पाकिस्तान के कुछ पूर्व क्रिकेटर जाम्बिया में गैर-मान्यता प्राप्त टी20 लीग में खेलने के बाद वापस लौट आए हैं. बताया जा रहा है कि इन्हें पूरा पेमेंट नहीं मिला और अब उन पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने दो साल का बैन लगा दिया है. ये खिलाड़ी एशियन लीजेंड्स लीग में हिस्सा लेने के लिए लुसाका पहुंचे थे. इस टूर्नामेंट का प्रचार पिछले महीने किया गया था और इसमें पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज, विकेटकीपर-बल्लेबाज कामरान अकमल और ऑलराउंडर सोहेल तनवीर जैसे कई बड़े नाम शामिल थे.
अंबाती रायडू भी लेने वाले थे हिस्सा
वहीं, भारत के अंबाती रायडू भी शुरुआत में इस लीग का हिस्सा बनने वाले थे, लेकिन टूर्नामेंट को आधिकारिक मंजूरी नहीं मिलने की जानकारी के बाद उन्होंने बगैर कोई मैच खेले ही जाम्बिया छोड़ दिया. लुसाका टी20 लीग 2 अगस्त को शुरू होने वाली थी, जिसमें एशियन स्टार्स, पाकिस्तान पैंथर्स, अफगानिस्तान और श्रीलंका जैसी टीमें शामिल थीं.
खिलाड़ियों के करीबी एक सूत्र ने बताया कि हफीज, अकमल, तनवीर और जाहिद महमूद ने टूर्नामेंट के बारे में जानकारी मांगी थी, जब उन्हें पता चला कि इसे जाम्बिया क्रिकेट यूनियन (जेडसीयू) से मंजूरी नहीं मिली है. सूत्र ने बताया कि हफीज, अकमल, तनवीर और जाहिद महमूद जैसे खिलाड़ियों ने लीग के बारे में पूछा. जब उन्हें पता चला कि इसे जाम्बिया क्रिकेट यूनियन (जेडसीयू) से मंजूरी नहीं मिली है, तो भारत के अंबाती रायडू समेत कुछ खिलाड़ियों ने बिना हिस्सा लिए ही लौटने का फैसला किया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और उनके सपोर्ट स्टाफ लुसाका में फंस गए थे, क्योंकि वे अपने ट्रैवल अरेंजमेंट्स (यात्रा की व्यवस्था) के पेमेंट की समस्या सुलझाने की कोशिश कर रहे थे. इसके कारण कई क्रिकेट बोर्ड्स की संयुक्त जांच की मांग भी उठी है. इमरान नजीर, तौफीक उमर, यासिर शाह, हसन रजा, राहत अली, मोहम्मद इरफान, यासिर बट, अबरार हुसैन और राणा अनवर उन पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने कुछ मुकाबलों में हिस्सा लिया था.
जेडसीयू के दखल के बाद रोका टूर्नामेंट
जेडसीयू के दखल के कारण टूर्नामेंट को अचानक रोक दिया गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आयोजक ब्रॉडकास्ट डील फाइनल नहीं कर पाए थे. पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों के 20वीं एशियन लेजेंड्स लीग में हिस्सा लेने के बाद, पीसीबी ने उन पर दो साल का बैन लगा दिया क्योंकि खिलाड़ियों ने बोर्ड से जरूरी 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (एनओसी) नहीं लिए थे.
झेलनी पड़ी शर्मिंदगी
एक खिलाड़ी ने माना कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेना एक गलती थी और कहा कि एजेंट्स ने ग्रुप को गुमराह किया था. खिलाड़ी ने नाम न बताने की शर्त पर टेलीकॉम एशिया नेटवर्क को बताया कि एजेंट्स ने उसे बताया था कि लीग को जेडसीयू से मंजूरी मिली है और उसे अच्छी-खासी रकम मिलेगी, लेकिन उसे शर्मिंदगी झेलनी पड़ी क्योंकि पेमेंट न होने की वजह से होटल ने उसे कमरा नहीं दिया और फिर एयरपोर्ट पर भी दिक्कतें हुईं.
माफी मांगने की तैयारी में पाक खिलाड़ी
खिलाड़ी ने कहा, 'यह स्थिति सभी खिलाड़ियों के लिए एक झटका है, क्योंकि वे वहां अच्छे पैसे कमाने गए थे जो उन्हें नहीं मिले, बल्कि इसके बजाय उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से कड़ी सजा मिली है.' सूत्रों का कहना है कि सजा पाए खिलाड़ी पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी के पास एक साथ जाकर माफी की अपील करना चाहते हैं, क्योंकि क्रिकेट अभी भी उनकी कमाई का मुख्य जरिया है और दो साल के बैन से उन्हें गंभीर आर्थिक नुकसान हो सकता है.
अकमल ने भी सार्वजनिक रूप से अपने साथियों का समर्थन करते हुए पीसीबी से सजा पर फिर से विचार करने को कहा है. अकमल ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे दूसरे देशों के खिलाड़ियों ने भी इस इवेंट में हिस्सा लिया था और उन पर कोई बैन नहीं लगाया गया, और पीसीबी को इस सजा पर फिर से सोचना चाहिए क्योंकि खिलाड़ियों की रोजी-रोटी क्रिकेट पर निर्भर करती है.
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