- पाकिस्तान पर भरोसा करना उसके पार्टनर देशों के लिए लगातार धोखे और तनाव का कारण रहा है
- सऊदी अरब हूती विद्रोहियों के हमलों से जूझ रहा है, लेकिन पाकिस्तान ने केवल जुबानी समर्थन दिया है
- पाकिस्तान ने बांग्लादेश के परमाणु ऊर्जा प्लांट के लिए आवश्यक यूरेनियम की सप्लाई रोक दी है
पाकिस्तान पर भरोसे का मतलब है कि यह कहानी शुरू होने से पहले ही तल्खी पर खत्म हो चुकी है. जिसने भी पाकिस्तान पर भरोसा किया है, उसने पलटकर धोखा ही दिया है. भारत ने भी कभी भरोसा करने की कोशिश की थी लेकिन आतंकवाद को नेशनल पॉलिसी बनाने वाले पाकिस्तान अपनी आदत से बाज नहीं आया. आजकल सऊदी अरब और बांग्लादेश को भी समझ आ रहा होगा कि पाकिस्तान वह देश नहीं जो किसी का पार्टनर बने और दोस्ती का फर्ज अदा करे. इस समय सऊदी अरब हूती विद्रोहियों के हमलों को झेल रहा है लेकिन मक्का समझौता करने वाले पाकिस्तान ने जुबानीखर्च के सिवा कोई मदद नहीं दी है. दूसरी तरफ बांग्लादेश में फिजा बदली है और वह पाकिस्तान के करीब जाने की कोशिश में है. उसके खिलाफ भी पाकिस्तान ने खुलेआम ऐसा कदम उठाया है जो दिखाता है कि पाकिस्तान उसकी तरक्की नहीं चाहता.
सऊदी अरब को बस जुबानी मदद
सऊदी अरब अभी परेशानी में है. ईरान के सपोर्ट वाले हूती विद्रोही कई हफ्तों से सऊदी अरब के टैंकरों, तेल ठिकानों, हवाई अड्डों और यहां तक कि राजधानी पर भी हमले कर रहे हैं. इतना ही नहीं हूतियों ने सऊदी के समर्थन वाली यमन की सरकारी सेनाओं से लाल सागर के तट का कंट्रोल छीन लिया है. सऊदी अरब कई हफ्तों से हूतियों के खिलाफ मदद के लिए इंटरनेशनल लेबल पर अफने सहयोगी देशों से संपर्क कर रहा है. लेकिन उसे सबसे बड़ी उम्मीद तो पाकिस्तान से ही थी. इसकी वजह थी कि सऊदी ने तुर्की के साथ मिलकर पाकिस्तान के साथ मक्का समझौता किया है. इसे इस्लामिक नाटो कहा जा रहा है क्योंकि यह समझौता कहता है कि एक पर हमला, सबपर हमला माना जाएगा. लेकिन हूती सऊदी पर हमला करते रहे और पाकिस्तान ने जुबानी सपोर्ट के सिवा कुछ नहीं किया. मक्का समझौता पहले ही टेस्ट में फेल साबित हुआ.
पाकिस्तान की जुबानीखर्च की एक और मिसाल उसके उलेमा काउंसिल की तरफ से देखने को मिला. सऊदी अरब में हुई एक कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के चीफ हाफिज मुहम्मद ताहिर अशरफी ने कहा है कि हूती मुस्लिम नहीं हैं. हूतियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि जो कोई भी सऊदी अरब का विरोध करता है, वह इस्लाम और सभी मुसलमानों का दुश्मन है. सवाल वही है कि क्या इससे जमीन पर कुछ बदलेगा, क्या इस बयान भर से सऊदी अरब पर होता हमला रुक जाएगा.
बांग्लादेश को दे दिया गच्चा
अब बांग्लादेश का हाल सुनिया. वहां भारत के साथ अच्छे संबंध रखने वालीं शेख हसीना की सरकार गिरी तो पाकिस्तान की आंखे खिल गई. जिस पाकिस्तान से आजाद होकर बांग्लादेश अलग देश बना, अब वहीं के नए पीएम तारिक रहमान पाकिस्तान के करीब दिख रहे हैं. लेकिन पाकिस्तान ने एक बार फिर साफ दिखा दिया है कि उसे बांग्लादेश के लोगों की फिक्र नहीं है. उपर से वह अपनी करतूत को सही साबित करने के लिए बहाने भी दे रहा है.
बांग्लादेश के रूपपुर परमाणु ऊर्जा प्लांट के लिए यूरेनियम की सप्लाई रुक गई है. इसकी वजह पाकिस्तान है. पाकिस्तान ने बांग्लादेश को एयरस्पेस इस्तेमाल करने की मंजूरी नहीं दी है. इस परमाणु प्लांट की यूनिट-2 के लिए परमाणु ईंधन रूस से 24 सितंबर को बांग्लादेश पहुंचना था, लेकिन अभी तक नहीं पहुंच पाया है. अब पाकिस्तान ने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की इजाजत न देने को एक तकनीकी मसला बताया है.
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