\शुक्रवार को आयरलैंड के खिलाफ भारत को पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय में 34 रनों से हार का सामना करना पड़ा है. यह किसी भी फॉर्मेट में आयरलैंड के खिलाफ भारत की पहली हार है. भारतीय टीम को जीत के लिए 183 का लक्ष्य मिला था और इसके जवाब में टीम इंडिया 148 पर ढेर हो गई. वो तो अभिषेक शर्मा ने एक छोर संभाले रखा वरना स्थिति कुछ और ही होती. अभिषेक ने 20 गेंदों में 49 रनों की पारी खेली. लेकिन उन्हें भी लगा कि बेलफास्ट में कंडीशन बड़े शॉट खेलने के लिए सही नहीं थे.
अभिषेक ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,"मुझे लगता है कि विकेट में कुछ तो था. जैसे जब आयरलैंड बैटिंग कर रहा था, तो कुछ शॉट ऐसे थे जिन्हें उन्होंने अच्छे से खेला, जबकि कई शॉट ऐसे थे जिन्हें मारना मुश्किल था." "तो मुझे लगता है कि उन्होंने भारत के चेज़ के दौरान, उस मामले में अच्छी बॉलिंग की, और अपने प्लान को पूरा किया. बाकी भारत के बैट्समैन की बात करें तो, मुझे लगता है कि बहुत कम शॉट लगे. लेकिन उन्होंने बहुत अच्छी प्लानिंग की थी."
अभिषेक ने कहा,"मुझे लगता है कि एक ग्रुप के तौर पर, आयरलैंड ने बैट, बॉल और फील्ड में भी जिस तरह से खेला, वे सच में इस जीत के हकदार थे. कुछ चीजें ऐसी थीं जिन्हें हम एक टीम के तौर पर नहीं कर पाए. लेकिन आप हर मैच से छोटी-छोटी चीजें सीखते हैं और मुझे लगता है कि यह उन मैचों में से एक था. हमने बहुत कुछ सीखा. लेकिन एक ग्रुप के तौर पर उन्होंने बहुत अच्छा खेला. वे सच में जीत के हकदार थे."
बेलफ़ास्ट के परिस्थितियां भारत के अपने घर से बिल्कुल अलग थे, जैसा कि कोई भी उम्मीद कर सकता है. पिच से तेज़ गेंदबाज़ों को मदद मिल रही थी, और स्क्वायर बाउंड्री बड़ी थीं. अभिषेक ने कहा कि ठंडा मौसम "सच में पिछले तीन महीनों में हमारे सामने आई सबसे अच्छी चीज़ों में से एक थी".
उन्होंने कहा,"यह बस इस बारे में है कि हम कितनी जल्दी हालात के हिसाब से ढल जाते हैं. एक टीम के तौर पर यह सच में मायने रखता है." "क्योंकि जब आप एक ग्रुप के तौर पर लगातार गेम खेल रहे होते हैं, तो आपको आगे बढ़कर हालात के हिसाब से ढलना होता है... मुझे लगता है, एक हावी टीम के तौर पर, आपको बहुत जल्दी ढलना होता है. और आज हम यही कोशिश कर रहे थे. लेकिन बदकिस्मती से, ऐसा नहीं हुआ."
परिस्थितियों के अलावा आयरलैंड के दो तेज़ गेंदबाज़ों- जय मूंदड़ा और मैट होलार्ड, ने भारतीय बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूटे. जय ने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लिया और उन्होंने संजू सैमसन को 5 रन पर आउट कर दिया. होलार्ड ने ईशान किशन (1) और श्रेयस अय्यर (3) को आउट करके भारत का स्कोर 60/3 कर दिया था.
मूंदड़ा ने शिवम दुबे के विकेट सहित 25 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि होलार्ड ने वाशिंगटन सुंदर को भी शिकार किया. यह पूछे जाने पर कि क्या मूंदड़ा ने भारतीय बल्लेबाजों को चौंका दिया, अभिषेक ने कहा कि यह बस आयरलैंड के गेंदबाज़ों के उस दिन भारत के गेंदबाज़ों से बेहतर होने की बात थी.
उन्होंने कहा, "हमारा सभी टीमों के लिए एक ही प्लान है. हमारे वीडियो एनालिस्ट और कोच के पास सभी बॉलर्स के बारे में काफी जानकारी है." "मैं यह नहीं कहूंगा कि वह हमारे लिए कोई सरप्राइज था, लेकिन उसने बहुत अच्छी बॉलिंग की. एक बॉलिंग यूनिट के तौर पर उन्होंने जिन एरिया में बॉलिंग की, वे हमसे कहीं बेहतर थे. और इसी तरह आप एक ग्रुप के तौर पर सीखते हैं. हमें आज भी उनसे सीखने को मिला. तो यह उन गेम में से एक था."
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