टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाज रवि बिश्नोई अपनी घूमती गेंदों के दम पर विश्व क्रिकेट में पहचान बना चुके हैं. हालांकि, एक समय ऐसा भी था, जब ट्रायल्स के दौरान बिश्नोई को दो बार नाकामी हाथ लगी थी. हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने अपनी काबिलियत पर भरोसा रखा और राजस्थान की गलियों से निकलकर भारतीय टीम में जगह बनाई.
रवि बिश्नोई का जन्म 5 सितंबर, 2000 को राजस्थान के जोधपुर जिले के बिरमी गांव में हुआ. रवि को शुरुआत से ही क्रिकेट से खास लगाव था. जल्द ही उन्होंने इस खेल में अपना करियर बनाने का फैसला किया.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
ट्रायल्स में बिश्नोई को दो बार किया रिजेक्ट
हालांकि, सुविधाओं के अभाव के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मगर वह दिन-रात मेहनत करते रहे. क्लब स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के बाद बिश्नोई अंडर 16 और बाद में अंडर 19 का ट्रायल देने पहुंचे, लेकिन उन्हें दोनों ही जगह से नाकामी हाथ लगी. अंडर 19 के लिए ट्रायल्स में तो बिश्नोई को दो बार रिजेक्ट किया गया. हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी.
बिश्नोई जब 12वीं कक्षा में थे, तो उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने नेट गेंदबाज के तौर पर चुना. वह अपने बोर्ड एग्जाम देने चाहते थे, लेकिन कोच के समझाने के बाद उन्होंने अपनी परीक्षा नहीं देने का फैसला किया. यह फैसला बिश्नोई के लिए वरदान साबित हुआ.
बिश्नोई ने घूमती गेंदों से किया प्रभावित
राजस्थान रॉयल्स के खेमे में बिश्नोई अपनी घूमती गेंदों से हर किसी को प्रभावित करने में सफल रहे. 2019-20 में हुए अंडर 19 विश्व कप में बिश्नोई की गुगली बल्लेबाजों के लिए अबूझ पहेली साबित हुई और वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. उन्होंने 6 मैचों में 17 विकेट चटकाए और टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई.
इंटरनेशनल डेब्यू में ही बिखेरा बिश्नोई ने जलवा
साल 2020 में रवि बिश्नोई ने अपना आईपीएल डेब्यू पंजाब किंग्स की तरफ से किया. आईपीएल में लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते साल 2022 में उन्हें भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया. इंटरनेशनल डेब्यू में ही बिश्नोई ने अपना जलवा बिखेरा और 4 ओवर में 17 रन देकर 2 विकेट निकाले. उन्हें दमदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया.
बिश्नोई भारत की ओर से अब तक 49 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुके हैं और इस दौरान उन्होंने 67 विकेट चटकाए हैं. वहीं, भारत की ओर से खेले इकलौते वनडे मैच में उन्होंने एक विकेट निकाला है.
ये भी पढ़ें- 'मैं दो रात कंटेनर में रही,' एशियाई खेलों से पहले अनोखा ट्रायल, खिलाड़ियों ने बताया कैसा रहा अनुभव
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं