विज्ञापन

'कभी श्रेय नहीं मिला जिसके हकदार थे' सुनील गावस्कर ने अजिंक्य रहाणे की जमकर की तारीफ, राहुल द्रविड़ से की तुलना

सुनील गावस्कर ने अजिंक्य रहाणे की जमकर तारीफ की है और उनकी कप्तानी की तुलना राहुल द्रविड़ से की है.

'कभी श्रेय नहीं मिला जिसके हकदार थे' सुनील गावस्कर ने अजिंक्य रहाणे की जमकर की तारीफ, राहुल द्रविड़ से की तुलना
Sunil Gavaskar on Ajinkya Rahane Compare to Rahul Dravid

अजिंक्य रहाण ने बीते दिनों क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान किया था इसके बाद भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने अजिंक्य रहाणे की जमकर तारीफ़ की है. रहाणे अक्सर बिना अधिक चर्चा में रहे बना अपना काम करते रहते थे. 38 साल के रहाणे ने कप्तान के तौर पर भी अपनी काबिलियत साबित की थी. जब भी विराट कोहली उपलब्ध नहीं होते थे, उन्होंने टेस्ट मैचों में टीम की कमान संभाली. रहाणे की सबसे बड़ी उपलब्धि 2020-21 में मुश्किल हालात के बावजूद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी जीतना है. इस सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया 36 पर ऑल-आउट हो गई थी. इसके बाद मेहमान टीम के कई खिलाड़ी चोटिल हुए. लेकिन फिर भी भारत ने 0-1 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए सीरीज़ 2-1 से अपने नाम की. 

रहाणे के बारे में बात करते हुए गावस्कर ने कहा कि यह दाएं हाथ का बल्लेबाज़ हमेशा लाइमलाइट से दूर रहे और कप्तान के तौर पर उन्हें कभी वह श्रेय नहीं मिला जिसके वह हकदार थे. 1983 वर्ल्ड कप विजेता ने रहाणे की तुलना राहुल द्रविड़ से भी की. गावस्कर ने 'मिड-डे' के लिए अपने कॉलम में लिखा,"कप्तान के तौर पर उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है. उन्होंने छह में से चार मैच जीते हैं और एक भी नहीं हारे हैं. राहुल द्रविड़ की तरह-जिनकी कप्तानी में टीम ने कई शानदार जीत हासिल कीं, लेकिन उन्हें कभी वह श्रेय नहीं मिला जिसके वे हकदार थे-रहाणे की लीडरशिप को भी उतनी तारीफ नहीं मिली, जिसके वे हकदार थे."

सुनील गावस्कर ने आगे लिखा,"भारतीय क्रिकेट में ऐसा ही होता है. जब टीम जीतती है, तो सारी तारीफ़ अच्छा खेलने वाले खिलाड़ियों (चाहे वे बल्लेबाज़ हों या गेंदबाज़) को मिलती है, लेकिन जब टीम हारती है, तो कप्तान और कोच को दोषी ठहराया जाता है."

2020-21 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सीरीज़ में रहाणे ने आगे बढ़कर टीम की कमान संभाली। एडिलेड में मिली करारी हार के ठीक बाद अगले ही टेस्ट में उन्होंने शतक लगाया और भारत की जीत की राह आसान की. गावस्कर ने लिखा,"ऑस्ट्रेलिया में 2021 सीरीज़ के पहले टेस्ट में टीम के 36 रन पर ऑल आउट होने और मनोबल टूटने के बाद, रहाणे और रवि शास्त्री ने ही टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला. उप-कप्तान ने डूबती हुई टीम की कमान संभाली और न सिर्फ़ उसे सुरक्षित स्थिति में पहुंचाया, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के मज़बूत गढ़ 'द गाबा' में भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई और साथ ही सीरीज़ भी जिताई."

उन्होंने आगे लिखा,"असल में, सीरीज़ के आखिरी टेस्ट में, जब चोट की वजह से ज़्यादातर बड़े खिलाड़ी उपलब्ध नहीं थे, तब भारत ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी सबसे शानदार जीतों में से एक हासिल की. ​​इससे एक बार फिर साबित हो गया - अगर कभी इसकी ज़रूरत थी - कि इस खेल में कोई भी खिलाड़ी अपरिहार्य नहीं है."

गावस्कर का यह भी मानना ​​है कि रहाणे गर्व के साथ विदा ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि दाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ ने अपने करियर में एक भी दुश्मन नहीं बनाया और दुनिया में बहुत कम खिलाड़ी ही ऐसा कह सकते हैं. गावस्कर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा,"रहाणे गर्व के साथ और क्रिकेट प्रेमियों के सच्चे धन्यवाद के साथ खेल से विदा ले रहे हैं, क्योंकि उन्होंने पूरी तरह निस्वार्थ भाव से खेल खेला. बहुत कम क्रिकेटरों के बारे में ऐसा कहा जा सकता है कि खेल में उनका एक भी दुश्मन नहीं था. मेरी जानकारी और अनुभव के अनुसार, शायद ऐसे एक दर्जन से भी कम खिलाड़ी हैं. अजिंक्य रहाणे अपने खास विनम्र स्वभाव के साथ उस सूची में अपनी जगह बना सकते हैं."

यह भी पढ़ें: 'वह उपकप्तान था' हैरी ब्रूक की जगह जो रूट को कप्तान बनाने पर इंग्लैंड क्रिकेट पर भड़के बेन स्टोक्स

यह भी पढ़ें: रवींद्र जडेजा एक बदलाव से हुए और खूंखार, श्रीलंका दौरे पर मचाएंगे कोहराम, पूर्व दिग्गज का बड़ा बयान

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
India, Ajinkya Madhukar Rahane, Rahul Dravid, Sunil Gavaskar, Cricket
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com