पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के इंग्लैंड में चल रही टेस्ट सीरीज के बीच में दो कोच को बर्खास्त करने और सात खिलाड़ियों को वापस स्वदेश भेजने के फैसले का पूरी दुनिया में मजाक बन रहा है. शायद ही पिछले कुछ दशकों में ऐसा कभी देखा गया हो जब किसी चल रही टेस्ट टीम के दौरान इतने खिलाड़ियों को बीच दौरे से स्वदेश वापस भेज दिया गया है. पाकिस्तान के ही नहीं बल्कि दुनिया के दिग्गज PCB के इस फैसले से हैरान हैं. पाकिस्तान को तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले दो टेस्ट में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था. उसे पहले मैच में पारी और 103 रन से जबकि दूसरे मैच में 194 रन से हार झेलनी पड़ी. जिन खिलाड़ियों को वापस घर भेजा गया उनमें टी20 टीम के कप्तान सलमान अली आगा, पूर्व कप्तान मोहम्मद रिजवान और बल्लेबाज इमामुल हक भी शामिल हैं. बर्मिंघम में नौ सितंबर से शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट के लिए युवा और अनुभवहीन खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है. मुख्य कोच और पूर्व कप्तान सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी हटा दिया गया है. पाकिस्तान के पूर्व विदेशी मुख्य कोच मिकी आर्थर ने इस फैसले को हास्यास्पद बताया
आर्थर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘पीसीबी का यह फैसला हास्यास्पद है. उनके खराब प्रदर्शन का कारण यही है कि वे लगातार खिलाड़ियों, कोच और चयनकर्ताओं को बदलते रहते हैं और स्थिरता का कोई नामोनिशान नहीं है. अच्छी रणनीति, स्थिरता और संयोजन से ही बेहतर परिणाम हासिल किये जा सकते हैं.' वहीं, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने कहा कि वह इस फैसले से हैरान हैं और उन्हें घर वापस भेजे गए खिलाड़ियों और यहां तक कि इंग्लैंड भेजे गए खिलाड़ियों के लिए भी दुख है.
जावेद मियांदाद की राय
मियांदाद ने कहा, ‘जिन खिलाड़ियों को वापस भेजा गया है, उनके लिए यह मानसिक आघात और उनके करियर पर एक धब्बा है. उनकी जगह लेने वाले खिलाड़ियों पर श्रृंखला में बचे एकमात्र टेस्ट मैच में बहुत अधिक दबाव होगा.' पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने कहा कि बोर्ड के इस फैसले के विरोध में बाबर आजम को कप्तानी से इस्तीफा दे देना चाहिए था.
'बाबर ने खिलाड़ियों को अकेला छोड़ दिया'
लतीफ ने कहा, ‘कप्तान और नेतृत्वकर्ता में फर्क होता है और बाबर ने चुप रहकर अपने खिलाड़ियों को अधर में छोड़ दिया.' वहीं, एक और पूर्व कप्तान मोइन खान ने कहा, ‘अगर बोर्ड हार के सिलसिले को रोकने के लिए टीम में आमूलचूल परिवर्तन करना चाहता था तो उसे इंग्लैंड में चल रही श्रृंखला के अंत तक इंतजार करना चाहिए था.' पूर्व टेस्ट ओपनर मोहसिन खान ने आश्चर्य व्यक्त किया कि माइक हेसन के पास ऐसा कौन सा जादू है कि उन्हें सिर्फ एक मैच शेष रहते हुए टेस्ट टीम का कोच नियुक्त कर दिया गया. पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी और शोएब मलिक ने भी पीसीबी के फैसले और कामकाज की आलोचना की.
'मलिक बोले, ऐसे शब्दों का इस्तेमाल न हो'
मलिक ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘टीम से बाहर किए गए खिलाड़ी अभी भी हमारे राष्ट्रीय क्रिकेटर हैं जिन्होंने पाकिस्तान की सेवा की है. उनके लिए ‘पहली फ्लाइट से वापस भेज दिया गया' जैसे शब्दों का उपयोग अपमानजनक है.' अफरीदी ने कहा कि सरफराज अहमद इतने कठोर फैसले के हकदार नहीं थे. उन्होंने कहा, ‘केवल पांच मैचों के बाद किसी का मूल्यांकन कैसे किया जा सकता है. हैरान करने वाली बात यह है कि चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड में एक टेस्ट मैच के लिए टी20 में खेलने वाले खिलाड़ियों को भेजा है.'
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