भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का मानना है कि वह अभी भी अपनी फिटनेस के पीक पर हैं. न्यूजीलैंड दौरे के लिए हाल ही में घोषित टीम में जगह न मिलने के बावजूद, भारतीय टीम में वापसी करने की उनकी इच्छा अब भी काफी मजबूत है. जहां शमी अभी भी टीम से बाहर हैं, वहीं 36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार ने लगभग चार साल के अंतराल के बाद भारतीय टीम में वापसी की है. भारत की गेंदबाजी, खासकर छोटे फॉर्मेट में, पर उठ रहे सवालों के बीच शमी की वापसी की मांग भी तेज हो गई है. शमी ने आखिरी बार मार्च 2025 में भारत के लिए खेला था.
रणजी ट्रॉफी में सर्विसेज के खिलाफ बंगाल की जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, 36 वर्षीय शमी ने कहा कि उन्हें अभी भी घरेलू क्रिकेट खेलना पसंद है और ऐसा कोई कारण नहीं है कि वह भारत में वापसी करने के अपने लक्ष्य को छोड़ दें.
शमी ने कहा,"उम्मीद हमेशा बनी रहनी चाहिए. किसी भी पेशे या खेल में, आपका एक लक्ष्य होना चाहिए. हर किसी का कोई न कोई लक्ष्य होता है. आज हम रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं और खिताब के लिए खेल रहे हैं. हमेशा एक लक्ष्य होता है और होना भी चाहिए."
शांत स्वभाव वाले इस क्रिकेटर ने एक पत्रकार को तुरंत टोका, जब उनसे उस समय के बारे में पूछा गया जब वह अपनी फिटनेस के "चरम" (पीक) पर थे. शमी ने कहा,"सर, आज भी हम पीक पर ही हैं. झूठ बोलने का कोई मतलब नहीं है. हम जैसे भी हैं, अपने पीक पर ही हैं." (बता दें कि परिस्थितियों को देखते हुए शमी सर्विसेज के खिलाफ नहीं खेले थे)
न्यूजीलैंड के सभी फॉर्मेट वाले दौरे में शामिल न किए जाने के सवाल पर शमी ने कहा कि वह केवल उन्हीं चीजों को नियंत्रित कर सकते हैं जो उनके हाथ में हैं. उन्होंने कहा,"इसमें निराश होने वाली कोई बात नहीं है. मैंने पिछले साल भी पूरा घरेलू सीजन खेला था. मैंने सभी मैच खेले थे. मेरा मकसद वही है - जितना हो सके, उतना खेलूं. मुझे आने वाली सभी सीरीज और टूर्नामेंटों के लिए तैयार रहना चाहिए."
"किसी को नहीं पता कि मुझे भारत के लिए कब और कहां खेलना पड़ जाए. यहां तक कि IPL के लिए भी, घरेलू क्रिकेट खेलना मेरे लिए फायदेमंद ही रहेगा." "चाहे मैं घरेलू क्रिकेट खेलूं या व्हाइट बॉल क्रिकेट, मेरी तैयारी एक जैसी ही रहेगी. मैं ज्यादा से ज्यादा मैच खेलूंगा, जिससे मेरी लय बनी रहे."
शमी का यह भी मानना है कि अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के बारे में अभी से सोचने का कोई मतलब नहीं है. शमी ने आगे कहा,मैं इतनी दूर की नहीं सोचता. आज हम क्रिकेट खेल रहे हैं. कल क्या होगा या हालात कैसे होंगे, यह कोई नहीं जानता. इसलिए इतनी आगे की सोचने का कोई फायदा नहीं है."
अनुभवी गेंदबाज ने कहा,"आपको जो भी मैच खेलने को मिलें, आप खेलते रहें और खुद को बेहतर बनाते रहें. मैं हमेशा कहता हूं कि आपका पूरा ध्यान अपने कौशल (स्किल) और अपनी फिटनेस पर होना चाहिए,"
क्या पिछले एक साल में उनकी राष्ट्रीय चयनकर्ताओं से कोई बातचीत हुई है? शमी ने आगे कहा,"सर, मैं अभी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हूं, तो मुझसे कौन बात करेगा? और वे मुझसे बात क्यों करेंगे?."
उन्होंने भुवनेश्वर की भी तारीफ की और कहा कि उनके फॉर्म को देखते हुए उन्हें काफी पहले ही वापसी कर लेनी चाहिए थी. बंगाल के लिए हमेशा अपना 100 प्रतिशत देने के बारे में शमी ने कहा,"इस टीम ने ही मुझे यह पहचान दी है. जो कुछ भी हूं, इसी टीम की वजह से हूं. जिस दिन मैं अपना करियर खत्म करूंगा, वह इसी टीम के साथ होगा. आपको वफादार और समर्पित होना चाहिए. बाकी चीजें आपके हाथ में नहीं हैं."
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