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This Article is From Oct 30, 2018

...तो दिल्ली में सभी प्राइवेट गाड़ियों पर लग सकता है बैन, 1 नवंबर से निर्माण कार्य पर भी रोक

देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण (Delhi Air Pollution) से लोगों का बुरा हाल है. अगर आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो दिल्ली में निजी वाहनों का उपयोग बंद किया जा सकता है.

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...तो दिल्ली में सभी प्राइवेट गाड़ियों पर लग सकता है बैन, 1 नवंबर से निर्माण कार्य पर भी रोक
Delhi Air Pollution: देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से लोगों का बुरा हाल है.
  • एक नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में निर्माण बंद
  • स्टोन क्रशर-हॉट मिक्स प्लांट भी बंद रहेंगे
  • जरूरत पड़ने पर निजी गाड़ियों पर भी पाबंदी
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण (Delhi Air Pollution) से लोगों का बुरा हाल है. अगर आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो दिल्ली में निजी वाहनों का उपयोग बंद किया जा सकता है. एक वरिष्ठ पर्यावरण अधिकारी ने राजधानी दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए मंगलवार को यह बात कही है. वहीं, दिल्ली-एनसीआर में अब एक नवंबर से सारे निर्माण कार्य पर रोक रहेगी. दमघोंटू हवा का आलम यह है कि जॉगिंग करने वालों से लेकर स्कूल जाने वाले तक मास्क लगा रहे हैं. प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए और भी सख्त कदम उठाए गए हैं. 

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दिल्ली-एनसीआर की दमघोंटू हवा से लोगों को निजात मिले, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की भूरेलाल कमेटी ने एक नवंबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स  ऐक्शन प्लान लागू कर दिया है. इसके तहत दिल्ली और एनसीआर में निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद रहेगा. स्टोन क्रशर और हॉट मिक्स प्लांट बंद रहेंगे.  4 से 7 नवंबर के बीच सभी प्लांट्स, जिसमें ईंधन के तौर पर कोयले या बॉयोमॉस का इस्तेमाल होता है वह भी बंद रहेंगे. इसके अलावा अखबार के माध्यम से भी लोगों से अपील की जाएगी कि पब्लिक यातायात का इस्तेमाल करें और GRAP के नियमों और दंड के बारे में लोगों को अवगत कराया जाएगा. जरूरत पड़ने पर प्राइवेट गाड़ियों पर पाबंदी की बात भी सोची जा रही है.

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ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने कहा कि गाड़ियां ज़रूरी है या फिर जीवन ऑड-इवन कारगर नहीं है. हमें जरूरत लगी तो प्राइवेट गाड़ियों पर बैन लगाएंगे. फिलहाल तो लोग इस हवा और इसके संकटों से जूझ रहे हैं. उधर, मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली एनसीआर में अगले एक हफ़्ते में हालात और खराब होंगे. ऐसे में दिल्लीवालों को एहतियात बरतने की जरूरत है.

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EPCA के चेयरमैन भूरे लाल ने कहा कि हमने दिल्ली और एनसीआर में कंस्ट्रकशन बंद किया है. ये आदेश मुख्य सचिव को भी दे दिया गया है. जो कानून का पालन नहीं करेगा उसे दंडित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जीवन ज़्यादा ज़रूरी है गाड़ियों से. लोगों को सरवाईवल के लिए गाड़ियों का त्याग करना चाहिए. ऑड और इवन कारगर नहीं है. उन्होंने कहा कि आगे जरूरत पड़ी तो हम प्राइवेट गाड़ियों को बैन करेंगे.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन की चौंकाने वाली रिपोर्ट
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएयओ) की एक रिपोर्ट आई है, जिसके मुताबिक 2016 में भारत में पांच साल से कम उम्र के करीब एक लाख बच्चों की जहरीली हवा के प्रभाव में आने से मौत हो गई. साथ ही, इसमें बताया गया कि निम्न एवं मध्यम आय-वर्ग के देशों में पांच साल से कम उम्र के 98 फीसद बच्चे 2016 में हवा में मौजूद महीन कण (पीएम) से होने वाले वायु प्रदूषण के शिकार हुए. 

ग्रीनपीस की रिपोर्ट : आखिर क्यों है इतनी लापरवाही
इस बीच, ग्रीनपीस द्वारा जारी एक रिपोर्ट में भारत के प्रदूषण स्तर की बहुत ही भयावह तस्वीर पेश की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन के विश्व के तीन सबसे बड़े ‘‘हॉटस्पॉट'' भारत में हैं और इनमें से एक दिल्ली-एनसीआर में है. पीएम 2.5 और ओजोन के निर्माण के लिए नाइट्रोजन ऑक्साइड जिम्मेदार होता है. एक जून से 31 अगस्त तक हासिल किए गए उपग्रहीय आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक हॉटस्पॉट की सबसे ज्यादा संख्या चीन में (कुल 10) है. अरब देशों में आठ, यूरोपीय संघ में चार और भारत, अमेरिका एवं डीआर कॉन्गो में तीन-तीन है.

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प्रदूषण पर सिर्फ होती है राजनीति
राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली की आप सरकार एक-दूसरे पर दोष मढ़ रही है और प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने का एक दूसरे पर आरोप लगा रही है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण के लिए केंद्र और हरियाणा एवं पंजाब की सरकारों को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि आप सरकार के सभी प्रयासों के बावजूद वे कुछ भी करने को तैयार नहीं हैं. केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली में प्रदूषण पूरे वर्ष नियंत्रण में रहा लेकिन प्रतिवर्ष इस समय (सर्दियों में) दिल्ली को केंद्र, भाजपा नीत हरियाणा और कांग्रेस नीत पंजाब सरकारों के चलते गंभीर प्रदूषण का सामना करना पड़ता है.''

VIDEO:  दिल्ली में प्रदूषण से हालात खराब
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