गुजरात के अहमदाबाद रूरल के साणंद के पास अंधविश्वास का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मामला विंछिया गांव का है, जहां 37 साल नरेश पटेल ने अपने ही 10 साल के बेटे करण की हत्या कर दी.
मामले में बच्चे की मां भारती बेन ने FIR दर्ज कराई है. भारती बेन ने बताया कि नरेश और उसके पिता दोनों पहले 'भूवो' यानी तांत्रिक के रूप में काम करते थे. भूवो असल में वह परंपरा है जिसमें 'आत्माओं से संपर्क' किया जाता है.
वहीं, पिता नरेश का दावा है कि उसने अपने बेटे को इसलिए मार दिया, क्योंकि वह नहीं चाहता था कि उसके बाद कोई और ऐसा काम करे.
बेटे की हत्या कर बगल में ही सो गया
करीब 10 दिन पहले घरेलू विवाद के बाद भारती बेन अपने मायके चली गई थी. उन्होंने छोटे बेटे करण को घर पर ही छोड़ दिया था, क्योंकि उसके स्कूल के एग्जाम आने वाले थे.
एक नवंबर की शाम करीब 7 बजे पड़ोस में तब हड़कंप मच गया जब स्थानीय लोगों ने घर और जोगणी माता की देवी की वेदी के पास से मारपीट की आवाजें सुनीं.
रात करीब 9:30 बजे जब परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे तो दिल दहला देने वाला मंजर था. 10 साल का करण खाट पर सिर में गंभीर चोटों के साथ मृत पड़ा था, जबकि आरोपी पिता खून से सने कपड़ों में बगल की खाट पर सो रहा था.
पटक-पटक कर मार डाला
जांच में सामने आया कि नरेश ने बेटे को पैरों से पकड़कर घर की देवी की वेदी पर कई बार पटका और लाठी से वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई.
गिरफ्तार हो गया नरेश
साणंद पुलिस ने कुछ ही घंटों में हत्या का मामला सुलझा लिया और नरेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया.
साणंद थाने में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज किया गया है.
पुलिस ने फॉरेंसिक लैब जांच के लिए सबूत भी जब्त किए हैं और आरोपी की मनोवैज्ञानिक जांच कराने की भी योजना है.
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