अगले साल अक्टूबर में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाने वाला है. उससे पहले पूर्व क्रिकेटर वनडे वर्ल्ड कप के लिए अपनी संभावित टीमों का ऐलान कर रहे हैं. वहीं, अब बीसीसीआई के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारत की टीम कैसी होगी, इसपर अपनी राय दी है. मिथुन मन्हास ने संकेत दिए हैं कि वनडे वर्ल्ड कप में शामिल होने वाले खिलाड़ी वही होंगे जो बिल्कुल फिट और अच्छा परफॉर्मेंस कर रहे हैं. स्पोर्ट्स स्टार के साथ बात करते हुए मिथुन मन्हास ने कोहली और रोहित के भविष्य पर भी अपनी राय दी और माना है कि वर्ल्ड कप के स्क्वाड में अनुभवी खिलाड़ियों को होना अहम है, जिससे युवा कप्तान गिल को बडे़ इवेंट में काफी मदद मिलेगी.
बीसीसीआई अध्यक्ष ने कोहली और रोहित के टीम में होने को लेकर कहा, "जहां तक बीसीसीआई की बात है, हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि यह सब सेलेक्टर और कोच पर निर्भर करता है. लेकिन मेरे नजरिए से, सिलेक्शन का आधार फिटनेस और परफॉर्मेंस होना चाहिए, न कि उम्र, अगर कोई खिलाड़ी खेलने के लिए फिट है और वह देश के लिए अच्छा खेल रहा है और मैच जिता रहा है, तो हमें बस इसी बात पर ध्यान देना चाहिए".

मिथुन मन्हास का मानना है कि "अनुभव बहुत जरूरी रहेगा, शुभमन गिल अगले वनडे वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी करने की तैयारी कर रहे हैं". उन्होंने कहा कि "कोहली, रोहित और हार्दिक पंड्या की मौजूदगी गिल को कप्तानी की जिम्मेदारियों को संभालने में मदद कर सकती है, साथ ही जसप्रीत बुमराह बॉलिंग ग्रुप में लीडरशिप संभाल सकते हैं."
मिथुन मन्हास ने अपनी बात आगे ले जाते हुए कहा, "टीम में विराट, हार्दिक और रोहित का होना निश्चित रूप से उनकी मदद करेगा, फिर बुमराह जैसे खिलाड़ी हैं जो लीड कर सकते हैं, जो बॉलिंग कैप्टन हो सकते हैं, और फिर कोई ऐसा होगा जो फील्डिंग कैप्टन होगा. तो, यह सब वर्कलोड को बांटने के बारे में है".
उन्होंने आगे कहा कि जब टीम दबाव में हो, तो सीनियर खिलाड़ी मुश्किल हालात में अच्छा खेलने के अपने अनुभव के आधार पर अहम सलाह दे सकते हैं, मिथुन मन्हास ने अपनी बात आगे ले जाते हुए कहा, "वे दबाव में रहे हैं और उन्होंने मुश्किल हालात में कई बार अच्छा प्रदर्शन किया है, इसलिए, यह एक अच्छा कॉम्बिनेशन है". मन्हास ने भारत के बढ़ते हुए खिलाड़ियों के पूल का भी समर्थन किया, जो लगातार बढ़ते इंटरनेशनल कैलेंडर को संभालने का एक जरिया है.
इसके अलावा चुनौतियों को देखते हुए, उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की अच्छी संख्या टीम को सभी फॉर्मेट में कॉम्पिटिशन बनाए रखने में मदद करेगी, इतने सारे टूर्नामेंट हो रहे हैं और चोटें एक चिंता का विषय हैं, ऐसे में बेंच स्ट्रेंथ होने से हमें इन सभी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलती है. इतना कॉम्पिटिशन होना भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा है. कॉम्पिटिशन खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है, इसलिए यह खेल के लिए एक अच्छा संकेत है."

क्रिकेट शेड्यूल के बारे में मन्हास ने कहा कि "बीसीसीआई क्रिकेट की जिम्मेदारियों और खिलाड़ियों की रिकवरी के बीच संतुलन बनाने की योजना पर काम कर रहा है, और उन्होंने कहा कि वर्कलोड मैनेजमेंट में हर खिलाड़ी की अलग-अलग जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है. हर खिलाड़ी अलग होता है.. हमें यह आकलन करना होगा कि कोई व्यक्ति क्या महसूस करता है, और फिर हम एक योजना बनाते हैं."
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