- शुभेंदु के पीए की हत्या में इस्तेमाल हुई निसान माईक्रा कार बलिया की थी, जो 50 हजार रुपये में बेची गई थी
- कार के पिछले मालिक जितेंद्र सिंह ने कार अक्टूबर में तिवारी जी से तीस पांच हजार रुपये में खरीदी थी
- हत्या के आरोपी राज कुमार सिंह को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया, जिनके खिलाफ बलिया में तीन मुकदमे दर्ज हैं
पश्चिम बंगाल के नए सीएम शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. अब नया खुलासा सामने आया है कि शुभेंदु अधिकारी पीए की हत्या में जो निसान माईक्रा कार इस्तेमाल हुई थी, वो बलिया की थी. बलिया के बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के दवनी के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह (मुन्नू) ने यह कार बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के जितेंद्र सिंह से महज 50 हजार रूपये में खरीदी थी. कार बेचने वाले जितेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी तब हुई, जब C.B.I. उनसे पूछताछ के लिए उनके घर आयी.
जितेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने यह निशान माइक्रा कार हुसैनबाद के रहने वाले किसी तिवारी जी से अक्टूबर महीने में छठ पर्व के आसपास महज 35 हजार रूपये में खरीदी थी और बीते एक मई को ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ़ मन्नू को 50 हजार रुपये में बेच दिया था. हालंकि जितेंद्र सिंह ने खरीदी हुई गाड़ी का पेपर ट्रांसफर अभी नहीं कराया था और ना ही उन्हें गाडी का नंबर ही याद है. सबसे खास बात यह है कि जिस शख्स ने जितेंद्र सिंह को गाडी खरीदवाने में माध्यस्तता की थी उसी शख्स ने फिर जितेंद्र सिंह से गाडी बिकवाने में भी मदद की है.
शुभेंदु के निजी सहायक रथ की छह मई को मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के दो दिन बाद यह घटना हुई थी. बीते दिन ही इस मामले में पता लगा था कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी के ख़िलाफ़ बलिया जिले में तीन मुकदमे पंजीकृत हैं. पुलिस के मुताबिक सीबीआई ने सोमवार को मुजफ्फरनगर से बलिया निवासी राज कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के अनुसार राज कुमार (25) के खिलाफ बलिया जिले में तीन मुकदमे दर्ज हैं. रसड़ा क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आलोक गुप्ता ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के रतोपुर गांव निवासी राज कुमार सिंह के खिलाफ रसड़ा थाने में दो और गड़वार थाने में एक मामला दर्ज है. इनमें से दो मामलों में पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है. उन्होंने बताया कि राज कुमार पहले मुंबई में ओएनजीसी में नौकरी करता था. नौकरी छोड़कर गांव लौटा और यहां ड्राइवर का काम करने लगा. वह विदेश जाना चाहता था, लेकिन मुकदमे के कारण पासपोर्ट नहीं बन सका.
सीओ के मुताबिक, थाने में उसकी छवि बड़े अपराधी की नहीं है. वह मनमौजी किस्म का युवक है और मारपीट के मामलों में शामिल रहा है. गांव में उसकी आवाजाही कम थी. राज कुमार के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह सीबीआई का फोन आया था. सीबीआई ने बताया कि राज कुमार को चंद्रनाथ रथ की हत्या में मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया है. सीबीआई टीम गांव आई थी और पूछताछ कर मोबाइल चेक किया था. पिता ने कहा कि राज कुमार बीए प्रथम वर्ष पास है. उनके अनुसार, वह पश्चिम बंगाल गया या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है और वहां कोई रिश्तेदारी भी नहीं है. सिंह ने कहा कि हत्या के दिन राज कुमार कहां था, यह भी उन्हें नहीं पता. उन्होंने कहा, 'सीबीआई जांच कर रही है, भरोसा है कि सच सामने आएगा.'
गौरतलब है कि इससे पहले बलिया कोतवाली क्षेत्र के आनंद नगर निवासी राज सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था. वह चिलकहर ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. राज कुमार का गांव भी चिलकहर के पास ही है. एक के बाद एक गिरफ्तारी से जिले में चर्चाओं का दौर गर्म है.
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