नई दिल्ली: नीट पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले लोगों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी. हालांकि, क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले लोगों को यह छूट नहीं मिलेगी. इस संबंध में दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा, "हम छात्रों के साथ खड़े हैं और इसी भावना के साथ हमने यह आदेश जारी किया है. हमारी सरकार ने उनके प्रति अपना वादा निभाया है. हालांकि, अगर आपराधिक बैकग्राउंड वाले कोई असामाजिक तत्व छात्र विरोध प्रदर्शन का इस्तेमाल हिंसा फैलाने के लिए करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी"
दिल्ली सरकार ने यह फैसला किया है कि विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले लोगों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, यह संरक्षण आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा. यदि किसी प्रदर्शनकारी को पहले ही गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है, तो उनके मामलों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें तुरंत रिहा करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का कोई इरादा नहीं
दिल्ली सरकार ने कहा है कि उसका विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ आगे कोई प्रतिकूल कार्रवाई करने का इरादा नहीं है, और इस मामले को आगे की किसी भी कार्रवाई के बिना समाप्त माना जाएगा.
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