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डेटिंग ऐप पर 'दोस्ती का जाल', लॉज में बेहोश कर लाखों की लूट, वसई में दो शातिर महिलाएं गिरफ्तार

पालघर में ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स के जरिए हनी ट्रैप का जाल बिछाने वाली दो महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी युवकों को लॉज पर बुलाकर शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर देतीं और लाखों का सामान लूट लेती थीं. पुलिस ने मुंबई के मालाड से दोनों को पकड़ा और ₹4.13 लाख का सामान बरामद किया.

डेटिंग ऐप पर 'दोस्ती का जाल', लॉज में बेहोश कर लाखों की लूट, वसई में दो शातिर महिलाएं गिरफ्तार
  • महाराष्ट्र के पालघर जिले में हनी ट्रैप रैकेट में महिलाओं ने युवकों को नशीले पदार्थ देकर लूट किया
  • मांडवी पुलिस ने मुंबई के मालाड से दो महिलाओं को गिरफ्तार कर ₹4.13 लाख मूल्य का सामान बरामद किया
  • आरोपी महिलाएं डेटिंग ऐप्स पर युवकों को फंसाकर शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर लूट करती थीं
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महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई तालुका में हनी ट्रैप रैकेट बेनकाब हुआ है. आरोपी महिलाएं डेटिंग ऐप्स के जरिए युवकों को जाल में फंसाती थीं, उन्हें लॉज पर बुलाकर शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर देतीं और फिर लाखों का सामान लूट लेतीं. मांडवी पुलिस स्टेशन की टीम ने इस गिरोह की दो महिलाओं को मुंबई के मालाड इलाके से गिरफ्तार किया है. उनके पास से ₹4.13 लाख मूल्य का सामान बरामद हुआ है. मांडवी पुलिस की अपराध शाखा ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मुंबई के मालाड इलाके से दोनों महिलाओं को पकड़ा. 

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मामला कैसे खुला? 

दरअसल मांडवी क्षेत्र के एक लॉज में, 31 वर्षीय एक युवक की 'हैपन' डेटिंग ऐप पर एक युवती से मुलाकात तय हुई. 22 नवंबर को हुई इस मुलाकात में, युवती के साथ आई एक अन्य महिला के साथ तीनों शराब पी रहे थे. तभी युवक अचानक बेहोश होकर सो गया. अगली सुबह जागने पर उसके गले की सोने की चेन, मोबाइल और स्मार्टवॉच, कुल ₹1,83,000 का सामान गायब मिला.

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डेटिंग ऐप बना लूट का जरिया

उसी आरोपी महिलाओं ने 23 नवंबर को एक दूसरे युवक को भी इसी तरह मिलने बुलाया, उसे भी नशीला पदार्थ दिया और उसके सोने के गहने और मोबाइल लूट लिए. इस संबंध में काशिमिरा पुलिस स्टेशन में भी मामला दर्ज हुआ. आरोपी महिलाएं अपराध करने के बाद तुरंत डेटिंग ऐप से अपनी प्रोफाइल डिलीट कर देती थीं.

चकमा देने में माहिर

इसके अलावा, वे लॉज में नकली आईडी, गलत मोबाइल नंबर और धुंधली तस्वीरें देती थीं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि वे कोई ऑनलाइन लेनदेन नहीं करती थीं, ताकि उनका कोई भी सुराग न छूटे. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रणजीत आंधले ने बताया कि मांडवी पुलिस ने उनकी 'मोडस ऑपरेंडी' को समझते हुए दो दिन के भीतर आरोपियों का पता लगाकर इस अपराध को सुलझा लिया.

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