पूर्व भारतीय विकेटकीपर विजय दहिया को शुक्रवार को फिर दिल्ली रणजी ट्रॉफी टीम के मुख्य कोच के रूप में नियुक्त किया गया क्योंकि दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ ने 48 कोच, मेंटोर और ‘हाई परफॉर्मेंस सेंटर' के स्टाफ के नाम घोषित किए. सीनियर पुरुषों से लेकर अंडर-14 तक कुल 22 कोच (मुख्य कोच, सहायक कोच, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण कोच) नियुक्त किए गए जबकि विभिन्न महिला टीम में भी 18 कोच नियुक्त किए गए. पुरुष वर्ग में विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा और महिला वर्ग में पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता की बचपन की कोच सुनीता शर्मा को ‘प्रदेश का मेंटोर' बनाया गया.
दिल्ली के मुख्य कोच पद के लिए दहिया और राजकुमार के बीच दोतरफा मुकाबला था. दहिया के नेतृत्व में दिल्ली ने आखिरी बार रणजी ट्रॉफी के साथ विजय हजारे ट्रॉफी जीती थी. एक सीनियर पदाधिकारी ने पीटीआई कहा, 'दहिया पहली पसंद थे क्योंकि वह शीर्ष स्तर के कोच रहे हैं और उन्हें सफलता मिली है. एक बार दहिया को कोच बनाए जाने के बाद डीडीसीए के एक गुट की ओर से राजकुमार के लिए भी पद बनाने का दबाव था. इसलिए ‘प्रदेश का मेंटोर' का पद बनाया गया.'
दिल्ली के लिए खेलते समय हमेशा विवादास्पद चयन रहे क्षितिज शर्मा को सहायक बल्लेबाजी कोच बनाया गया है जबकि दो तेज गेंदबाजी कोच संजीव शर्मा और परविंदर अवाना के साथ क्षेत्ररक्षण कोच कुलदीप रावत हैं.
पूर्व भारतीय टेस्ट खिलाड़ी और 1983 विश्व कप के नायक मदन लाल के बेटे कुणाल लाल को भी अंडर-19 सहायक क्षेत्ररक्षण कोच के रूप में नियुक्ति मिली है.
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