक हमला

पहली घटना के करीब दो सप्ताह बाद 16 जुलाई को दीपक एक बार फिर हमले का शिकार हुआ. इस बार चांदपुर माजरा रोड के पास एक स्कॉर्पियो ने उसे टक्कर मार दी. इस हादसे में दीपक की मौत हो गई. घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर उसकी क्षतिग्रस्त स्कूटी मिली. जब पुलिस ने 2 जुलाई और 16 जुलाई की घटनाओं को जोड़कर जांच की, तब हत्या की साजिश का संदेह और मजबूत हो गया. यहीं से जांच की दिशा सड़क दुर्घटना से हत्या की ओर मुड़ गई.

गिरफ्तारियों से खुलती गई साजिश की परतें

मामले में पहली बड़ी गिरफ्तारी 17 जुलाई को हुई, जब पुलिस ने सागर काला को पकड़ा. पूछताछ में पुलिस को 2 जुलाई की घटना से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिले. पुलिस के अनुसार, सागर ने आई-10 कार से टक्कर मारने की बात स्वीकार की.

उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो बरामद की. इसके बाद अतुल मोंटी को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से सफेद हुंडई आई-10 बरामद की गई. जांच में सामने आया कि दोनों वाहनों का इस्तेमाल अलग-अलग घटनाओं में किया गया था.

मुख्य साजिशकर्ता तक ऐसे पहुंची पुलिस

जांच आगे बढ़ी तो साहिल को 22 जुलाई को गिरफ्तार किया गया. पुलिस का आरोप है कि उसने पवन को छिपाने और सबूत मिटाने में मदद की. इसके बाद 26 जुलाई को प्रिंस उर्फ टिल्लू को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक उसी ने वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो का इंतजाम किया था. लगातार मिल रहे सुरागों और पूछताछ के बाद पुलिस 12 अगस्त को कथित मुख्य साजिशकर्ता पवन उर्फ जगपाल डबास तक पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया.

15 साल पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

पुलिस जांच में हत्या का कथित मकसद भी सामने आया है. पुलिस के अनुसार, पवन और दीपक के बीच करीब 15 साल पुरानी रंजिश थी. बताया गया है कि पवन लंबे समय से दीपक से नाराज था. पुलिस का यह भी आरोप है कि पवन ने पहले दीपक के भाई के घर के बाहर गोली चलवाई थी. इसके बाद दीपक को स्थायी रूप से रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई.

मोबाइल फोन और फॉरेंसिक जांच 

पुलिस ने मामले में दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं. अब इनके जरिए आरोपियों के बीच हुई बातचीत और संपर्क की जांच की जा रही है. साथ ही स्कॉर्पियो और आई-10 कार को भी तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के दायरे में रखा गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों घटनाओं के बीच आरोपियों ने किस तरह संपर्क बनाए रखा और हत्या की योजना कैसे अमल में लाई गई.

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड 

पुलिस के मुताबिक पवन उर्फ जगपाल डबास के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं सागर काला और प्रिंस उर्फ टिल्लू के खिलाफ भी पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी सामने आई है.

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