INTERPOL की अगुवाई में अमेरिका महाद्वीप के 20 देशों में चलाए गए बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान “ऑपरेशन ऑर्का-11” में सुरक्षा एजेंसियों ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है. करीब छह हफ्ते तक चले इस ऑपरेशन में 3,308 अवैध हथियार, लगभग 56 टन नशीले पदार्थ, लाखों कारतूस और करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की गई. इस कार्रवाई के दौरान 8,701 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया. यह ऑपरेशन 15 अक्टूबर 2025 से 30 नवंबर 2025 के बीच चलाया गया, जिसमें मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र के देशों की पुलिस और जांच एजेंसियों ने हिस्सा लिया.
ड्रग्स, मानव तस्करी के साथ-साथ साइबर अपराध पर भी एक्शन
इंटरपोल के मुताबिक यह अभियान सिर्फ हथियारों की बरामदगी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका मकसद उन बड़े आपराधिक नेटवर्क को तोड़ना था जो ड्रग्स तस्करी, मानव तस्करी, अवैध प्रवासन, साइबर अपराध और आतंकवादी गतिविधियों को एक साथ संचालित करते हैं. जांच में सामने आया कि अपराधी संगठन एक ही रूट का इस्तेमाल अलग-अलग गैरकानूनी कारोबार के लिए कर रहे थे. इसी वजह से ऑपरेशन के दौरान हथियारों के साथ-साथ भारी मात्रा में ड्रग्स और अवैध नकदी भी बरामद हुई.

अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल पर शिकंजा
अभियान के दौरान एजेंसियों ने करीब 6.9 टन कोकीन, 9.3 टन कोकीन बेस पेस्ट, 38.5 टन गांजा, 2 टन मेथामफेटामाइन और 11 किलो केटामाइन जब्त किया. इसके अलावा 6 लाख 59 हजार से ज्यादा कोका प्लांट यूनिट्स भी पकड़ी गईं. अधिकारियों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी यह दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल लगातार नए नेटवर्क और तस्करी के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
2.56 लाख डॉलर से ज्यादा कैश भी जब्त
ऑपरेशन के दौरान लगभग 2 लाख kartols, 2 लाख 56 हजार डॉलर से ज्यादा नकद राशि और 210 वाहन भी जब्त किए गए. जांच एजेंसियों का मानना है कि इन वाहनों का इस्तेमाल हथियारों और ड्रग्स की सप्लाई के लिए किया जा रहा था. कई जगहों पर पुलिस को ऐसे दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी मिले हैं जिनसे अंतरराष्ट्रीय गैंगों के बीच पैसों के लेनदेन और सप्लाई चेन की जानकारी मिली है.

अभियान को इंटरपोल ने बताया बड़ी सफलता
इंटरपोल ने इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया. उन्होंने कहा कि हजारों अवैध हथियारों को अपराधियों के नेटवर्क से बाहर करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि है. उनके मुताबिक इंटरपोल दुनिया भर की एजेंसियों को इंटेलिजेंस, टेक्नोलॉजी और समन्वय उपलब्ध कराता रहेगा ताकि अपराधी नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाया जा सके.
वहीं Organization of American States के महासचिव Albert R. Ramdin ने कहा कि यह ऑपरेशन दिखाता है कि जब अलग-अलग देशों की एजेंसियां मिलकर काम करती हैं तो बड़े से बड़े अपराध सिंडिकेट को भी कमजोर किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सहयोग और सूचना साझा करना अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार बनता जा रहा है.

कोलंबिया में 22 लोग गिरफ्तार
ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग देशों में कई बड़ी कार्रवाई भी सामने आईं. Colombia में पुलिस ने 22 लोगों को गिरफ्तार किया, जिन पर हथियार बनाने, विस्फोटक रखने और आतंकवादी फंडिंग से जुड़े आरोप लगाए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक यह नेटवर्क अवैध हथियारों के जरिए आतंकी गतिविधियों को आर्थिक मदद पहुंचा रहा था. जांच एजेंसियों का कहना है कि हथियारों की तस्करी कई बार सीधे आतंकवादी संगठनों तक पहुंचती है और इसी वजह से ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई बेहद जरूरी है.
पनामा, ब्राजील से भी गिरफ्तारी
Panama में पुलिस ने एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया जो कुरियर और पोस्टल सिस्टम के जरिए हथियारों और उनके पार्ट्स की तस्करी कर रहे थे. जांच के दौरान एक वाहन से मिलिट्री स्टाइल राइफल बरामद की गई. अधिकारियों के अनुसार आरोपी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़े हुए थे और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे थे.
Brazil में एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान ड्रग्स और हथियारों की तस्करी करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया गया. यहां पुलिस ने राइफल, सब मशीन गन, पिस्टल, ग्रेनेड, ड्रग्स और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया. इसके अलावा ऐसी नोटबुक भी मिलीं जिनमें ड्रग्स तस्करी और पैसों के हिसाब-किताब का रिकॉर्ड मौजूद था.
बैक अकाउंट भी किए गए फ्रीज
Chile में पुलिस ने 580 किलो अवैध ड्रग्स के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया. अधिकारियों के अनुसार जब्त मादक पदार्थों की कीमत करीब 5.6 मिलियन डॉलर थी और इससे करीब 35 लाख डोज तैयार की जा सकती थीं. पुलिस ने 9 हैंडगन भी बरामद कीं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 11 बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए. जांच में पता चला कि यह नेटवर्क उत्तरी चिली से देश के अन्य हिस्सों में ड्रग्स सप्लाई कर रहा था.
इन देशों में चला ऑपरेशन
ऑपरेशन ऑर्का-11 में अर्जेंटीना, बेलीज, बोलिविया, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन रिपब्लिक, इक्वाडोर, एल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, गुयाना, होंडुरास, मैक्सिको, निकारागुआ, पनामा, पराग्वे, पेरू, सूरीनाम और उरुग्वे सहित कुल 20 देशों ने हिस्सा लिया. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस अभियान ने साफ कर दिया है कि आधुनिक संगठित अपराध अब पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बदल चुका है और इससे निपटने के लिए देशों के बीच लगातार समन्वय और साझा कार्रवाई बेहद जरूरी है.
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