न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में लगातार हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले भारतीय टीम प्रबंधन की कड़ी आलोचना हो रही है. पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की शानदार बढ़त बनाने के बाद, भारत आखिरी मैचों में लड़खड़ा गया और उसे 3-2 से सीरीज जीतनी पड़ी. टीम प्रबंधन के फैसलों में से जिस एक फैसले ने पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों के बीच सबसे ज्यादा बहस छेड़ दी है, वह है शानदार फॉर्म में चल रहे युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को टीम से बाहर रखना. तीसरे टी20 में 19 गेंदों पर ताबड़तोड़ 45 रन बनाने वाले सूर्यवंशी को आखिरी दो मैचों में बेंच पर बैठना पड़ा, क्योंकि ईशान किशन की प्लेइंग XI में वापसी हुई थी.
पूर्व भारतीय चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने के फैसले पर हैरानी जताई है. बता दें, गंभीर की अगुवाई में भारतीय टीम मैनेजमेंट से स्पष्टता के साथ कहा है कि संजू को मौके मिलते रहेंगे और वैभव को अपनी बारी का इंतजार करना होगा. खराब फॉर्म से जूझ रहे संजू सैमसन को अभिषेक शर्मा के साथ टॉप ऑर्डर में लगातार मौके मिल रहे हैं. श्रीकांत ने गंभीर और कोचिंग स्टाफ पर आरोप लगाया कि वे ड्रेसिंग रूम में असुरक्षा का माहौल बना रहे हैं.
श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा,"मुझे समझ नहीं आ रहा कि वैभव सूर्यवंशी पिछले दो मैचों में क्यों नहीं खेले. वह शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में तीसरे मैच में अपनी काबिलियत साबित की है. आपको इस लड़के को तैयार करना चाहिए. इसके बजाय, आप उसे एक मैच में खिलाते हैं और अगले में बाहर कर देते हैं. आप खिलाड़ियों के लिए असुरक्षा का माहौल बना रहे हैं, चाहे वह सैमसन हों या सूर्यवंशी. मैनेजमेंट जो कर रहा है, वह पूरी तरह से बेवकूफी है."
विदेशों में सैमसन के खराब प्रदर्शन का जिक्र करते हुए, श्रीकांत ने बताया कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अपनी पिछली 13 विदेशी पारियों में केवल 160 रन बनाए हैं. इतने खराब प्रदर्शन के बावजूद, टीम टॉप ऑर्डर में उन पर लगातार भरोसा जता रही है.
श्रीकांत ने जोर देकर कहा,"सैमसन ने भारत के बाहर अपने पिछले 13 मैचों में केवल 160 रन बनाए हैं, जिसमें सिर्फ एक अर्धशतक शामिल है. वह आयरलैंड और इंग्लैंड में संघर्ष करते दिखे, और अब न्यूजीलैंड में भी ऐसा ही है. मैं यह नहीं कह रहा कि संजू सैमसन को पूरी तरह से टीम से बाहर कर देना चाहिए, लेकिन उन्हें थोड़ा ब्रेक दें या तीनों ओपनर्स को बराबर मौके दें. लेकिन आप ऐसा नहीं कर सकते कि सूर्यवंशी को लगातार बेंच पर बिठाए रखें."
श्रीकांत ने मैनेजमेंट की लंबे समय की रोटेशन रणनीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को मौके देने के लिए आसान सीरीज का इस्तेमाल नहीं किया गया. उन्होंने आगे कहा,"वेस्टइंडीज की गेंदबाजी काफी कमजोर थी. उस पांच मैचों की सीरीज में सूर्यवंशी को मौका मिलना चाहिए था. इसी तरह, अफगानिस्तान और आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में भी उन्हें मौका नहीं मिला. बाकी सभी खिलाड़ियों ने कमजोर गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ खेलकर अपने आंकड़े बेहतर कर लिए, जबकि सूर्यवंशी बाहर बैठे रहे."
सूर्यवंशी को इस साल की शुरुआत में आयरलैंड दौरे के दौरान पहली बार भारतीय टीम में चुना गया था, लेकिन उन्हें अपने डेब्यू के लिए इंतजार करना पड़ा. आखिरकार उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने का मौका मिला. लेकिन उन्हें फिर टीम से बाहर कर दिया गया. इसके बाद वह एशियन गेम्स में खेलते नजर आए. जबकि घर पर वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में भी वह बेंच पर ही बैठे थे.
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