कोलकाता:
फॉर्म में वापसी करने वाले सचिन तेंदुलकर और सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर के अर्धशतकों के बावजूद भारत तीसरे क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत स्थिति में पहुंचने में नाकाम रहा। 11 माह बाद अर्धशतक जड़ने वाले तेंदुलकर ने 155 गेंद में 13 चौकों की मदद से भारत की ओर से सर्वाधिक 76 रन बनाए, जबकि गंभीर ने 60 रन की पारी खेली, जिससे टीम ने सात विकेट पर 273 रन बनाए। भारत ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए।
मेजबान टीम के बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील करने में नाकाम रहे। टीम की ओर से सबसे बड़ी साझेदारी तेंदुलकर और युवराज सिंह (32) के बीच पांचवें विकेट के लिए 79 रन की रही। भारत ने पहले दोनों सत्र में दो-दो, जबकि अंतिम सत्र में तीन विकेट गंवाए। टीम ने इस दौरान क्रमश: 90, 82 और 101 रन जोड़े। दिन का खेल खत्म होने पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 22 रन बनाकर खेल रहे थे, जबकि दूसरे छोर पर जहीर खान उनका साथ निभा रहे हैं, जिन्होंने अभी खाता नहीं खोला है। इंग्लैंड की ओर से जेम्स एंडरसन ने 68 रन देकर, तीन जबकि मोंटी पनेसर ने 74 रन देकर दो विकेट चटकाए। इससे पहले तेंदुलकर और युवराज ने उस समय भारतीय पारी को संभाला, जब टीम 136 रन पर चार विकेट गंवाकर संकट में थी। तेंदुलकर ने दूसरे सत्र में धीमी बल्लेबाजी की थी, लेकिन अंतिम सत्र में वह लय में दिखे। उन्होंने चाय के विश्राम के बाद स्टीवन फिन की पहली गेंद को ही लॉन्ग लेग पर फ्लिक करके चार रन के लिए भेजकर 99 गेंद में अपने करियर का 66वां अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने अगली गेंद को भी चार रन के लिए भेजा। युवराज ने भी अगले ओवर में पनेसर पर लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्का जड़ा। तेंदुलकर और युवराज हालांकि जब भारत को मजबूत स्कोर की ओर ले जा रहे थे, तब युवराज ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान की आफ साइड से बाहर की गेंद से छेड़छाड़ की कोशिश में कप्तान एलिस्टेयर कुक को बेहद आसान कैच देकर पैवेलियन लौट गए। उन्होंने 54 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा।
तेंदुलकर भी इसके बाद अधिक देर नहीं टिक सके और ड्रिंक्स के बाद एंडरसन की पहली गेंद पर आउट हो गए। तेंदुलकर ने एंडरसन की ऑफ स्टंप से बाहर की ओर मूव होती गेंद को ड्राइव करने की कोशिश की, जो उनके बल्ले का किनारा ले गई और विकेटकीपर मैट प्रायर ने दाईं ओर गोता लगाते हुए एक हाथ से शानदार कैच लपका। इसके साथ ही तेंदुलकर का पिछले दो साल में पहला टेस्ट शतक जड़ने का सपना भी टूट गया। इस समय भारत का स्कोर छह विकेट पर 230 रन था। तेंदुलकर हालांकि इस पारी के दौरान दो रन बनाते ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 34,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी बने। सचिन ने अब तक 463 वन-डे इंटरनेशनल मैचों की 452 पारियों में 41 बार नाबाद रहते हुए 44.83 की औसत से 18,426 रन बनाए हैं, जबकि एकमात्र टी-20 इंटरनेशनल में उन्होंने 10 रन बनाए थे। कोलकाता मैच से पहले उन्होंने 192 टेस्ट मैचों की 317 पारियों में 32 बार नाबाद रहते हुए 54.60 की औसत से 15562 रन बनाए थे।
