Abhishek Bachchan on Vaibhav Suryavanshi: हम ETPL में क्वालिटी ऑफ़ ओनरशिप या टीमों के मालिक ऐसे चाहते थे जिनके पास बहुत ज़्यादा पैसे से ज़्यादा इस खेल को लेकर जुनून हो और क्रिकेट के बारे में जानकारी हो. हमने एक विश-लिस्ट बनाई थी कई दिग्गज क्रिकेटरों या EX- क्रिकेटरों को लेकर. हमारी विश-लिस्ट के 6 में से 5 नामों ने EPTL की टीमें खरीद ली हैं. आप देखें, इस लिस्ट में राहुल द्रविड़ से लेकर स्टीव वॉ जैसे बड़े नामों ने टीमें खरीदी हैं. अगर स्टीव वॉ 25 साल बाद क्रिकेट में लौटकर आ रहे हैं तो कोई तो वजह होगी. उन्होंने कुछ तो देखा होगा ETPL में..
IPL की कामयाबी ने दुनिया भर में क्रिकेट के बाज़ार के लिए दरवाज़े खोल दिये हैं. बॉलीवुड एक्टर अभिषेक बच्चन ने यूरोप में तीन महीने बाद शुरू होनेवाली ETPL (यूरोपीय टी-20 प्रीमियर लीग) में पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ से लेकर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ समेत दुनिया के कई दिग्गज क्रिकेटरों और बिज़नेस से जुड़े बड़े लोगों को जोड़ लिया है. यूरोप के 6 शहरों की 6 टीमों पर आधारित EPTL में राउंड रॉबिन के आधार पर 26 अगस्त से लेकर 20 सितंबर के बीच तीन हफ़्तों के वक्त में 33 मैच खले जाएंगे.
NDTV संवाददाता विमल मोहन से EXCLUSIVE बातचीत में अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) ने आयरलैंड की राजधानी डब्लिन से बात करते हुए इस लीग की उम्मीद से लेकर चुनौतियों के बारे में खुलकर बीत की और कहा ओलिंपिक खेलों में क्रिकेट के शामिल किये जाने और टी-20 वर्ल्ड कप की वजह से भी यूरोप में ये लीग कमाल कर सकता है.
सवाल: आपलोगों ने यूरोप में ETPL की शुरुआत की है. एक कोशिश चीन में भी क्रिकेट को प्रोमोट करने की हुई थी. इस लीग को शुरू करने से पहले क्या चुनौतियां हैं, क्या उम्मीदें हैं और क्या आपको लगता है कि यूरोप में क्रिकेट, टी-20लीग का प्रयोग कामयाब हो सकेगी?
अभिषेक बच्चन: अगर हम ये नहीं सोचते कि यूरोप में ये लीग कामयाब होगी तो हम यहां नहीं होते. जब हम 2-3 साल पहले यूरोप में क्रिकेट की टी-20 लीग के बारे में सोचकर यहां आए तो हमें लगा कि यहां काफ़ी पोटेंशियल है. यहां के लोग क्रिकेट के बारे में जानते हैं. इसके बारे में बातें करते हैं. स्कूलों में खेलते हैं. हमें लगा कि यहां इसकी ज़रूरत भी है. हाल ही में आप टी-20 वर्ल्ड कप को देखें तो वहां से इटली ने वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था. पूरे कॉन्टिनेंट में देखें तो कई सारे असोसिएट देश हैं जो क्रिकेट खेलना चाहते हैं. लेकिन शायद उनके प्लेयर्स के पास इतने सारे टूर्नामेंट नहीं हैं कि वो क्रिकेट खेल सकें. यूरोप खेलों का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है. तो इसने सभी बॉक्स को टिक किया.
सवाल - लीग की 6 टीमों के मालिकों में राहुल द्रविड़ और स्टीव वॉ भी हैं?
अभिषेक बच्चन: हमें बहुत खुशी है कि आज हम यहां (डब्लिन, आयरलैंड) यूरोप में हैं. पहले हमने तीन टीमों के बारे में जनवरी 2026 में अनाउंस किया था- एम्टर्डम, बेलफ़ास्ट और एडिनबरा की टीमों के बारे में. आज हमने बाक़ी की तीन टीमों को लेकर भी ऑफ़िशियली अनाउंस कर दिया है. डब्लिन की टीम के मालिक हैं राहुल द्रविड़ जी, रॉटरडैम की टीम के मालिकों में फ़ैफ़ डु प्लेसी, हेनरिक क्लासेन और जॉन्टी रोड्स और ग्लासगो की टीम को एक कंपनी मुगाफ़ी ग्रुप (क्रिस गेल, तंशा बत्रा) ने लिया है. तो, सभी 6 टीमों को खरीदने की प्रक्रिया ख़त्म हो चुकी है. अगस्त के आख़िर में टूर्नामेंट शुरू होगा. काम उसी तरफ़ चल रहा है और सभी लोग व्यस्त हैं उसमें.
