विज्ञापन

वैभव-अभिषेक के बीच रनों की होड़, पर सीजन के ये असली साइलेंट हीरो 68% विकेट लेकर बदल रहे मैच का गणित

IPL 2026 के ऑरेंज कैप की रेस में वैभव (400 रन) और अभिषेक (380 रन) रेस कर रहे हैं पर 68.3% विकेट लेकर नई गेंद से स्विंग, डेथ ओवर्स में यॉर्कर और हार्ड लेंथ बॉलिंग से इस आईपीएल में तेज गेंदबाज एक अलग ही कहानी लिख रहे हैं.

वैभव-अभिषेक के बीच रनों की होड़, पर सीजन के ये असली साइलेंट हीरो 68% विकेट लेकर बदल रहे मैच का गणित

IPL 2026 के 40 मैचों में अब तक 1963 बाउंड्री लग चुके हैं, यानी 1246 चौके और 717 छक्के समेत कुल 9286 रन सिर्फ चौके-छक्कों से बने हैं. ये आंकड़े किसी भी गेंदबाज को दबा सकते थे. लेकिन कहानी इसके उलट है. तेज गेंदबाजों ने इन हालात में भी अपनी वैल्यू बढ़ाई है. बल्लेबाज जितना अटैक कर रहे हैं, पेसर्स उतनी ही चालाकी से उन्हें ट्रैप कर रहे हैं. यही वजह है कि 3028 डॉट बॉल्स भी डाली गई हैं जो बताती हैं कि कंट्रोल अभी भी गेंदबाजों के पास है.

आईपीएल 2026 को अगर सिर्फ चौकों-छक्कों और बड़े स्कोर के नजरिए से देखेंगे, तो तस्वीर अधूरी रह जाएगी. क्योंकि इस चमक-धमक के पीछे एक ऐसी ताकत काम कर रही है, जो बिना शोर किए मैच का रुख बदल रही है, और वो हैं तेज गेंदबाज.

अब तक के आंकड़े साफ बताते हैं कि 40 मैचों में जहां एक तरफ 14384 रन बन चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ 478 विकेट भी गिरे हैं. इन विकेट्स में से करीब 68.3% सिर्फ तेज गेंदबाजों के नाम हैं. यानी हर 100 में से 68 विकेट पेसर्स ले रहे हैं. टी20 क्रिकेट का वही फॉर्मेट हैं जिसे बैट्समेंस गेम कहा जाता है, लेकिन IPL 2026 में पेसर्स ने इस धारणा को सीधी चुनौती दे दी है.

Latest and Breaking News on NDTV

साइलेंट हीरो

तेज पारी, सेंचुरी या बड़े-बड़े छक्के जमाने वाले क्रिकेटर तो अक्सर IPL में चर्चा बटोर लेते हैं पर, चार ओवरों में तीन या चार विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों की चर्चा अक्सर पीछे छूट जाती है. लेकिन आईपीएल 2026 में यह ट्रेंड कुछ हद तक बदलता दिख रहा है. इस टूर्नामेंट में टीमों की जीत केवल बड़े स्कोर पर ही निर्भर नहीं हैं, सही समय पर निकाले गए विकेट्स भी इसमें अहम किरदार निभा रहे हैं.

ये तेज गेंदबाज साइलेंट हीरो हैं क्योंकि मैदान पर इनके कारनामें की उतनी चर्चा नहीं होती जितनी एक बल्लेबाज के हुनर की होती है. यही कारण है कि अक्सर ये हेडलाइन में भी नहीं होते हैं.

नई गेंद से डेथ ओवर्स तक- हर जगह असरदार

तेज गेंदबाज इस सीजन में केवल अपनी शुरुआती और आखिरी रोल तक ही सीमित नहीं हैं. पावरप्ले में शुरुआती विकेट निकालकर विपक्ष को बैकफुट पर डालना हो या मिडिल ओवर्स में हार्ड लेंथ और बाउंसर से रन रेट कंट्रोल करना हो, या फिर डेथ ओवर्स में यॉर्कर और स्लोअर से बड़े शॉट्स को रोकना. मैच का हर फेज पेसर्स के इर्द-गिर्द घूम रहा है.

