महिला एशिया कप के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुकी भारतीय टीम की नजरें अब शनिवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ जीत के साथ लीग चरण का शानदार अंत करने पर हैं. पुरुष हों या महिला, बहु-टीम टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान मुकाबलों को लेकर मैदान के बाहर काफी रोमांच रहता है लेकिन पिछले काफी समय से मैदान पर मुकाबले उतने प्रतिस्पर्धी नहीं रहे हैं. दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में भारत का पलड़ा काफी मजबूत दिख रहा है.
पाकिस्तान के सेमीफाइनल का सपना होगा चकनाचूर
भारत के लिए यह मैच केवल औपचारिकता नहीं होगा. विश्व कप में पिछले कुछ मौकों पर समय से पहले बाहर होने के बाद भारतीय टीम को टी20 प्रारूप में कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है. ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए भारत को बेहतर पावर-हिटर और तेज गेंदबाजों का मजबूत पूल तैयार करना होगा.
एशियाई स्तर पर हालांकि भारत के आसपास भी कोई टीम नजर नहीं आती. पिछली बार भारत किसी तरह श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में उपविजेता रहा था. दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अपने शुरुआती मुकाबले में थाईलैंड को हराया है और अब भी सेमीफाइनल की दौड़ में बना हुआ है.
इन खिलाड़ियों पर होंगी नजरें
भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा भी शानदार फॉर्म में हैं. मंधाना ने हांगकांग के खिलाफ यादगार शतक लगाते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और प्रतियोगिता की अन्य टीमों को अपनी बल्लेबाजी क्षमता का संकेत दे दिया.
दुबई की पिचों पर बल्लेबाजी आसान नहीं रही है. बल्लेबाजों को आमतौर पर पिच की गति और उछाल को समझने में करीब 10 गेंद लगती हैं और उसी के अनुसार पारी की योजना बनानी पड़ती है. मंधाना और शेफाली ने भी बृहस्पतिवार रात इसी रणनीति को अपनाया था.
मध्यक्रम में प्रतिका रावल, ऋचा घोष और कप्तान हरमनप्रीत कौर की भूमिका अहम होगी. तीनों अच्छी शुरुआत को बड़ी पारियों में तब्दील नहीं कर सकी हैं. खासकर नंबर तीन पर बल्लेबाजी कर रहीं रावल पर दबाव बढ़ रहा है. वनडे में सफल रही रावल टी20 प्रारूप की मांगों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं.
गेंदबाजी में नंदनी शर्मा का शामिल होना भारत के लिए सकारात्मक कदम रहा है. वह प्रमुख तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ के साथ नई गेंद संभालते हुए अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन कर रही हैं.
टक्कर देने की स्थिति में नहीं पाकिस्तान
पाकिस्तान को भारत को चुनौती देने के लिए अपनी बल्लेबाजी में बड़े सुधार की जरूरत है. बल्लेबाजी की कमजोरी लंबे समय से टीम की परेशानी रही है.
थाईलैंड के खिलाफ पिछले मैच में भी पाकिस्तान ने पावरप्ले में तीन विकेट गंवाकर खुद को मुश्किल में डाल लिया था. हालांकि बाद में उसने 119 रन के मामूली लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव कर लिया. टीम अब भी सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली और कप्तान एवं गेंदबाजी ऑलराउंडर फातिमा सना पर काफी निर्भर है. भारत जैसी मजबूत टीम को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान को इस निर्भरता से बाहर निकलना होगा.
कैसा है रिकॉर्ड
बात अगर रिकॉर्ड की करें तो दोनों देश 17 मौकों पर टी20 अंतरराष्ट्रीय में आमने-सामने आए हैं. इस दौरान टीम इंडिया 14 मौकों पर जीत दर्ज करने में सफल हुई है. जबकि पाकिस्तान ने 3 बार जीत दर्ज की है.
क्या असर दिखाएगी दुबई की पिच
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच संतुलित रहती है. यहां बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों, दोनों को ही पिच से मदद मिलती है. मैच की शुरुआत में गेंदबाजों को थोड़ी मूवमेंट मिलती है. ऐसे में शुरुआत में बल्लेबाज थोड़ाा संभल कर खेलते हैं. लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को इस मैदान पर फायदा होता है.
ऐसी हैं दोनों टीमें
भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), गुनालन कमलिनी (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, राधा यादव.
पाकिस्तान: फातिमा सना (कप्तान), आयशा जफर, ईमान नसीर, ऐमान फातिमा, गुल फिरोजा, मोमिना रियासत, मुनीबा अली सिद्दीकी (विकेटकीपर), सदफ शमास, नशरा संधू, सादिया इकबाल, सायरा जाबीन, शवाल जुल्फिकार, तुबा हसन, उम्म-ए-हानी और वहीदा अख्तर.
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