Jammu Kashmir vs Karnataka Ranji Trophy Final Day 2: कप्तान पारस डोगरा (70 रन) ने अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन कर्नाटक के स्थानापन्न खिलाड़ी केवी अनीश को जानबूझकर सिर से मारने (हेड-बट) की उनकी हरकत ने जम्मू-कश्मीर की अच्छी बल्लेबाजी पर पानी फेर दिया जिसने रणजी ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन स्टंप तक छह विकेट पर 527 रन बना लिए. डोगरा के साथ विकेटकीपर बल्लेबाज कन्हैया वधावन (70), साहिल लोत्रा (नाबाद 57 रन) सभी ने अच्छा योगदान दिया जिससे कर्नाटक के गेंदबाजों के लिए यह दिन मुश्किल रहा जिसमें सिर्फ प्रसिद्ध कृष्णा (29 ओवर में 90 रन देकर तीन विकेट) ही प्रभाव डाल सके.
हालांकि 21 सत्र के रणजी खिलाड़ी डोगरा के बर्ताव ने सभी को हैरान कर दिया. प्रसिद्ध की गेंद पर एक बाउंड्री लेने के बाद ‘सिली प्वाइंट' फ्लीडर अनीश को 'हेड-बट' मारने की घटना कैमरे में कैद हो गई. यह साफ नहीं था कि अनीश की किसी भी बात से डोगरा को बुरा लगा होगा. उन्होंने अनीश से बहस की और फिर उनके हेलमेट पर सिर से धक्का दिया. इसके बाद उनके सीनियर साथी मयंक अग्रवाल बीच बचाव करने आए और दोनों के बीच खड़े हो गए.
अग्रवाल को डोगरा के साथ बातचीत करते देखा गया, इसके बाद मैदानी अंपायर अंपायर रोहन पंडित और उल्हास गंधे ने बीच-बचाव किया. कुछ देर बाद कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल को भी अंपायरों से बात करते और डोगरा के बारे में शिकायत करते देखा गया. चूंकि यह एक झगड़ा था जिसमें विरोधी टीम के खिलाड़ी को छूना शामिल था इसलिए डोगरा को बीसीसीआई के मैच रेफरी नारायण कुट्टी से कुछ सजा मिलनी चाहिए.
कर्नाटक के लिए दिन की शुरुआत अच्छी रही क्योंकि रात के शतकवीर शुभम पुंडीर (247 गेंद में 121 रन) जल्दी आउट हो गए. विद्याधर पाटिल (104 रन देकर एक विकेट) की गेंद पर पुंडीर की एक फ्लिक सीधे अनीश के हाथों में समां गई जिससे 124 रन की साझेदारी खत्म हुई. पुंडीर ने पारी में 12 चौके और दो छक्के जड़े थे.
पहले दिन अर्धशतक जड़ने वाले अब्दुल समद (61) प्रसिद्ध की गेंद पर आउट हुए. जम्मू कश्मीर का स्कोर चार विकेट पर 307 रन था तब अनुभवी बल्लेबाज डोगरा और इस सत्र में टीम की खोज रहे वधावन ने मिलकर 32 ओवर में 110 रन की भागीदारी की. प्रसिद्ध काफी अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे लेकिन इन दोनों ने उन पर कुछ अच्छी बाउंड्री लगाई. दोनों संभलकर खेले और भारतीय टेस्ट गेंदबाज को विकेट नहीं दिया.
लेकिन जब लेग-स्पिनर श्रेयस गोपाल (एक विकेट) और बाएं हाथ के स्पिनर शिखर शेट्टी (एक विकेट) ने गेंदबाजी शुरू की तो दोनों को कोई दिक्कत नहीं हुई. डोगरा ने 166 गेंद का सामना करते हुए अपनी पारी में आठ चौके लगाए जबकि वधावन ने 109 गेंद खेलकर नौ चौके लगाए. वधावन कुछ देर में शेट्टी की गेंद पर स्लिप में केएल राहुल के हाथों कैच आउट हुए. फिर डोगरा ने लोत्रा के साथ 54 रन की भागीदारी की.
