Team India Big Batting Faul in England: इंग्लैंड ने गुरुवार को सोफिया गार्डन्स में खेले गए वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले को 4 विकेट से अपने नाम किया. इसी के साथ मेजबान टीम ने तीन मुकाबलों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है. इंग्लिश टीम के जीत के हीरो जो रूट रहे, जिन्होंने नाबाद 99 रन बनाए. इस शानदार पारी के लिए रूट को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. इस बीच भारतीय टीम की इंग्लैंड के खिलाफ सबसे बड़ी कमजोरी को लेकर भारत नहीं बल्कि इंग्लैंड के तरफ से ही बता दिया गया की आखिर भारतीय बल्लेबाजी में ब्रेक कहा और क्यों लग रही है. वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया सिर्फ 233 रन पर ऑलआउट हो गई. मजबूत शुरुआत के बावजूद मेहमान टीम इस पारी में सिर्फ 44 ओवरों का सामना कर सकी.
'थोड़े परेशान' दिखने लगे हैं
इसे लेकर इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर रवि बोपारा का मानना है कि भारतीय बल्लेबाज इंग्लिश विकेटों पर शॉर्ट बॉल का सामना करने को लेकर 'थोड़े परेशान' दिखने लगे हैं. सोफिया गार्डन्स में भारतीय पारी के दौरान, ज्यादातर बल्लेबाजों को शॉर्ट बॉल खेलने में संघर्ष करना पड़ा. इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने मिलकर नौ विकेट लिए.
बोपारा ने मिड-इनिंग्स ब्रेक के दौरान ब्रॉडकास्टर 'स्काई स्पोर्ट्स' से कहा, "ऐसा लगता है कि हर बार जब कोई भारतीय बल्लेबाज शॉर्ट बॉल पर आउट होता है, तो ड्रेसिंग रूम में एक संकेत जाता है, और वे शॉर्ट बॉल को लेकर परेशान हो जाते हैं. इंग्लिश विकेटों पर गति और उछाल में काफी अंतर देखने को मिलता है. ऐसा लगता है कि भारत इस समय शॉर्ट बॉल को लेकर थोड़ा परेशान है."
भारतीय बल्लेबाजों का विदेशी पिचों पर हाल
बीते समय में भारतीय बल्लेबाजों द्वारा विदेशी पिचों पर शॉर्ट बॉल (बाउंसर) खेलने में परेशानी की चर्चा मुख्य रूप से 1990 और 2000 के दशक में वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के दौरों के समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आई थी.विदेशी पिचों पर अतिरिक्त उछाल (bounce) और तेज गति के कारण शुरुआत में भारतीय खिलाड़ियों को काफी कठिनाई होती थी. जब भी भारतीय टीम वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड जैसी तेज पिचों पर खेलने जाती थी, तब विरोधी तेज गेंदबाज अक्सर शॉर्ट-पिच गेंदों का इस्तेमाल करके भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा लेते थे.
दूसरी ओर, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयोन मोर्गन ने भारत की स्कोरिंग गति को रोकने और क्रॉस-बैटेड शॉट्स के जरिए गलतियां करने पर मजबूर करने के लिए मिडिल ओवर्स के दौरान मेजबान टीम के रणनीतिक अनुशासन को श्रेय दिया. उन्होंने कहा, "खेल के मिडिल फेज के दौरान, इंग्लैंड ने विकेट लिए और भारत के रन बनते रहे, लेकिन दूसरे पावरप्ले में इंग्लैंड की गेंदबाजी ज्यादा सटीक थी. उन्होंने भारत को क्रॉस-बैटेड शॉट्स खेलने के लिए उकसाया, जिससे उनकी गति धीमी हो गई और इंग्लैंड को और मौके बनाने और लेने का मौका मिला."
विराट कोहली का 65 रन पर आउट होना हैरानी भरा
मोर्गन ने विराट कोहली के 65 रन पर आउट होने पर हैरानी जताते हुए इसे एक ऐसे बल्लेबाज के लिए दुर्लभ चूक बताया जो अपनी हाफ-सेंचुरी को मैच जिताने वाली सेंचुरी में बदलने के लिए जाना जाता है. उन्होंने कहा, "हम सभी को उम्मीद थी कि कोहली कुछ खास करेंगे. अब हम सब बेघर हो गए हैं. विराट कोहली शुरू से ही बेहतरीन फॉर्म में दिख रहे थे. वह मजबूत इरादे के साथ मैदान पर उतरे थे; उनका फुटवर्क शानदार था, और उन्होंने चीजों को आसान बना दिया था."
उन्होंने कहा, "यह क्लासिक कोहली थे, जो हर गेंद पर रन बना रहे थे, भले ही पार्टनरशिप धीमी हो गई थी. उनका 65 रन पर आउट होना एक असामान्य बात है. हमने अपने पूरे करियर में देखा है कि वह कितनी अच्छी तरह से अच्छी शुरुआत को सेंचुरी में बदलते हैं. आमतौर पर वह विरोधी टीम की गलतियों का फायदा उठाकर उन्हें सजा देते हैं, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ, और इसका श्रेय इंग्लैंड को जाता है."
पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज 0-4 से गंवाने के बाद भारत ने बर्मिंघम में खेले गए वनडे सीरीज के पहले मैच को 6 विकेट से अपने नाम किया था. अब सीरीज का अंतिम मुकाबला 19 जुलाई को लंदन में खेला जाएगा.
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