सवाल: अभिषेक, 2006-07 में जब पूर्व भारतीय पेसर एबी कुरुवेला पहली बार टी-20 क्रिकेट को भारत में लेकर आ तो बहुत सारे सवाल थे. फिर 2007 में भारत ने 2008 वर्ल्ड कप का ख़िताब जीता और फिर IPL को लेकर जो कुछ हुआ वो एक इतिहास है.आपके लिए सबसे बड़ा क्या चैलेंज रहा?
अभिषेक बच्चन : देखिए, मैं शायद ये बता नहीं पाऊंगा कि चैलेंजेज़ क्या रहे. क्योंकि, मैं और हमारे पार्टनर्स ने जब इस लीग की शुरुआत कि तो हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि क्वालिटी ऑफ़ ओनरशिप या टीमों के मालिक हम ऐसे चाहते थे जिनके पास बहुत ज़्यादा पैसे से ज़्यादा इस खेल को लेकर जुनून और क्रिकेट के बारे में जानकारी हो. हमने एक विश लिस्ट बनाई थी कई EX-क्रिकेटर्स को लेकर.
हमारी विश लिस्ट के 6 में से 5 नामों ने टीमें खरीद ली हैं. आप देखें, इस लिस्ट में राहुल द्रविड़ से लेकर स्टीव वॉ जैसे बड़े नामों ने टीमें खरीदी हैं. अगर स्टीव वॉ 25 साल बाद क्रिकेट में लौटकर आ रहे हैं तो कोई तो वजह होगी. उन्होंने कुछ तो देखा होगा ETPL में. मुझे बेहद खुशी है कि ऐसे लोग जुड़े हैं जो ETPL के ड्रीम या ख़्वाब में विश्वास रखते हैं.
सवाल: क्या आपको लगता है कि ओलिंपिक का एक फ़ैक्टर भी इसे प्रोमोट करने में बड़ी मदद करेगा?
अभिषेक बच्चन: बिल्कुल, अच्छा सवाल पूछा है आपने. देखिए 100 साल से भी ज़्यादा के बाद क्रिकेट ओलिंपिक्स में खेला जाएगा. तो जो देश क्रिकेट नहीं भी खेलते हैं उनमें ओलिंपिक्स की वजह से क्यूरियोसिटी फ़ैक्टर (कौतुहल के विषय) बनने लगी है. दूसरी बात है कि टी-20 वर्ल्ड कप की वजह से भी जो यूरोप के असोसिएट देश क्रिकेट खेलते हैं उनमें भी इस गेम का लेकर दिलचस्पी यूरोप में बढ़ी है. इसलिए कई देश जैसे कि आयरलैंड, नीदरलैंड्स, स्कॉटलैंड या इटली जैसे देश भी सोचते हैं कि वो वर्ल्ड कप खेल सकते हैं. तो ये दोनों फ़ैक्टर हमारे लिए काफ़ी फ़ायदेमंद और उत्साहवर्धक रहे हैं. इसिलए ओलिंपिक भी और हाल में ख़त्म हुआ टी-20 वर्ल्ड कप हमारे लिए और यूरोपीय क्रिकेट के लिए अच्छी बात साबित हुई है.
सवाल: क्या EPTL में हमें कोई वैभव सूर्यवंशी देखने को मिलेगा? आपने अभी उन्हें देखा तो होगा, उनके बारे में क्या राय है और क्या ऐसे किसी धमाके की उम्मीद हम यूरोपीय टी-20 प्रीमियर लीग ETPL में कर सकते हैं, अगले पांच सालों में शायद?
अभिषेक बच्चन : मुझे तो उम्मीद है. वैभव सूर्यवंशी को आप देखें तो आपको समझ में नहीं आता है कि ये 15 साल के हैं या 15 साल से क्रिकेट खेल रहे हैं. तो, बड़ा अच्छा लगता है कि वो राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं. मेरी जो कबड्डी की टीम है वो भी राजस्थान की टीम है. तो, मैं उम्मीद करता हूं कि वो ऐसे ही अच्छे से खेलें. हमारे जो यंगस्टर्स हैं वो किसी भी खेल का भविष्य हैं. तो, मैं यही चाहूंगा कि हमारे ETPL में भी कुछ ऐसे ही खिलाड़ी हमारे लोकल मार्केट से निकलें जो बहुत अच्छा खेल पाएं और जाकर इंटरनेशनल लेवल पर भी खेलें.
सवाल: बस, एक आख़िरी सवाल, 12 साल पहले आपके Big B – आपके पिताजी अमिताभ बच्चन जी से लंदन में बात हुई थी जब वो ओलिंपिक की मशाल लेकर लंदन में दौड़े थे. आपका कोई ख़्वाब है LA 2028 लॉस एंजेल्स ओलिंपिक के लिए?
अभिषेक बच्चन : मेरे घर में वो मशाल है जो उन्हें मिली थी तो घर में उसे लेकर रोज़ भागता हूं..
NDTV से बात करने का बेहद शुक्रिया. थैंक यू सो मच. ETPL के लिए शुभकामनाएं.
अभिषेक बच्चन : थैंक यू.
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