Sanjay Manjrekar on IPL Impact Player Rule: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्टार संजय मांजरेकर ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम की आलोचन करते हुए कहा है कि यह वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी के विकास को रोक सकता है. 15 साल के युवा सनसनी वैभव ने क्रिकेट जगत में सनसनी मचा रखी है. उन्होंने अपनी टीम राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है. 14 मैचों में 583 रनों के साथ वह सीजन के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल हैं. जहां एक तरफ उनकी बल्लेबाजी की जमकर तारीफ हो रही है, दूसरी तरफ उनकी फील्डिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इम्पैक्ट प्लेयर नियम के चलते सूर्यवंशी कभी कभार ही फील्ड पर दिखते हैं और इससे मांजरेकर चिंतित दिखते हैं.
स्पोर्टस्टार के इनसाइड एज पॉडकास्ट पर बात करते हुए, मांजरेकर ने बताया कि यह नियम किसी खिलाड़ी के ऑल-राउंड विकास में कैसे रुकावट डाल सकता है. उन्होंने रोहित शर्मा के साथ तुलना करते हुए बताया कि वह मुख्य रूप से एक बैटर के तौर पर योगदान देते हैं और मुंबई इंडियंस की बॉलिंग के दौरान मैदान पर कम समय बिताते हैं.
'15 गेंद खेलो, पूरी मैच फीस लो'
मांजरेकर ने कहा,"मैं बस यही सोच रहा था जब मैंने पिछले गेम में रोहित शर्मा को देखा, उन्होंने 15 गेंदों पर 22 रन बनाए. उनका पूरा योगदान 15 गेंदों तक चला, फिर भी उन्हें पूरी मैच फीस या जो भी इसके साथ आए, वह मिलेगी. मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो पैसे पर बहुत ज़्यादा ध्यान देना पसंद करता हो, लेकिन जब बहुत कम मेहनत में आसानी से पैसा कमाया जा सकता है, तो आपको उस मॉडल पर सवाल उठाना शुरू करना होगा. यह कभी भी सफलता का टिकाऊ, लंबे समय तक चलने वाला फ़ॉर्मूला नहीं हो सकता."
'इम्पैक्ट प्लेयर रूल को खत्म करना चाहिए'
उन्होंने आगे कहा,"मैं जितना ज़्यादा इस बारे में सोचता हूं, उतना ही मुझे लगता है कि हमें इसी वजह से इम्पैक्ट प्लेयर रूल को खत्म कर देना चाहिए. क्या हम सच में वैभव सूर्यवंशी के बारे में यही देखना चाहते हैं? उनके खेल का सिर्फ़ एक पहलू देखना चाहते हैं? एक क्रिकेटर ऐसा होना चाहिए जो अलग-अलग फील्ड में योगदान दे. पहले, हम इंज़माम-उल-हक जैसे खिलाड़ियों की तारीफ़ सिर्फ़ उनकी बैटिंग के लिए नहीं करते थे, बल्कि इसलिए भी करते थे क्योंकि हम मैदान में उनका दूसरा पहलू भी देखते थे. इससे आपको खिलाड़ी को ठीक से समझने और परखने में मदद मिलती थी."
आईपीएल में बीसीसीआई द्वारा लाए गए इम्पैक्ट प्लेयर रूल के बारे में अपनी चिंताएं ज़ाहिर करते हुए, मांजरेकर ने बोर्ड से इस रूल को खत्म करने की अपील की क्योंकि इससे सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों के डेवलपमेंट में रुकावट आ सकती है. मांजरेकर ने कहा कि सूर्यवंशी की बैटिंग में सुधार हो रहा है, लेकिन उनकी फील्डिंग की कमियों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है.
उन्होंने कहा,"भारत ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम के बावजूद पिछले दो T20 वर्ल्ड कप जीते. हां, शिवम दुबे जैसा कोई बिना बॉलिंग किए भी योगदान दे सकता है और टीम को सफल होने में मदद कर सकता है. ये चीजें हो रही हैं. लेकिन मेरे लिए, एक क्रिकेटर को बस आकर, जल्दी से कैमियो करके, और फिर आराम से बैठकर आराम नहीं करना चाहिए." उन्होंने आगे कहा,"मैं चाहता हूं कि खेल खिलाड़ियों को और अच्छी तरह से परखें. अगर कोई अच्छा बॉलर है, तो मैं उसे सिर्फ चार ओवर बॉलिंग करते हुए नहीं देखना चाहता. मैं यह भी देखना चाहता हूं कि वह कैसी फील्डिंग करता है. खेल को खिलाड़ी के हर पहलू की जांच करनी चाहिए, न कि सिर्फ एक स्किल की."
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