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दिल्ली में नो एंट्री तो मुंबई में इट्स ओके, CJP प्रोटेस्ट पर ये कैसा सिस्टम? आज के तिरंगा मार्च पर नजर

दिल्ली-मुंबई, एक देश की राजधानी तो दूसरी आर्थिक राजधानी. बीते कुछ दिनों से दोनों लगातार प्रदर्शन की वजह से चर्चा में है. सीजेपी प्रोटेस्ट के लिए दिल्ली में तो लाख पाबंदियां नजर आती हैं, लेकिन मुंबई में ऐसी सख्ती नहीं दिखती.

दिल्ली में नो एंट्री तो मुंबई में इट्स ओके, CJP प्रोटेस्ट पर ये कैसा सिस्टम? आज के तिरंगा मार्च पर नजर
CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली में तो लाख सख्ती नजर आती है, लेकिन मुंबई में ऐसा कुछ नहीं दिखता.
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  • CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली और मुंबई में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं.
  • दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम दिखते हैं, लेकिन मुंबई में ऐसी पाबंदी नहीं दिखती.
  • आज दिल्ली के सीपी स्थित सेंट्रल पार्क तो मुंबई के आजाद मैदान में सीजेपी ने तिरंगा मार्च बुलाया है.
नई दिल्ली/मुंबई:

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है. दिल्ली और मुंबई इसके दो प्रमुख केंद्र हैं. कांग्रेस की नेतृत्व वाली विपक्षी इंडिया गठबंधन के साथ-साथ कॉकरोच जनता पार्टी, वामपंथी छात्र संगठन आइसा सहित कई अन्य सामाजिक संगठन लगातार इस मु्द्दे पर आवाज बुलंद कर रहे हैं. लेकिन इस विरोध प्रदर्शन के दो प्रमुख केंद्र दिल्ली-मुंबई से अभी तक जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो अलग ही नजारा पेश करते हैं. दिल्ली में विपक्षी राजनीतिक दलों का प्रदर्शन तो हो रहा है, लेकिन बात जब सीजेपी प्रोटेस्ट की आती हैं तो दिल्ली छावनी में बदल जाती है. हजारों जवानों की तैनाती, धारा 163 सहित तमाम सख्ती लागू हो जाती हैं. 

दिल्ली में सख्ती लेकिन मुंबई में कोई दिक्कत नहीं

लेकिन यही कॉकरोच जनता पार्टी जब मुंबई में विरोध-प्रदर्शन करती है तो वहां दिल्ली जैसी सख्ती नजर नहीं आती. अब कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने शुक्रवार 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च का आवाह्न किया है. सीजेपी के तिरंगा मार्च से पहले NDMC ने सीपी के सेंट्रल पार्क को दो दिनों के बंद कर दिया है. 

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सेंट्रल पार्क तिरंगा मार्च में सिर्फ 11 लोगों को जाने की मंजूरी

कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि आम लोगों को इस प्रदर्शन में शामिल नहीं होना चाहिए. इसके साथ ही पुलिस ने कहा कि वह केवल 11 लोगों के एक समूह को राष्ट्रीय ध्वज लेकर और राष्ट्रगान गाने की अनुमति देने पर विचार कर सकती है. 

मुंबई के आजाद मैदान में तिरंगा मार्च को मिली इजाजत

दिल्ली के साथ-साथ कॉकरोच जनता पार्टी ने शुक्रवार 16 अक्टूबर को मुंबई में तिरंगा मार्च निकालने की तैयारी की है. दिल्ली पुलिस ने तो सीजेपी तिरंगा मार्च को अनुमति नहीं दी है, लेकिन मुंबई पुलिस से सीजेपी को तिरंगा मार्च के लिए इजाजत मिल गई है. मुंबई पुलिस से मिली जानकारी के  अनुसार, CJP को मुंबई के आजाद मैदान में एक दिवसीय 'तिरंगा मार्च' निकालने की अनुमति दे दी गई है, क्योंकि यह जगह इस तरह के विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित है.

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10 अक्टूबर को जंतर-मंतर कॉल पर दिखी थी गजब की सख्ती

इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बुलाए गए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में भी दिल्ली में अभूतपूर्व सख्ती देखी गई थी. सबसे पहले तो इस प्रदर्शन को मंजूरी नहीं दी गई थी. फिर सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत दिल्ली में करीब 25,000 से 35,000 सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. सैकड़ों ट्रेन रद्द कर दिए गए थे. कई मेट्रो स्टेशन और सीमाएं बंद कर दी गई थीं.

2 अक्टूबर को मुंबई जुटी थी हजारों की भीड़, फिर भी लव यू पुलिस बोलते गए थे CJP 

लेकिन मुंबई में कुछ ऐसा हुआ कि कॉकरोच 'लव यू मुंबई पुलिस' कहते हुए विरोध-प्रदर्शन से लौटे थे. 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में हजारों लोगों की भीड़ थी. लॉ-एंड-ऑर्डर के लिए पुलिस की भारी तैनाती भी की गई थी. 

लेकिन तनावपूर्ण माहौल के बावजूद न तो लाठी चली और न ही किसी पर हाथ उठाया गया? शिवाजी पार्क में हुआ यह प्रदर्शन खत्म होने के बाद एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब प्रदर्शनकारी "लव यू मुंबई पुलिस" कहते हुए लौटे. 

दिल्ली मुंबई में कैसे बदल रहा सिस्टम?

अब सवाल उठता है कि जिस कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली में प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिलती, फ्लाइट से टॉप नेताओं को हिरासत में ले लिया जाता है, उन्हीं लोगों को मुंबई में प्रदर्शन करने की इतनी जमीन कैसे मिल जा रही है? इस सवाल के जवाब के पीछे दो तर्क गिनाए जा रहे हैं. 

पहली यह संदेश नहीं जाए कि सरकार विरोधियों को दबा रहीं. दूसरी दिल्ली का अपना प्रशासनिक महत्व हैं. जंतर-मंतर, सीपी दिल्ली के वो जगह हैं जहां से संसद, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास, मंत्रालयों के भवन सहित तमाम प्रशासनिक कार्यालय आस-पास में ही हैं. दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने के आसार अधिक हैं. जानकारों का यह भी कहना है कि दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की धमक ज्यादा दूर तक जाती है. नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चले लंबे प्रदर्शन के समय भी यह हुआ था. 

यह भी पढे़ं - क्यों 'लव यू मुंबई पुलिस' कहते हुए लौटे कॉकरोच, ना लाठी चली और ना थप्पड़ पड़ा

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