टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज शिखर धवन ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय टीम में खिलाड़ियों के चयन में क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता लेकिन उन्होंने माना कि इस प्रक्रिया में किस्मत भी भूमिका निभा सकती है. धवन से श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पूछा गया कि क्या जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव होता है क्योंकि उन्हें अधिक मौके नहीं मिलते तो उन्होंने कहा, 'नहीं, निश्चित रूप से कोई भेदभाव नहीं होता.'
'आपका खेल ही आपकी पहचान बनता है'
पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, 'अगर आप अच्छा खेलते हैं तो दुनिया में कोई भी आपको बाहर नहीं रख सकता. आपका खेल ही आपकी पहचान बनता है. कभी-कभी किस्मत भी भूमिका निभाती है. यह सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है. चाहे दिल्ली का लड़का हो या मुंबई का, आपको ऐसे कई उदाहरण मिलेंगे जहां कोई खिलाड़ी मौके का हकदार था लेकिन उसे मौका नहीं मिला और उसकी जगह किसी और को चुन लिया गया. यह खेल का ही एक हिस्सा है.'
मार्च के पहले हफ्ते में शुरू होगा टूर्नामेंट
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ‘प्रो स्टार क्रिकेट लीग' दूसरे सेशन की शुरुआत की घोषणा करने के लिए बुलाई गई थी. यह टूर्नामेंट अगले साल मार्च के पहले हफ्ते में शुरू होगा. इसकी शुरुआत श्रीनगर से होगी और फाइनल देहरादून में होगा. धवन को जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटर परवेज रसूल के साथ लीग का ‘आइकॉनिक खिलाड़ी' घोषित किया गया.
भारत के लिए और आईपीएल में खेल चुके रसूल और तेज गेंदबाज उमरान मलिक का जिक्र करते हुए धवन ने कहा कि इन खिलाड़ियों को एक शानदार मंच मिला. हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि खिलाड़ी उस स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करें.
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