- शुभमन गिल ने कहा कि वे जहां हैं वहीं होना उनकी किस्मत में लिखा है और कोई उसे छीन नहीं सकता
- रोहित शर्मा के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद शुभमन गिल को युवा टीम में कप्तानी का अवसर मिला था
- गिल ने टी20 वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन किया और 15 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं बनाया
Shubman Gill: "मेरा मानना है कि मैं वहीं हूं जहां मुझे होना चाहिए. मेरी तकदीर में जो लिखा है उसे कोई मुझसे नहीं छीन सकता" न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज से पहले शुभमन गिल का यह बयान टी20 वर्ल्ड कप टीम से ड्रॉप होने पर आया है. अगर पृथ्वी शॉ गलतियां नहीं करते तो कौन जानता है कि शुभमन गिल कभी टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर भी पाते या नहीं. अगर हार्दिक मुंबई जाने का फैसला नहीं लेते तो क्या शुभमन गिल को गुजरात की कप्तानी मिलती, अगर बुमराह ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर चोटिल नहीं होते और उनके वर्कलोड को लेकर सवाल नहीं होता तो क्या गिल को टेस्ट कप्तानी मिलती? गिल ने कहा है कि जो किस्मत में होगा वो मिलेगा. भारतीय टेस्ट कप्तान को हमेशा किस्मत का साथ मिला. लेकिन क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में जब उन्हें 'कर्म' करना था, वो फ्लॉप हुए और उन्हें बाहर बैठना पड़ा. बात सिर्फ गिल के फ्लॉप होने की नहीं थी बल्कि उनके आने से संजू सैमसन को लगातार खुद को साबित कर रहे थे, उन्हें बाहर बैठना पड़ा. इसके अलावा जायसवाल भी बाहर थे. ऐसे में फैंस और पंडित लगातार सवाल पूछ रहे थे. इन्हीं सवालों का जवाब ढूंढने के लिए चयनकर्तानओं की बैठक हुई तो राय एकमत नहीं थी.
'रोहित के संन्यास के बाद नहीं था कोई विकल्प'
ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद रोहित शर्मा ने टेस्ट से रिटायरमेंट लेने का फैसला लिया. रोहित ने ऐसे समय रिटायरमेंट लिया था, जब खबरें थी कि उन्हें कप्तानी से हटाया जा सकता है. रोहित के लाल गेंद क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि उनकी जगह कप्तान कौन होगा. जसप्रीत बुमराह चोटिल होने के चलते लंबे समय तक बाहर रहे थे, सेलेक्टर्स किसी सीनियर की जगह एक युवा खिलाड़ी के इर्द-गिर्द युवा खिलाड़ियों की एक नई टीम खड़ा करना चाहते थे.
सेलेक्टर्स भविष्य का सोच रहे थे. शुभमन गिल को यहां भाग्य का साथ मिला. क्योंकि पंत और राहुल सीनियर दर्जे में थे. ऐसे में एक ही विकल्प बचा और वो रहा शुभमन गिल का. गिल को इसके बाद वनडे की कमान भी मिली और फिर टी20 फॉर्मेट में उन्हें डिप्टी बनाया गया. एशिया कप 2025 से पहले शुभमन गिल को टी20 टीम में जगह दी गई. फैसले से स्पष्ट समझ आया कि गिल सूर्या के बाद इस फॉर्मेट के भी कप्तान बनेंगे. यहां तक सब कुछ ठीक चल रहा था. गिल को 'किस्मत' का साथ मिल चुका था और उन्हें अब 'कर्म' करना था.
लेकिन फिर हुई गिल से 'गंभीर' चूक
गिल यहीं पर चूक गए. टी20 अंतरराष्ट्रीय में वापसी के बाद से शुभमन गिल बुरी तरह फ्लॉप हुए. दूसरी तरफ प्लेइंग इलेवन से संजू सैमसन को बाहर बैठना पड़ा. घरेलू सर्किट में ईशान किशन धूम मचा रहे थे और लगातार टीम इंडिया का दरवाजा खटखटा रहे थे. गिल पर चौंतरफा दवाब था. गिल को जहां निखर कर आना था, वहां वो चूक गए.
10 सितंबर 2025 के बाद से 14 दिसंबर तक गिल ने 15 पारियां खेलीं और इस दौरान वह एक भी अर्द्धशतक नहीं जड़ पाए. उनका सर्वोच्च स्कोर 46 का रहा. जबकि पांच मौकों पर वह दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके. शुभमन गिल उपकप्तान थे, ऐसे में वो टीम में रह सकते थे, लेकिन सवाल संजू सैमसन को लेकर था. क्योंकि संजू सैमसन का बल्ला आग उगल रहा था. रोहित और विराट के टी20 फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाज से संजू ने तीन शतकीय पारी खेली. जबकि दो मौकों पर वह अर्द्धशतक लगाने में सफल रहे.
संजू ने 27 मैचों की 22 पारियों में 158.17 की स्ट्राइक रेट से 658 रन बनाए. संजू को छोड़ दें तो सवाल यशस्वी जायसवाल को लेकर भी रहा, जो बिना किसी गलती के टी20 टीम से बाहर हुए. गिल को बाहर करने में मैनेजमेंट को एक अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाने का विकल्प मिलता. गिल को टीम में रखने पर चयनकर्तान भी एकमत नहीं रहे. ऐसे में बीसीसीआई सचिव को सामने आना पड़ा. गिल को उनकी जगह गंवानी पड़ी. संजय मांजरेकर जैसे कमेंटेटर ने सवाल उठाए थे कि एक फॉर्मेट के आधार पर आप किसी को कप्तान नहीं सौंप सकते, अंत में उनकी भविष्यवाणी सच साबित होती दिख रही है. अगर गिल को वापसी करनी है तो उन्हें आईपीएल 2026 में दमदार प्रदर्शन करना होगा.
यह भी पढ़ें: T20 World Cup: टी20 वर्ल्ड कप टीम से ड्रॉप होने पर सेलेक्टर्स पर क्या बोले शुभमन गिल?
यह भी पढ़ें: Video: सुनील गावस्कर ने जेमिमा रोड्रिग्स को दिया खास गिफ्ट, निभाया वर्ल्ड कप का अपना वादा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं