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दिल्ली-NCR में इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, 12 करोड़ की हेरोइन बरामद; 5 तस्कर गिरफ्तार

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-NCR में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. कार्रवाई में दो नाइजीरियाई, एक घाना नागरिक समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

दिल्ली-NCR में इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, 12 करोड़ की हेरोइन बरामद; 5 तस्कर गिरफ्तार
दिल्ली-NCR में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी और आसपास के इलाकों में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो नाइजीरियाई नागरिक, एक घाना का नागरिक और दो भारतीय शामिल हैं. पुलिस ने इनके कब्जे और नेटवर्क से 2.554 किलोग्राम हेरोइन तथा 881 ग्राम MDMA बरामद की है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

गुप्त सूचना के बाद बिछाया जाल

क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-1 टीम को सूचना मिली थी कि नाइजीरिया का रहने वाला 52 वर्षीय मोरिस ओकाली दिल्ली-NCR में हेरोइन और MDMA की सप्लाई कर रहा है. जानकारी मिली कि वह शाहदरा के एक अस्पताल के पास ड्रग्स की खेप पहुंचाने वाला है.

सूचना के आधार पर पुलिस ने निगरानी शुरू की और संदिग्ध को एक काले बैग के साथ पकड़ लिया. तलाशी में उसके पास से 2.004 किलो हेरोइन और 863 ग्राम MDMA बरामद हुई. इसके बाद 20 जुलाई को NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया.

पूछताछ में खुली नेटवर्क की परतें

पुलिस रिमांड के दौरान मोरिस से पूछताछ की गई. उसकी निशानदेही पर 23 जुलाई को चंदर विहार, निलोठी इलाके से घाना के नागरिक इमैनुएल और नाइजीरियाई नागरिक इबेग्बू चिगोजी सैमुअल को गिरफ्तार किया गया. चिगोजी के पास से 254 ग्राम हेरोइन जबकि इमैनुएल के पास से 14 ग्राम MDMA बरामद हुई. जांच में पता चला कि दोनों दिल्ली में सक्रिय विदेशी ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े हुए थे और खरीद, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट तथा सप्लाई का काम संभालते थे.

दो भारतीय सहयोगी भी गिरफ्तार

जांच आगे बढ़ने पर 31 जुलाई को पुलिस ने दिल्ली के नंद नगरी निवासी समीर उर्फ नन्हे और गाजियाबाद के शालीमार गार्डन क्षेत्र से जुड़ी एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया. समीर के कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई. पुलिस के अनुसार वह विदेशी आरोपियों और स्थानीय पेडलर्स के बीच कड़ी का काम करता था. वहीं महिला आरोपी पर ड्रग्स की खरीद, परिवहन और सप्लाई में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है.

पुराने मामलों से भी जुड़े आरोपी

जांच में सामने आया कि समीर के खिलाफ पहले भी एक्साइज एक्ट और NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं. वहीं महिला आरोपी पर भी वर्ष 2023 में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज हो चुका है.

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी मोरिस ओकाली 2020 में भारत आया था और उसका वीजा समाप्त हो चुका था. इसके बावजूद वह दिल्ली में रह रहा था. उसके खिलाफ पहले भी विदेशी नागरिक कानून के तहत कार्रवाई हो चुकी है. क्राइम ब्रांच ने इस कार्रवाई में कुल 11 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. अब पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, ड्रग्स के स्रोत और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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