Latest and Breaking News on NDTV

आंकड़े जो कहानी खुद बयां करते हैं...

राजस्थान रॉयल्स ने सबसे ज्यादा 66 विकेट लेकर ये दिखाया है कि मजबूत पेस अटैक टीम को कहां तक ले जा सकता है. वहीं मुंबई इंडियंस सिर्फ 34 विकेट के साथ सबसे पीछे है और यही उनकी हार की सबसे बड़ी वजह भी बनती दिख रही है. इस सीजन की बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस मोहसिन खान के नाम है- 5/23. ये इस बात का सबूत भी है कि एक तेज गेंदबाज अकेले मैच का पासा पलट सकता है. दिलचस्प ये भी है कि 40 बार गेंदबाजों ने 3-3 विकेट लिए हैं, यानी लगातार इम्पैक्ट डालने का सिलसिला जारी है.

Latest and Breaking News on NDTV

ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे पेसर्स

मोहम्मद शमी ने हैदराबाद के खिलाफ अपने चार ओवरों में केवल 9 रन देकर दो विकेट चटकाए, जो किसी भी पेसर का सबसे बढ़िया इकोनॉमिक प्रदर्शन है. तो भुवनेश्वर कुमार पूरे टूर्नामेंट में अब तक के सबसे कम रन खर्चने वाले गेंदबाज रहे हैं. भुवी ने 8 मैचों के 31 ओवरों में 7.61 की इकोनॉमी से रन खर्चे हैं और 14 बल्लेबाजों को पवेलियन लौटाया है. फिलहाल ऑरेंज कैप के दावेदारों में भुवी सबसे आगे चल रहे हैं. तो उनके पीछे भी जोफ्रा आर्चर,अंशुल कंबोज, इशान मलिंगा, प्रिंस यादव, कगिसो रबाडा जैसे पेसर्स ही हैं.

पेसर्स को दोगुनी ताकत दे रहे फील्डर्स 

हालांकि इन पेसर्स को दोगुनी ताकत दे रहे हैं मैदान में गुलाटी लगा कर मुश्किल-से-मुश्किल कैचों को लपकने वाले फील्डर्स, जो अब तक 374 कैच पकड़ चुके हैं. यानी पेसर्स के 78% विकेट फील्डिंग के जरिए आए. जब तेज गेंदबाज एज निकालते हैं, तो फील्डर्स उसे कैच में बदलते हैं और यही कॉम्बिनेशन मैच जिताता है.

आईपीएल 2026 अब एक नई पहचान बना रहा है. एक तरफ यह बल्लेबाजों का शो है जो मैच को तेज बनाते हैं, वहीं गेंदबाज- खासतौर पर तेज गेंदबाज उसे बैलेंस में रखते हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

प्लेऑफ की राह बनाएंगे तेज गेंदबाज

आने वाले मुकाबलों में असली जीत उसी टीम की होगी, जो इस बैलेंस को समझेगी क्योंकि अब IPL में सिर्फ रन बनाना ही काफी नहीं, सही समय पर विकेट लेना और मौके को अपने पक्ष में करना भी उतना ही जरूरी हो गया है.

आईपीएल 2026 ने 40 मैचों के दौरान एक नई सच्चाई सामने रखी है. इस सीजन में तेज गेंदबाज साइलेंट हीरो बन चुके हैं, जो बिना सुर्खियों में आए मैच जिताने का दम रखते हैं. सभी टीम के पास बड़े बड़े हिटर्स मौजूद हैं, तो प्लेऑफ की तरफ कदम बढ़ाने वाली धुरंधर टीमों में वो सबसे आगे होंगी जिनके पास सिर्फ बड़े हिटर्स नहीं बल्कि दबाव में विकेट निकालने वाले गेंदबाज होंगे.

ये भी पढ़ें: IPL के फाइनल में हदें पार करता रोमांच: 1 रन से जीत, असंभव चेज; कैसे 'लास्ट बॉल थ्रिलर' ने बनाई लीग की पहचान?

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com