पाकिस्तान के क्रिकेटरों को आगामी सत्र में ‘द हंड्रेड' की उन फ्रेंचाइजी से अनुबंध मिलने में मुश्किल हो सकती है जिनका स्वामित्व आंशिक रूप से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) टीमों के पास है. रिपोर्टों के अनुसार इन टीमों ने अगले महीने होने वाली खिलाड़ी नीलामी में पाक खिलाड़ियों पर विचार नहीं करने का निर्णय लिया है. 21 जुलाई से 16 अगस्त तक निर्धारित इस टूर्नामेंट के आगामी सत्र में निजी निवेश के कारण खिलाड़ियों के वेतन में काफी बढ़ोतरी होने वाली है, लेकिन पाकिस्तान के खिलाड़ियों को इस वित्तीय लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है. क्योंकि भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण कूटनीतिक संबंधों के चलते आईपीएल से जुड़ी फ्रेंचाइजी ऐसा फैसला कर सकती हैं.
बीबीसी ने गुरुवार (19 फरवरी 2026) को एक रिपोर्ट में कहा, 'इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक एजेंट को संकेत दिया कि उसके पाक खिलाड़ियों में रुचि केवल उन टीमों तक सीमित रहेगी जिनका आईपीएल से कोई संबंध नहीं है.'
‘द हंड्रेड' आठ फ्रेंचाइजीयों का टूर्नामेंट है. मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स जैसी टीमें आंशिक रूप से उन संस्थाओं के स्वामित्व में हैं जो आईपीएल फ्रेंचाइजी को भी नियंत्रित करती हैं.
रिपोर्ट में एक अन्य एजेंट ने इस स्थिति को भारतीय निवेश वाली टी20 लीग में एक अनलिखा नियम बताया. रिपोर्ट के अनुसार चारों फ्रेंचाइजी के मालिकों से टिप्पणी के लिए संपर्क किया गया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया.
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