तीसरी नयी गेंद लेने के लिए चार ओवर बाकी हैं और कर्नाटक के गेंदबाज जम्मू-कश्मीर को 600 से नीचे ही समेटना चाहेंगे. कप्तान पारस डोगरा (70 रन) ने अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन कर्नाटक के स्थानापन्न खिलाड़ी केवी अनीश को जानबूझकर सिर से मारने (हेड-बट) की उनकी हरकत ने जम्मू-कश्मीर की अच्छी बल्लेबाजी पर पानी फेर दिया जिसने रणजी ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन स्टंप तक छह विकेट पर 527 रन बना लिए.
डोगरा के साथ विकेटकीपर बल्लेबाज कन्हैया वधावन (70), साहिल लोत्रा (नाबाद 57 रन) सभी ने अच्छा योगदान दिया जिससे कर्नाटक के गेंदबाजों के लिए यह दिन मुश्किल रहा जिसमें सिर्फ प्रसिद्ध कृष्णा (29 ओवर में 90 रन देकर तीन विकेट) ही प्रभाव डाल सके. हालांकि 21 सत्र के रणजी खिलाड़ी डोगरा के बर्ताव ने सभी को हैरान कर दिया. प्रसिद्ध की गेंद पर एक बाउंड्री लेने के बाद 'सिली प्वाइंट' फील्डर अनीश को 'हेड-बट' मारने की घटना कैमरे में कैद हो गई.
अग्रवाल को डोगरा के साथ बातचीत करते देखा गया, इसके बाद मैदानी अंपायर अंपायर रोहन पंडित और उल्हास गंधे ने बीच-बचाव किया. कुछ देर बाद कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल को भी अंपायरों से बात करते और डोगरा के बारे में शिकायत करते देखा गया. चूंकि यह एक झगड़ा था जिसमें विरोधी टीम के खिलाड़ी को छूना शामिल था इसलिए डोगरा को बीसीसीआई के मैच रेफरी नारायण कुट्टी से कुछ सजा मिलनी चाहिए.
कर्नाटक के लिए दिन की शुरुआत अच्छी रही क्योंकि रात के शतकवीर शुभम पुंडीर (247 गेंद में 121 रन) जल्दी आउट हो गए. विद्याधर पाटिल (104 रन देकर एक विकेट) की गेंद पर पुंडीर की एक फ्लिक सीधे अनीश के हाथों में समां गई जिससे 124 रन की साझेदारी खत्म हुई. पुंडीर ने पारी में 12 चौके और दो छक्के जड़े थे.
पहले दिन अर्धशतक जड़ने वाले अब्दुल समद (61) प्रसिद्ध की गेंद पर आउट हुए. जम्मू कश्मीर का स्कोर चार विकेट पर 307 रन था तब अनुभवी बल्लेबाज डोगरा और इस सत्र में टीम की खोज रहे वधावन ने मिलकर 32 ओवर में 110 रन की भागीदारी की. प्रसिद्ध काफी अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे लेकिन इन दोनों ने उन पर कुछ अच्छी बाउंड्री लगाई. दोनों संभलकर खेले और भारतीय टेस्ट गेंदबाज को विकेट नहीं दिया.
लेकिन जब लेग-स्पिनर श्रेयस गोपाल (एक विकेट) और बाएं हाथ के स्पिनर शिखर शेट्टी (एक विकेट) ने गेंदबाजी शुरू की तो दोनों को कोई दिक्कत नहीं हुई. डोगरा ने 166 गेंद का सामना करते हुए अपनी पारी में आठ चौके लगाए जबकि वधावन ने 109 गेंद खेलकर नौ चौके लगाए. वधावन कुछ देर में शेट्टी की गेंद पर स्लिप में केएल राहुल के हाथों कैच आउट हुए. फिर डोगरा ने लोत्रा के साथ 54 रन की भागीदारी की. तीसरी नयी गेंद लेने के लिए चार ओवर बाकी हैं और कर्नाटक के गेंदबाज जम्मू-कश्मीर को 600 से नीचे ही समेटना चाहेंगे.
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