अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के दूसरे मुकाबले में शानदार शतक जड़कर इशान किशन ने वनडे फॉर्मेट में भी दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया है. लखनऊ में इस बल्लेबाज ने दिखाया कि वह वनडे फॉर्मेट में जरूरत पड़ने पर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी भी कर सकते हैं और संयत से साझेदारी भी बना सकते हैं. कप्तान गिल के साथ उन्होंने तीसरे विकेट के लिए 141 गेंदों पर 224 रनों की साझेदारी की. 13.1 ओवर तक भारत ने अपने दोनों ओपनर के विकेट गंवा दिए थे. रोहित के पवेलियन लौटने के बाद क्रीज पर आए इशान ने आते ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने के बजाए सिंगल-डबल लेकर गिल के साथ साझेदारी करने पर जोर दिया. इशान ने 52 गेंदों पर फिफ्टी लगाई. इस दौरान उनके बल्ले से 5 चौके और दो छक्के आए, लेकिन इसके बाद टॉप गियर लगाया और 77 गेंदों तक अपना शतक पूरा किया. यानी अगली 22 गेंदों पर उन्होंने 50 रन पूरे किए. हालांकि, जब अफगानिस्तान ने लक्ष्य का पीछा शुरू किया तो इशान के हाथ में विकेटकीपिंग दस्ताने थे.
भारतीय टीम मैनेजमेंट अगर इशान को आगे भी प्लेइंग इलेवन में बरकरार रखती है तो उनके आने पर केएल राहुल की जगह पर कोई खतरा नहीं होगा. भले ही वह इस सीरीज में बल्ले से फ्लॉप हुए हो. लेकिन वह वनडे में बीते कुछ सालों से विकेटकीपर के तौर पर पहली पसंद बने हुए हैं. भले ही टी20 में उनकी जगह नहीं है, और टेस्ट में वह ओपनर हैं, लेकिन वनडे में निर्विवाद रूप से अपनी जगह बनाए हुए हैं. उन्हें इशान के शतक की ताप को महसूस हो रहा होगा, लेकिन जिन दो खिलाड़ियों पर सबसे अधिक दवाब है, वो रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल हैं.
अगले साल वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन होना है और टीम मैनेजमेंट साफ कर चुका है कि अभी वनडे में प्रयोग जारी रहेंगे और युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा. विराट कोहली के इस सीरीज में ना खेलने से मैनेजमेंट को थोड़े हाथ और फैसले के मौके मिले. पहले मैच में इशान नंबर-3 पर आए और 34 रनों की अहम पारी खेली, सिर्फ 22 गेंदों पर. जबकि दूसरे वनडे में वह नंबर-4 पर आए और 79 गेंदों में 158.22 की स्ट्राइक रेट से 125 रन बनाए.
इशान ने टी20 फॉर्मेट में वापसी भी इसी तरह की थी. उन्हें जो मौके मिले, उसमें उन्होंने खुद की जबरदस्त फॉर्म दिखाकर, भरोसा जताया. इसके बाद संजू के फ्लॉप होने पर दाएं हाथ के बल्लेबाज को बाहर बिठाया गया. इशान टी20 में ओपनिंग के लिए आए. और ऐसा ही हमें वनडे में भी देखने को मिल सकता है.
चेन्नई में रोहित और जायसवाल के प्रदर्शन पर यह निर्भर कर सकता है कि इशान इंग्लैंड में भारत के लिए पारी की शुरुआत करेंगे या नहीं. भले ही मैनेजमेंट रोहित जैसे दिग्गज को ना बिठाए, लेकिन जायसवाल अपना मौका गंवा सकते हैं. इशान के आने से टॉप पर राइट-लेफ्ट कॉम्बिनेशन भी मिलेगा.
अगर रोहित-कोहली 2027 वनडे के लिए भारतीय स्क्वाड का हिस्सा होते हैं तो इशान को टीम में मुश्किल जगह मिलेगी. बशर्ते की रोहित या कोहली रनों के लिए संघर्ष ना करें. लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो इशान ओपनिंग करते दिख सकते हैं. अभी इंग्लैंड का दौरा बाकी है और वहां पर इशान का प्रदर्शन कैसा होगा, इससे तय हो सकता है कि आने वाले दिनों में वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे या नहीं.
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