धोनी और अश्विन ने इसके बाद इंग्लैंड के गेंदबाजों को 14 ओवर तक विकेट से महरूम रखते हुए सातवें विकेट के लिए 38 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड ने इस साझेदारी को तोड़ने के लिए 87वें ओवर में नई गेंद ली और एंडरसन ने तीसरे ओवर में ही नीची रहती गेंद पर अश्विन (21) को बोल्ड कर दिया। इससे पहले गंभीर और वीरेंद्र सहवाग (23 रन) ने पहले विकेट के लिए 10.1 ओवर में 47 रन जोड़कर भारत को सपाट पिच पर अच्छी शुरुआत दी। सहवाग की उम्दा पारी हालांकि दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से समाप्त हो गई, जब गंभीर के साथ गलतफहमी की वजह से वह रन आउट हो गए।
लंच से आधा घंटे पहले तेंदुलकर को मैदान पर उतरना पड़ा, जब पहले दो टेस्ट में दोहरा शतक और शतक जड़ने वाले चेतेश्वर पुजारा (16) को पनेसर ने बोल्ड कर दिया। तेंदुलकर पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं और कुक ने तेज गेंदबाजी और स्पिन के मिश्रित आक्रमण के साथ उन्हें निशाना बनाया।
एंडरसन ने उछाल लेती गेंदों पर तेंदुलकर की कड़ी परीक्षा ली, जिसमें से एक गेंद इस दिग्गज बल्लेबाज के कंधे पर भी लगी। पनेसर ने भी अपनी लाइन और लेंथ तथा गति में परिवर्तन करके तेंदुलकर को परेशान किया। इस बीच, गंभीर ने एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके लिए उन्होंने 81 गेंदों का सामना किया। पनेसर ने गंभीर को स्लिप में जोनाथन ट्राट के हाथों कैच कराया। उन्होंने 124 गेंद की अपनी पारी में 12 चौके मारे।
विराट कोहली (6) शुरू से ही दबाव में दिखे। उन्होंने एंडरसन की गेंद पर दूसरी स्लिप में ग्रीम स्वान को कैच थमाया, जिससे भारत का स्कोर चार विकेट पर 136 रन हो गया। कोहली के आउट होने पर क्रीज पर उतरे युवराज ने स्वान पर लगातार दो चौके जड़कर दबाव थोड़ा कम किया। अगले ओवर में तेंदुलकर ने भी एंडरसन पर लगातार दो चौके जड़े। इससे पहले भारतीय टीम में तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने वापसी की, जो हरभजन सिंह की जगह ले रहे हैं। हरभजन फ्लू के कारण बाहर हैं। इंग्लैंड ने इयान बेल और तेज गेंदबाज स्टीवन फिन को क्रमश: जानी बेयरस्टॉ और स्टुअर्ट ब्रॉड की जगह शामिल किया है।
मेजबान टीम के बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील करने में नाकाम रहे। टीम की ओर से सबसे बड़ी साझेदारी तेंदुलकर और युवराज सिंह (32) के बीच पांचवें विकेट के लिए 79 रन की रही। भारत ने पहले दोनों सत्र में दो-दो, जबकि अंतिम सत्र में तीन विकेट गंवाए। टीम ने इस दौरान क्रमश: 90, 82 और 101 रन जोड़े। दिन का खेल खत्म होने पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 22 रन बनाकर खेल रहे थे, जबकि दूसरे छोर पर जहीर खान उनका साथ निभा रहे हैं, जिन्होंने अभी खाता नहीं खोला है। इंग्लैंड की ओर से जेम्स एंडरसन ने 68 रन देकर, तीन जबकि मोंटी पनेसर ने 74 रन देकर दो विकेट चटकाए। इससे पहले तेंदुलकर और युवराज ने उस समय भारतीय पारी को संभाला, जब टीम 136 रन पर चार विकेट गंवाकर संकट में थी। तेंदुलकर ने दूसरे सत्र में धीमी बल्लेबाजी की थी, लेकिन अंतिम सत्र में वह लय में दिखे। उन्होंने चाय के विश्राम के बाद स्टीवन फिन की पहली गेंद को ही लॉन्ग लेग पर फ्लिक करके चार रन के लिए भेजकर 99 गेंद में अपने करियर का 66वां अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने अगली गेंद को भी चार रन के लिए भेजा। युवराज ने भी अगले ओवर में पनेसर पर लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्का जड़ा। तेंदुलकर और युवराज हालांकि जब भारत को मजबूत स्कोर की ओर ले जा रहे थे, तब युवराज ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान की आफ साइड से बाहर की गेंद से छेड़छाड़ की कोशिश में कप्तान एलिस्टेयर कुक को बेहद आसान कैच देकर पैवेलियन लौट गए। उन्होंने 54 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा।
