भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने कप्तान शुभमन गिल की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके पास टीम का नेतृत्व करने के लिए सही दृष्टिकोण और इच्छाशक्ति है. कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के पहले वनडे से पहले जियोस्टार से बात करते हुए गिल और अपनी बल्लेबाजी को लेकर विचार साझा किए. कोहली ने कहा, ‘‘ शुभमन अभी कप्तानी के गुर सीख रहे हैं, इस भूमिका में वह अभी नए हैं, लेकिन उनके पास भारतीय टीम का नेतृत्व करने के लिए सही दृष्टिकोण और इच्छाशक्ति है,''
कोहली को गिल की रणनीति बनाने में स्पष्टता और चीजों को सही तरीके से करने का इरादा प्रभावशाली लगता है. उन्होंने कहा, ‘‘मैदान पर टीम की रणनीति को लेकर उनकी राय स्पष्ट होती है. निश्चित तौर पर अधिक अनुभव लेने और परिस्थितियों की समझ के साथ वह सुधार करते रहेंगे जैसा कि प्रत्येक कप्तान करता है.'' कोहली ने कहा, ‘‘लेकिन उनमें भारतीय क्रिकेट टीम का सही तरीके से नेतृत्व करने की इच्छाशक्ति है, जो महत्वपूर्ण होता है. इसलिए मुझे लगता है कि वह लंबे समय तक कप्तानी करेंगे.'' कोहली को लगता है कि गिल में अपने विरोधियों से एक कदम आगे रहने की योग्यता है.
उन्होंने कहा, ‘‘वह बल्लेबाजों को मैदान पर उतारने के लिए नए-नए तरीके सोचते हैं, जो हमेशा कुछ अलग करने या एक कदम आगे रहने का संकेत है, वह बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए अलग-अलग तरह से क्षेत्ररक्षण सजाते हैं और विशेष तरह का गेंदबाजी आक्रमण लाने में संकोच नहीं करते,'' जल्द ही 38 साल के होने वाले कोहली ने पिछले 10 वनडे मैचों में तीन शतक, एक 90 से अधिक रन की पारी और चार अर्धशतक बनाए हैं. वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केवल वनडे प्रारूप में खेलते हैं.
भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग दौर की तुलना करते समय विराट कोहली ने अपनी राय रखी, उन्होंने माना है कि शुभमन गिल की कप्तानी वाली मौजूदा व्हाइट-बॉल टीम, 2015 में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली टीम से बेहतर है. कोहली का मानना है कि भारत की मौजूदा टीम और एक दशक पहले ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड गई टीम के बीच कोई तुलना ही नहीं हो सकती, उस समय टीम कुछ गिने-चुने अनुभवी खिलाड़ियों पर बहुत ज्यादा निर्भर थी, जबकि बाकी खिलाड़ी इंटरनेशनल लेवल पर अपनी जगह बनाने की कोशिश ही कर रहे थे. लेकिन इस टीम में टैलेंटेड खिलाड़ी काफी ज्यादा हैं.
कोहली ने कहा, "आज वह निर्भरता लगभग खत्म हो गई है क्योंकि भारत के चार विकेट गिरने के बाद भी टीम में मैच जिताने वाले खिलाड़ी मौजूद रहते हैं, जिओस्टार के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "हमारे पास जितना टैलेंट है और खिलाड़ियों में अब जो संयम है, वह शायद 2015 के मुकाबले कहीं ज़्यादा है, हम तब युवा थे, टीम में ज्यादा अनुभव नहीं था. बेशक, धोनी थे, मैंने काफी मैच खेले थे, रोहित ने कुछ मैच खेले थे, शिखर भी थे, लेकिन ऐसा नहीं था कि आप असरदार प्रदर्शन के लिए पूरी तरह से उन्हीं खिलाड़ियों पर भरोसा कर सकें."
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