वर्ल्ड क्रिकेट के वंडर वॉय वैभव सूर्यवंशी ने अपना रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन जारी रखकर भारत ए की तरफ से खेलते हुए रविवार को श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में केवल 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और इस तरह से लिस्ट ए में सबसे तेज अर्धशतक का 21 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. इस 15 वर्षीय इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन फाइनल के लिए बचा रखा था. वैभव ने अपनी शुरुआती 11 गेंदों में सिर्फ एक डॉट बॉल खेली थी. बाकी गेंदों में उन्होंने या तो चौका लगाया या फिर छक्का. वैभव के कोहराम का असर यह रहा कि एक समय भारत का प्रोजेक्टेड स्कोर 900 का दिखा रहा था.
वैभव इस तरह कहर बरपा रहे थे कि भारत ने 6 ओवर के खत्म होने पर 99 रन बटोर लिए थे. लग रहा था कि वैभव घर से सेट होकर आए थे. 50 ओवर के फॉर्मेट में वह टी20 स्ट्राइल बल्लेबाजी कर रहे थे.8 ओवर के पूरे होने पर भारत का स्कोर 123 था. हालांकि, इसके अगले ओवर में वैभव आउट हुए. लेकिन उनके आउट होने से पहले तक भारत का स्कोर 800 से ऊपर ही रहा.
VAIBHAV SOORYAVANSHI, HAVE MERCY! 😭🔥
— Rohan ⚽️🇮🇳🇩🇪 (@imron0175) June 21, 2026
910 projected runs in a 50-over international game?! Bro is treating international cricket like a net practice session. Pakistaniyo, happy now? 😎😆 pic.twitter.com/Z1lNPMVGFa
When Vaibhav Sooryavanshi plays, Everything looks AI.
— Kashif (@KashifNdmCric) June 21, 2026
The broadcaster showing projected score 900 🤯 pic.twitter.com/zsl2tQmkXR
Vaibhav sooryavanshi missed by just 2 run to broke the Raina record of 87(25). pic.twitter.com/MlFiTkDet2
— Kartik Sharma (@KartikSharmaFC) June 21, 2026
Complete vengeance from Vaibhav Sooryavanshi. pic.twitter.com/GGCIl3EsEX
— Faiz Fazel (@theFaizFazel) June 21, 2026
वैभव के आउट होने के बाद भारत को अगले ओवर में प्रियांश के रूप में दूसरा झटका लगा. इसके बाद ऋतुराज गायकवाड़ और तिलक वर्मा ने साझेदारी का प्रयास किया. दोनों शुरुआत में संभल कर खेलते नजर आए. 15 ओवर के बाद भारत का स्कोर 150 पार था और रन रेट 10 से ऊपर का, जबकि इस दौरान 10-15 ओवर के बीच भारत ने सिर्फ 13 रन बटोरे थे.
लिस्ट ए में सबसे तेज अर्द्धशतक
सूर्यवंशी ने इस दौरान श्रीलंका के कौशल्या वीररत्ने की लिस्ट ए में बनाए गए सबसे तेज अर्धशतक के रिकॉर्ड को तोड़ा. वीररत्ने ने 2005 में 12 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी. सूर्यवंशी लिस्ट ए में संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक बनाने के करीब थे, लेकिन उन्होंने नौवें ओवर में मिड-ऑफ पर कैच दे दिया. उस समय भारतीय टीम का स्कोर 132 रन था. उन्होंने श्रीलंका की गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाते हुए पांच छक्के और उतने ही चौकों की मदद से अर्धशतक पूरा किया.
लीग चरण में बड़ा स्कोर न बना पाने के बाद सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने जिन पहली पांच गेंदों का सामना किया उन पर दो छक्के और तीन चौके लगाए. सूर्यवंशी ने तेज गेंदबाज दुलज समुदिता की गेंदों पर दो छक्के लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया. एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से लगाए गए उनके तीन छक्के उनकी पारी की मुख्य विशेषता थे.
सूर्यवंशी जेक फ्रेजर मैकगर्क के 29 गेंदों में शतक के रिकॉर्ड की बराबरी करने के बेहद करीब थे, लेकिन छक्का जड़ने के प्रयास में आउट हो गए. सूर्यवंशी ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया था. इसके बाद उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुना गया. इस दौरे के दौरान उन्हें सीनियर स्तर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है.
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