पूर्व भारतीय क्रिकेटर और घरेलू क्रिकेट के दिग्गज वसीम जाफर का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 248 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया को मिडिल ऑर्डर में रिंकू सिंह की कमी खली. उन्होंने कहा कि एक बल्लेबाज के तौर पर रिंकू "बाकी सभी से मीलों आगे" हैं और भारत के लिए मैच का पासा पलट सकते थे. जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर यह बात कही.
भारत दौरे पर शानदार फॉर्म में चल रहे शाई होप के चौथे शतक के बाद लगातार दो बार की टी20 विश्व चैंपियन टीम इंडिया के सामने 248 रन का लक्ष्य था. संजू सैमसन ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक जड़ा, लेकिन इसके बावजूद टीम इंडिया जरूरी रन रेट से काफी पीछे रही.
तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी के बीच 70 रनों की साझेदारी ने भारत की उम्मीदें जगा दी थीं और स्थिति ऐसी हो गई थी कि 24 गेंदों में 59 रनों की जरूरत थी. यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता था, लेकिन दोनों बल्लेबाजों के आउट होते ही टीम इंडिया की उम्मीदें भी लगभग खत्म हो गईं. अब सीरीज का फैसला बेंगलुरु में खेले जाने वाले पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में होगा. गौरतलब है कि इस साल जुलाई में जिम्बाब्वे दौरे के बाद से रिंकू सिंह भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं और कुल मिलाकर पिछले साल से उन्हें बहुत कम मौके मिले हैं.
जाफर ने कहा, "अगर आप एक बल्लेबाज के नजरिए से देखें, तो रिंकू बाकी सभी से मीलों आगे हैं. वह नंबर पांच और छह पर कमाल की बल्लेबाजी करते हैं और ऊपर से वह बाएं हाथ के बल्लेबाज भी हैं. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह इस भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह गेंदबाजी नहीं कर सकते. मैं रजत पाटीदार की स्थिति समझ सकता हूं क्योंकि वह टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हैं और वहां कोई जगह नहीं है, लेकिन रिंकू को टीम में होना चाहिए."
उन्होंने आगे कहा, "अगर उस स्थिति में रिंकू होते तो कुछ भी हो सकता था. वह मैच का रुख बदल सकते थे. उनमें ऐसी क्षमता है और उन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट में कई बार इस तरह अपनी टीम को मैच जिताया है."
इस साल टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिंकू ने 13 मैचों की 10 पारियों में 25.33 की औसत और 139.44 के स्ट्राइक रेट से 152 रन बनाए हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 44 रन रहा है. रिंकू खास तौर पर नंबर पांच और छह पर काफी प्रभावी रहे हैं. इन दोनों स्थानों पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 22 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की 22 पारियों में 43.16 की औसत और 156 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 518 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतक भी लगाए हैं.
ऑलराउंडर नमन धीर के बारे में बात करते हुए जाफर ने कहा कि मुंबई इंडियंस के इस खिलाड़ी से पूरे चार ओवर गेंदबाजी कराने की उम्मीद करना "कुछ ज्यादा ही सोचना" होगा. उन्होंने बताया कि ऑफ स्पिनरों के लिए पावरप्ले के बाद गेंदबाजी करना मुश्किल हो जाता है, खासकर भारत में, अगर उनके पास गेंदबाजी में पर्याप्त विविधता न हो.
अब तक नमन चार मैचों में लगभग 22 की औसत से पांच विकेट लेकर भारत के सबसे सफल स्पिनर रहे हैं. हालांकि, पिछले दो मैचों में उनकी काफी पिटाई हुई है, जिसके कारण उनका इकॉनमी रेट बढ़कर लगभग 12 हो गया है. हैदराबाद में उन्होंने अपने एक ओवर में 19 रन दिए थे, जबकि इंदौर में तीन ओवर में 39 रन खर्च किए थे, हालांकि वहां उन्होंने दो विकेट भी लिए थे.
जाफर ने कहा, "अगर आपके पास विविधताएं नहीं हैं, तो ऑफ स्पिनरों के लिए पावरप्ले के बाद गेंदबाजी करना काफी मुश्किल हो जाता है. रॉस्टन चेस ऐसा कर लेते हैं और इसके लिए उन्हें श्रेय दिया जाना चाहिए. अगर आपके पास वह चतुराई या विविधता नहीं है, तो खासकर भारत में गेंदबाजी करना बहुत कठिन हो जाता है. इसलिए नमन धीर से चार ओवर गेंदबाजी कराने की उम्मीद करना कुछ ज्यादा ही बड़ी बात होगी."
जाफर ने कहा कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नमन की बल्लेबाजी बेहद महत्वपूर्ण है. हालांकि, बल्लेबाजी में इस ऑलराउंडर के लिए चीजें अब तक मुश्किल रही हैं और वह तीन पारियों में सिर्फ 14 रन ही बना सके हैं.
उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि टी20 क्रिकेट खेलने के लिए उनका बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करना बहुत जरूरी है. दुर्भाग्य से पिछले दो मैचों में ऐसा नहीं हो पाया, लेकिन उनमें यह क्षमता है कि वे आकर 25-30 रनों की तेज और उपयोगी पारी खेल सकें." इस हार के बाद सीरीज 2-2 से बराबरी पर आ गई है. अब 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में दोनों टीमों के बीच रोमांचक निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा.
होप ने 50 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए, जिसमें चार चौके और नौ छक्के शामिल रहे. यह इस भारत दौरे पर उनका चौथा शतक और मौजूदा टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा शतक रहा. वहीं, कीमो ने 41 रन देकर पांच विकेट झटके और शुरुआत से ही भारत की बल्लेबाजी पर दबाव बनाए रखा.
वेस्टइंडीज के लिए शिमरोन हेटमायर ने 12 गेंदों में 33 रन बनाए, जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल थे. वहीं, शेरफेन रदरफोर्ड ने 26 गेंदों में नाबाद 49 रन की पारी खेली, जिसमें छह चौके और तीन छक्के लगाए. इन पारियों की बदौलत वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 247 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया.
भारत की ओर से संजू सैमसन ने 22 गेंदों में 56 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें छह चौके और चार छक्के शामिल रहे. तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 43 रन बनाए, जबकि नितीश कुमार रेड्डी ने 20 गेंदों में 41 रन जोड़े. दोनों के बीच हुई 70 रनों की साझेदारी ने भारत को मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन उनके आउट होते ही टीम की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा. आखिरी ओवर के दौरान अर्शदीप सिंह के हाथ में चोट लग गई, जिसके कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा. अंततः भारतीय टीम लक्ष्य से 25 रन पीछे रह गई और मुकाबला गंवा बैठी.
(ANI इनपुट के साथ)
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