लद्दाख इस साल देश और दुनिया के पर्यटकों की पहली पसंद बनता दिखाई दे रहा है. पर्यटन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जून और जुलाई 2026 में यहां 2.12 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे. खास बात यह है कि लगातार दूसरे महीने भी पर्यटकों की संख्या एक लाख के आंकड़े को पार कर गई, जिससे क्षेत्र के पर्यटन उद्योग को बड़ी मजबूती मिली है.
जुलाई में दर्ज हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी
जुलाई 2026 में लद्दाख पहुंचे पर्यटकों की संख्या 1,05,046 रही. यह पिछले साल जुलाई में आए 67,273 पर्यटकों की तुलना में 56.15 प्रतिशत अधिक है. वहीं जून 2026 में 1,07,740 पर्यटक पहुंचे, जबकि जून 2025 में यह संख्या 75,089 थी. यानी जून में भी 43.48 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई. इन दोनों महीनों में पहुंचे पर्यटक इस साल जनवरी से जुलाई तक आए कुल सैलानियों का लगभग 65 प्रतिशत हैं.
सात महीने में ही पिछले साल के बराबर पहुंचा आंकड़ा
लद्दाख में पर्यटन की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 3,30,332 पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं. यह संख्या वर्ष 2025 में पूरे साल आए 3,35,872 पर्यटकों के 98.35 प्रतिशत के बराबर है. यानी सात महीने में ही लद्दाख ने पिछले साल का लगभग पूरा रिकॉर्ड छू लिया है.
घरेलू पर्यटकों की सबसे बड़ी भूमिका
पर्यटकों की बढ़ती संख्या में भारतीय सैलानियों का योगदान सबसे ज्यादा रहा है. जुलाई में आए 1.05 लाख पर्यटकों में 95,416 घरेलू और 9,630 विदेशी पर्यटक शामिल थे. वहीं जून में 1,01,060 भारतीय और 6,680 विदेशी सैलानी लद्दाख पहुंचे.
क्यों बढ़ रही है लद्दाख की लोकप्रियता?
लद्दाख प्रशासन के अनुसार बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन सुविधाओं में सुधार तथा सांस्कृतिक आयोजनों ने बड़ी भूमिका निभाई है. जून और जुलाई के दौरान आयोजित हेमिस फेस्टिवल, प्रथम सिंधु कुंभ, फ्यांग त्सेदुप और अन्य बौद्ध उत्सवों ने बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित किया. इसके अलावा एडवेंचर टूरिज्म, बर्फीले पहाड़, बौद्ध मठ, आध्यात्मिक माहौल और हाई एल्टीट्यूड अनुभव भी लोगों को यहां खींच रहे हैं.
जनवरी से जुलाई के बीच पहुंचे कुल 3.30 लाख पर्यटकों में से 1,57,371 यानी 47.64 प्रतिशत सैलानी हवाई मार्ग से लद्दाख पहुंचे. वहीं 1,16,523 पर्यटक कश्मीर रूट और 56,438 पर्यटक मनाली रूट से आए.
बेहतर सड़कों और होमस्टे का असर
लद्दाख में सड़क नेटवर्क 2019 के 1,799 किलोमीटर से बढ़कर 2026 में 4,200 किलोमीटर से अधिक हो गया है. पुलों की संख्या भी 19 से बढ़कर 72 पहुंच चुकी है. जोजिला पास और कारगिल-जांस्कर मार्ग लंबे समय तक खुले रहने लगे हैं, जिससे यात्रा आसान हुई है. वहीं 2019 में जहां केवल 128 होमस्टे थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 2,275 हो गई है. इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ी है और पर्यटकों को नए विकल्प मिले हैं.
पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन की चुनौती
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि बढ़ता पर्यटन रोजगार और आजीविका के नए अवसर लेकर आया है. हालांकि इसके साथ लद्दाख के संवेदनशील पर्यावरण, संस्कृति और विरासत की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है. आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाता है.
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