विज्ञापन

दिल्ली में फर्जी नो-एंट्री पास का खेल, FIR के बाद ट्रैफिक पुलिस सख्त, पकड़े गए तो ब्लैकलिस्ट समेत हो सकती है ये कार्रवाई

Delhi No Entry Permit Fraud: दिल्ली में फर्जी नो-एंट्री परमिट के मामले सामने आने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है. नकली पास बनवाने या इस्तेमाल करने वालों पर केस, वाहन जब्ती और ब्लैकलिस्ट जैसी कार्रवाई की जाएगी. पिछले दो हफ्तों में ईस्टर्न और सेंट्रल रेंज में ऐसे दो मामले सामने आए हैं.

दिल्ली में फर्जी नो-एंट्री पास का खेल, FIR के बाद ट्रैफिक पुलिस सख्त, पकड़े गए तो ब्लैकलिस्ट समेत हो सकती है ये कार्रवाई
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस फर्जी नो-एंट्री परमिट को लेकर सख्त.

Delhi Traffic Police: दिल्ली में फर्जी नो-एंट्री परमिट (NEP) के जरिए चल रहे गड़बड़झाले पर अब ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने साफ कहा है कि फर्जी पास बनवाकर या इस्तेमाल कर सड़कों पर चलने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अगर, कोई फर्जी पास का इस्तेमाल करता है या बनवाता है, तो उसके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कर वाहन जब्त किया जाएगा और ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है. 

पुलिस के मुताबिक, हाल ही में पिछले दो हफ्तों में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, एक ईस्टर्न ट्रैफिक रेंज में और दूसरा सेंट्रल रेंज में, जहां वाहनों को नकली नो-एंट्री परमिट के साथ पकड़ा गया है. ये फर्जी पास कुछ अवैध एजेंटों और दलालों के जरिए बनवाए गए थे. मामला सामने आने के बाद कार्रवाई करते हुए गोकुलपुरी और वजीराबाद थाने में FIR दर्ज की गई. ट्रैफिक पुलिस ने गहनता से मामले की जांच शुरू की है, पुलिस का जोर सिर्फ ड्राइवरों ही नहीं, पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क को पकड़ने पर है, यानि जो लोग नकली पास बनाकर दे रहे हैं, उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. 

दरअसल, दिल्ली में नो-एंट्री पास उन वाहनों को दिया जाता है जो जरूरी सामान जैसे दूध, फल-सब्जियां, राशन, मीट, दवाइयां, ऑक्सीजन, LPG, पानी और सरकारी कामों (जैसे DDA, PWD, DMRC आदि) से जुड़े होते हैं. ऐसे वाहनों को तय समय और शर्तों के साथ एंट्री की अनुमति दी जाती है. लेकिन, कुछ लोग इस सिस्टम का गलत फायदा उठाकर फर्जी पास बनवा लेते हैं. 

समन के बावजूद ED के सामने पेश क्यों नहीं हुए? दिल्ली HC ने केजरीवाल को जारी किया नोटिस

ये है तीन तरह के पास, जो जारी होते हैं 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि नो-एंट्री पास तीन तरह के होते हैं, एनुअल, टेम्पररी और शॉर्ट टर्म. एनुअल पास एक साल के लिए होता है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है. टेम्पररी पास तीन महीने तक के लिए होता है, यह भी ऑनलाइन ही मिलता है. वहीं, शॉर्ट टर्म पास एक हफ्ते तक के लिए होता है, जो संबंधित ट्रैफिक DCP ऑफिस से ऑफलाइन जारी किया जाता है.  

गलत साइड गाड़ी चला रहा था कैब ड्राइवर, बदसलूकी भी की... वायरल वीडियो पर दिल्ली पुलिस का सख्त एक्शन, FIR दर्ज

10 साल से पुराने डीजल वाहनों को पास नहीं 

पुलिस ने यह भी साफ किया है कि 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को पास नहीं दिया जाता है. पास के लिए CNG या BS मानकों वाले वाहनों को प्राथमिकता मिलती है. इसके अलावा पास के साथ तय रूट, टाइमिंग और शर्तों का पालन करना जरूरी होता है, नहीं तो कार्रवाई हो सकती है. 

पकड़े गए तो किया जा सकता है ब्लैकलिस्ट

ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों, ट्रांसपोर्टरों और कमर्शियल वाहन चालकों से अपील की है कि वे किसी भी अनऑथराइज्ड एजेंट या दलाल के चक्कर में न पड़ें. केवल आधिकारिक पोर्टल से ही पास बनवाएं. अगर, कोई फर्जी पास का इस्तेमाल करता है या बनवाता है, तो उसके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कर वाहन जब्त किया जाएगा और ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है. दिल्ली ट्रैफिक ने साफ कहा कि सभी कानून का पालन करें, फर्जीवाड़े से दूर रहें और सड़कों को सुरक्षित बनाने में सहयोग करें. 

बंदर पर पत्थर फेंकना पड़ा भारी! बुजुर्ग महिला पर किया हमला, वायरल Video पर छिड़ी बहस, आखिर किसकी गलती?

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com