डकार 2026 युवा ओलंपिक खेलों में महिलाओं की 100 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने के बाद धिनीधि देसिंघू का नाम पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है. महज 16 साल की उम्र में उन्होंने वह उपलब्धि हासिल कर ली है, जिसके लिए कई खिलाड़ी वर्षों तक संघर्ष करते हैं. युवाओं के इस प्रमुख आयोजन का 2026 संस्करण सेनेगल के डकार में आयोजित किया जा रहा है. धिनीधि ने 56.27 सेकंड का समय लिया और क्रोएशिया की स्वर्ण पदक विजेता एना बोबानोविच (55.89 सेकंड) तथा न्यूजीलैंड की रजत पदक विजेता एलिसा लॉसन (56.13 सेकंड) के बाद तीसरे स्थान पर रहीं.
बेंगलुरु की रहने वाली धिनीधि देसिंघू को भारतीय तैराकी का उभरता हुआ चेहरा माना जा रहा है. युवा ओलंपिक में पदक जीतने से पहले ही वह भारत की पहली महिला तैराक बन चुकी थीं, जिन्होंने युवा ओलंपिक खेलों के फाइनल में जगह बनाई.
कौन हैं धिनीधि देसिंघू?
धिनीधि देसिंघू का जन्म 17 मई 2010 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हुआ था. उन्होंने अपनी पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय डीआरडीओ, बेंगलुरु से की. उनकी कोचिंग द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता निहार अमीन की देखरेख में डॉल्फिन एक्वाटिक्स में हुई है. दिलचस्प बात यह है कि बचपन में धिनीधि को पानी से डर लगता था. जब वह करीब छह साल की थीं, तब उनके माता-पिता ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए खुद तैराकी सीखनी शुरू की. यही कदम आगे चलकर भारतीय तैराकी के लिए एक बड़ी कहानी बन गया.

जीत पर कोच का बड़ा बयान
निधि के कोच निहार अमीन ने एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा, धिनिधि और हमारी टीम ने काफी मेहनत की है वही नतीजा है. हम सब इस बच्चे की कामयाबी से बेहद खुश हैं. अभी 200 मीटर में धिनिधि से और बड़ी उम्मीद है कि वह उनका मुख्य इवेंट है.
14 साल की उम्र में ओलंपिक तक पहुंची
धिनीधि 2024 पेरिस ओलंपिक में भारतीय दल की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी थीं. उन्होंने सिर्फ 14 साल की उम्र में 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. इतनी कम उम्र में ओलंपिक तक पहुंचना ही उनकी प्रतिभा का प्रमाण माना गया.
राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम
धिनीधि वर्तमान में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम रखती हैं.
100 मीटर फ्रीस्टाइल : 56.57 सेकेंड
200 मीटर फ्रीस्टाइल : 2:01.81 मिनट
400 मीटर फ्रीस्टाइल : 4:21.56 मिनट
राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदर्शन लगातार शानदार रहा
राष्ट्रीय खेल 2023 (गोवा) : 7 स्वर्ण पदक
राष्ट्रीय खेल 2025 : 11 पदक, जिनमें 9 स्वर्ण शामिल
उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें 2025 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया, जो बच्चों को दिया जाने वाला देश का सबसे बड़ा सरकारी सम्मान माना जाता है.
युवा ओलंपिक में ऐतिहासिक सफलता
डकार 2026 युवा ओलंपिक के लिए चुनी गई भारतीय टीम में धिनीधि कर्नाटक की एकमात्र तैराक थीं. उन्होंने 100 मीटर फ्रीस्टाइल, 200 मीटर फ्रीस्टाइल और 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले स्पर्धाओं में हिस्सा लिया. 100 मीटर फ्रीस्टाइल के सेमीफाइनल में उन्होंने 56.80 सेकेंड का समय निकालकर अपनी हीट में पहला स्थान हासिल किया और कुल मिलाकर तीसरे सबसे तेज समय के साथ फाइनल में पहुंचीं. इसके बाद उन्होंने फाइनल में कांस्य पदक जीतकर भारतीय तैराकी के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया.
धिनीधि देसिंघू के लिए अब आगे क्या?
धिनीधि देसिंघू को पहले ही भारत की सबसे बड़ी तैराकी प्रतिभाओं में गिना जा रहा है. बाजाज फिनसर्व उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर भी बना चुका है. अब खेल जगत की नजर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर है, जहां उनसे बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं. महज 16 साल की उम्र में राष्ट्रीय रिकॉर्ड, ओलंपिक अनुभव और युवा ओलंपिक पदक हासिल करने वाली धिनीधि देसिंघू भारतीय तैराकी के भविष्य की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हैं.
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