केएस भरत! नाम तो सुना ही होगा! आंध्र प्रदेश से आते हैं, तूफानी बैटिंग करते हैं. घरेलू क्रिकेट में तिहरा शतक लगा चुके हैं, छोटे राज्य से आने के बावूजद भारत के लिए 7 टेस्ट खेलने में भी सफल रहे, तो उनकी मेहनत और क्षमता के बारे में भी अंदाजा लगाया जा सकता है. तीन साल साल पहले 1.20 करोड़ की कीमत पर गुजरात ने खरीदा था, तो एक साल पहले 50 लाख रुपये में केकेआर ने. पिछले साल किसी ने भी उन पर दांव नहीं लगाया. और अब वीरवार को केएस (KS Bharat) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया. 32 साल की उम्र में. केएस भरत की आतिशी बैटिंग के अंदाज को देखते हुए यह उम्र खासी कम है, लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ. और न ही आखिरी बार होने जा रहा है कि कोई 32 साल के खिलाड़ी ने संन्यास ले लिया.
तिहरा शतक, रचा इतिहास, मिला इनाम
केएस भारत के करियर में साल 2015 में यादगार लम्हा आया, जब वह रणजी ट्रॉफी में तिहरा शतक जड़ने वाले भारत के इतिहास में पहले विकेटीपर बने. तब 21 साल के भरत को इसका नाम मिला और दिल्ली फ्रेंचाइजी ने उन्हें 10 लाख रुपये की कीमत पर जोड़ लिया, लेकिन अगले सीजन से पहले ही उन्हें बिना कोई मैच खिलाए रिलीज कर दिया
फिर हुई करीब 5 साल बाद वापसी
केएस भरत घरेलू क्रिकेट में लगे रहे, तो साल 2021 में वह प्रदर्शन के बूते फिर से आईपीएल में वापसी करने में सफल रहे और उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 20 लाख रुपये में अपना हिस्सा बना लिया. वह कुछ मैचों का हिस्सा बने और तब उन्होंने सभी का ध्यान खींचा, जब केएस ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर मैच जिताया.
इस वजह से हुए टीम इंडिया से बाहर
केएस ने भारत के लिए भरत के पहले पाच टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले.चार घरेलू बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के दौरान और एक द ओवल में हुए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल में. हालाँकि उन्होंने विकेट के पीछे अपनी शानदार प्रतिभा की झलक दिखाई, लेकिन वे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे. बल्लेबाज़ी में उन्हें अक्सर अच्छी शुरुआत मिलती थी, लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में बदलने में सफल नहीं हो पाते थे. नतीजतन 2024 की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की घरेलू टेस्ट सीरीज़ के बीच में ही उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया.

भारत ने आगे सोशल मीडिया पर लिखा, 'युवा खिलाड़ियों को मेरी सलाह है कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें. लगन, अनुशासन, कड़ी मेहनत और पक्के इरादे से सपने सच ज़रूर होते हैं. अगर मैं अपना सपना पूरा कर सका, तो आप भी कर सकते हैं. BCCI और टेस्ट क्रिकेट के साथ मेरा सफ़र शायद खत्म हो गया हो, लेकिन इस खेल में मेरा सफ़र अभी भी जारी है. मैं खेलता रहूँगा, अपना योगदान देता रहूंगा और अगली पीढ़ी को गाइड करके, उन्हें मेंटर करके और कोचिंग देकर क्रिकेट को कुछ वापस देता रहूंगा. खासकर उन युवाओं को जो क्रिकेट में बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना देखते हैं. मुझे भारत से प्यार है और मुझे क्रिकेट से प्यार है. हर चीज़ के लिए आप सभी का शुक्रिया.'
संन्यास की वजह हो गई साफ
वो जमाना गया, जब क्रिकेटर 38-40 के होेने के बावजूद घरेलू क्रिकेट में डटे रहते थे. वह समय अलग था जब अमरजीत केपी लाला अमरनाथ 43 साल की उम्र तक दिल्ली और पंजाब के लिए खेलते रहे, तो उनके बाद प्रवीण तांबे ने 42 साल, संजय बांगड़ ने 40 और शितांशु कोटक ने 40 साल की उम्र तक रणजी ट्ऱॉफी खेली. जलज सक्सैना ने कई राज्यों के लिए 39 साल की उम्र तक खेली. लेकिन इनमें भात के लिए खेलने वाले इकलौते संजय बांगड़ थे. शायद 32 की उम्र में केएस भरत के संन्यास की वजह यही है कि आगे कोई रास्ता नहीं. न टीम इंडिया का और न ही आईपीएल का, तो ऐसे में कोचिंग का रास्ता भी अपने आप में सर्वश्रेष्ठ रास्ता है और केएस अब इसी रास्ते पर चलने जा रहे हैं. सोशल मीडिया में विकेटकीपर ने बता दिया है. भविष्य के लिए बहुत-बहुत बधाई.
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