खेले जा रहे T20 World Cup 2026 में ग्रुप स्टेज खत्म होने को है. और अगले कुछ दिनों में ही सुपर-8 राउंड का आगाज हो जाएगा. सात टीमों ने मंगलवार तक इस राउंड में जगह बना ली है. और एक टीम बाकी है. इस राउंड में हर टीम को तीन मैच खेलने को मिलेंगे. इस राउंड की 7 टीमें तय हो चुकी हैं और आठवीं टीम आज तय होगी. पाकिस्तान और यूएई के बीच में से कोई एक इस ग्रुप का हिस्सा बनेगी. टीम इंडिया शनिवार को अपना पहला मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी. बहरहाल, लीग दौर के मुकाबले के बाद यह राउंड भी लगभग समान नियमों के साथ खेला जाएगा.
1. अगर मैचों में आई बारिश, तो:
ग्रुप स्टेज की तरह ही सुपर-8 राउंड में मैच में परिणाम निकालने के लिए दोनों टीमों का पांच-पांच ओवर बैटिंग करना जरूरी है.इस ग्रुप में भी मैच बारिश से धुलने की सूरत में रिजर्व डे का प्रावधान नहीं है. मैच धुलने की सूरत में प्वाइंट्स का बंटवारा होगा.
2. मैच देरी या बारिश की सूरत में अतिरिक्त समय
यहां भी मैच में वही नियम काम करेगा, जो ग्रुप स्टेज में रहा था. मतलब इस स्थिति में भी मैच में परिणाम निकालने के लिए अतिरिक्त 60 मिनट के नियम का प्रावधान है. इसके अलावा ग्रुप स्टेज की तरह ही हर टीम को दो विफल रिव्यू और 60 सेंकेड स्टॉप क्लाक का नियम लागू होगा.
3. क्या है 60 सेकेंड का स्टॉप क्लॉक का नियम:
इस नियम के तहत ओवर की आखिरी गेंद जब डेड बॉल घोषित कर दी जाती है, तो उस गेंद पर कोई भी डीआरएस रिव्यू खत्म हो जाता है, तो यहां से थर्ड अंपायर उल्टी गिनती शुरू कर देता है. स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर 0-60 सेकेंड का समय चलता है, ताकि दोनों टीमों को बचे समय की जानकारी रहे.
देरी करने पर अंपायर लेते हैं यह फैसला:
अगर कोई खेल शुरू होने 60 सेकेंड से ज्यादा समय लेती है, तो अंपायर फील्डिंग करने वाली टीम के कप्तान को मौखिक चेतावनी देंगे.नियम के दूसरी बार उल्लंघन पर ऑन फील्ड अंपायर आखिरी चेतावनी देंगे. यदि तीसरी बार यह दोहराया गया, तो बल्लेबाजी करने वाली टीम को पांच पेनल्टी रन दे दिए जाएंगे.
इन हालात में अंपायर टाइमर को रोक या रद्द कर सकते हैं:
नया बल्लेबाज के आउट होने के बाद ओवरों के बीच नए बल्लेबाज़ के आने पर, तो ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान आधिकारिक रूप से निर्धारित पेय-पान विराम के दौरान टाइमर रोक दिया जाता है. वहीं, चोट के इलाज के दौरान भी टाइमर रोक दिया जाता है. कुछ ऐसा ही बल्लेबाज या फील्डर को मैदान पर उपचार की अनुमति मिलने पर होता है. इन तमाम बातों से अलग ऐसी परिस्थितियाँ जो फील्डिंग टीम के नियंत्रण में न हों, जैसे—खोई हुई गेंद, टूटे उपकरण, या बल्लेबाज़ी टीम द्वारा की गई देरी की स्थिति में भी थर्ड अंपायर 60 सेकेंड के टाइमर का इस्तेमाल रोक देता है.
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