
- साल 2008 के आईपीएल उद्घाटन संस्करण में हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ मारने की घटना को अंजाम दिया था
- तत्कालीन आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने 17 साल बाद इस विवादित घटना का वीडियो सार्वजनिक किया
- हरभजन को 11 मैचों का प्रतिबंध मिला था जिससे उनकी करियर और टीम को नुकसान हुआ था
Harbhajan Singh's slapgate: करीब 17 साल पहले साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2008) के उद्घाटक संस्करण में हुआ बहुचर्चित हरभजन स्लैपकांड के जिन्न पहली बार आम क्रिकेट फैंस से रूबरू शुक्रवार को हुआ. तत्कालीन आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी (Modi releases slapgate vides) ने घटना के करीब 17 साल बाद वीडियो जारी किया, तो आज की पीढ़ी को भी पता चल गया कि वास्तव में हुआ क्या था. फैंस इस पर रिएक्ट कर रहे हैं. बड़ी संख्या में फैंस ह भी कह रहे हैं कि इस घटना के लिए भज्जी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए थी. लेकिन सच यह कि इस घटना के लिए हरभजन को खासा नुकसान झेलना पड़ा था.
लगा था इतने मैचों का प्रतिबंध
साल 2008 में हरभजन मुंबई इंडियंस टीम के सदस्य थे. और उन्हें श्रीसंत पर हाथ उठाने के लिए 11 मैचों का प्रतिबंध झेलना पड़ा था. मैच के बाद मैच रैफरी के समक्ष हुई सुनवाई में भज्जी ने माफी मांगी, लेकिन बीसीसीआई इस घटना को लेकर एक उदाहरण स्थापित करना चाहता था. इसलिए भज्जी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया गया, जिससे आगे भविष्य में ऐसी किसी भी घटना का दोहराव न हो.

ऑफ स्पिनर को हुआ इतना मोटा नुकसान
पहले संस्करण में हरभजन की फीस करीब 3 करोड़ 40,00000 लाख रुपये थी. लेकिन ऑफ स्पिनर को 11 मैचों का प्रतिबंध झेलने के बाद दो ही मैचों की फीस नसीब हुई. और उन्हें करीब 52 लाख और 30 हजार रुपये ही बतौर फीस के रूप में मिले. और हरभजन सिंह को एक थप्पड़ की कीमत करीब 2 करोड़, 87 लाख और 69 हजार रुपये के आस-पास पड़ी.