तेंदुलकर भी इसके बाद अधिक देर नहीं टिक सके और ड्रिंक्स के बाद एंडरसन की पहली गेंद पर आउट हो गए। तेंदुलकर ने एंडरसन की ऑफ स्टंप से बाहर की ओर मूव होती गेंद को ड्राइव करने की कोशिश की, जो उनके बल्ले का किनारा ले गई और विकेटकीपर मैट प्रायर ने दाईं ओर गोता लगाते हुए एक हाथ से शानदार कैच लपका। इसके साथ ही तेंदुलकर का पिछले दो साल में पहला टेस्ट शतक जड़ने का सपना भी टूट गया। इस समय भारत का स्कोर छह विकेट पर 230 रन था। तेंदुलकर हालांकि इस पारी के दौरान दो रन बनाते ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 34,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी बने। सचिन ने अब तक 463 वन-डे इंटरनेशनल मैचों की 452 पारियों में 41 बार नाबाद रहते हुए 44.83 की औसत से 18,426 रन बनाए हैं, जबकि एकमात्र टी-20 इंटरनेशनल में उन्होंने 10 रन बनाए थे। कोलकाता मैच से पहले उन्होंने 192 टेस्ट मैचों की 317 पारियों में 32 बार नाबाद रहते हुए 54.60 की औसत से 15562 रन बनाए थे।
धोनी और अश्विन ने इसके बाद इंग्लैंड के गेंदबाजों को 14 ओवर तक विकेट से महरूम रखते हुए सातवें विकेट के लिए 38 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड ने इस साझेदारी को तोड़ने के लिए 87वें ओवर में नई गेंद ली और एंडरसन ने तीसरे ओवर में ही नीची रहती गेंद पर अश्विन (21) को बोल्ड कर दिया। इससे पहले गंभीर और वीरेंद्र सहवाग (23 रन) ने पहले विकेट के लिए 10.1 ओवर में 47 रन जोड़कर भारत को सपाट पिच पर अच्छी शुरुआत दी। सहवाग की उम्दा पारी हालांकि दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से समाप्त हो गई, जब गंभीर के साथ गलतफहमी की वजह से वह रन आउट हो गए।
लंच से आधा घंटे पहले तेंदुलकर को मैदान पर उतरना पड़ा, जब पहले दो टेस्ट में दोहरा शतक और शतक जड़ने वाले चेतेश्वर पुजारा (16) को पनेसर ने बोल्ड कर दिया। तेंदुलकर पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं और कुक ने तेज गेंदबाजी और स्पिन के मिश्रित आक्रमण के साथ उन्हें निशाना बनाया।
एंडरसन ने उछाल लेती गेंदों पर तेंदुलकर की कड़ी परीक्षा ली, जिसमें से एक गेंद इस दिग्गज बल्लेबाज के कंधे पर भी लगी। पनेसर ने भी अपनी लाइन और लेंथ तथा गति में परिवर्तन करके तेंदुलकर को परेशान किया। इस बीच, गंभीर ने एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके लिए उन्होंने 81 गेंदों का सामना किया। पनेसर ने गंभीर को स्लिप में जोनाथन ट्राट के हाथों कैच कराया। उन्होंने 124 गेंद की अपनी पारी में 12 चौके मारे।
विराट कोहली (6) शुरू से ही दबाव में दिखे। उन्होंने एंडरसन की गेंद पर दूसरी स्लिप में ग्रीम स्वान को कैच थमाया, जिससे भारत का स्कोर चार विकेट पर 136 रन हो गया। कोहली के आउट होने पर क्रीज पर उतरे युवराज ने स्वान पर लगातार दो चौके जड़कर दबाव थोड़ा कम किया। अगले ओवर में तेंदुलकर ने भी एंडरसन पर लगातार दो चौके जड़े। इससे पहले भारतीय टीम में तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने वापसी की, जो हरभजन सिंह की जगह ले रहे हैं। हरभजन फ्लू के कारण बाहर हैं। इंग्लैंड ने इयान बेल और तेज गेंदबाज स्टीवन फिन को क्रमश: जानी बेयरस्टॉ और स्टुअर्ट ब्रॉड की जगह शामिल किया है।
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