अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में विराट कोहली चोटिल होने के चलते नहीं खेले थे, जबकि रोहित शर्मा ने सीरीज के आखिरी मुकाबले में 79 रनों की अहम पारी खेली थी. इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए चयनकर्ताओं ने दोनों दिग्गजों पर एक बार फिर भरोसा जताया है. रोहित के अनुभव और उनके क्लास को लेकर कोई सवाल नहीं है, लेकिन पूर्व भारतीय स्टार यशस्वी जायसवाल ने युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है, साथ ही उन्होंने टीम इंडिया के सेलेक्शन को लेकर भी सवाल उठाए हैं. जायसवाल के नाम पिछले तीन वनडे में दो शतक हैं. लेकिन सेलेक्टर्स ने उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम में शामिल नहीं किया गया है. अफगानिस्तान के खिलाफ भी उन्हें स्क्वाड में जगह विराट कोहली के बाहर होने के बाद मिली थी.
यशस्वी जायसवाल ने ने मिले मौके का फायदा उठाया है और अपनी दावेदारी पेश की है. जायसवाल को लेकर टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए संजय मांजरेकर ने कहा,"यशस्वी जायसवाल ने अपने पिछले तीन वनडे में दो शतक लगाए हैं. उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 116 रन बनाए. इसके कुछ समय बाद उन्होंने चार और शतक लगाया भारत की मज़बूत वनडे टीम में ओपनिंग करने वाले किसी भी खिलाड़ी को मौके मिलेंगे, और यशस्वी ने उनका पूरा फ़ायदा उठाया है. तो हां, यह बुरा और थोड़ा बुरा है." मांजरेकर ने आगे कहा,"अगर सिलेक्टर्स ने रोहित को चुना है, तो मुझे उम्मीद है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि वे सच में उन्हें 2027 वर्ल्ड कप प्लान का हिस्सा मानते हैं."
मांजरेकर ने कहा कि बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन को जरूरत पड़ने पर बड़े नाम से परे देखने की जरूरत है. मांजरेकर बोले,"हम सभी बड़े नाम वाले खिलाड़ियों के आसपास की संस्कृति को जानते हैं. निर्णय शायद ही कभी केवल क्रिकेट की योग्यता के आधार पर लेने जैसे सरल होते हैं. रोहित के मामले में भी ऐसा ही लगता है. अगर चयनकर्ताओं का मानना है कि रोहित दीर्घकालिक योजना का हिस्सा हैं, तो उन्हें ऐसा कहना चाहिए."
सेलेक्शन को लेकर सवाल उठाते हुए मांजरेकर ने कहा,"लेकिन अगर उन्हें इसलिए चुना जा रहा है क्योंकि वे उन्हें हटाने के लिए तैयार नहीं हैं, तो यह भारतीय क्रिकेट में सालों से चली आ रही एक समस्या को दर्शाता है. चयन कभी भी इस बारे में नहीं होना चाहिए कि विराट, रोहित या बुमराह के लिए सबसे अच्छा क्या है. यह हमेशा इस बारे में होना चाहिए कि भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे अच्छा क्या है."
संजय मांजरेकर ने अपनी बात जोड़ते हुए आगे कहा,"अगर चयनकर्ताओं ने रोहित को चुना है, तो मुझे उम्मीद है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि वे वास्तव में उसे 2027 विश्व कप की योजना के हिस्से के रूप में देखते हैं." मांजरेकर ने कहा कि बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन को जरूरत पड़ने पर बड़े नाम से परे देखने की जरूरत है.
भारत के पूर्व स्टार ने यह भी उम्मीद जताई कि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड और आयरलैंड में अच्छा खेलेंगे. मांजरेकर ने कहा,"उसने (श्रीलंका A के एक खिलाड़ी के साथ झगड़े के बाद) सबक सीख लिया है. वह बहुत जागरूक और समझदार लड़का लगता है और भविष्य में ऐसी स्थितियों को और बेहतर तरीके से संभालेगा."
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