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IPL 2026: आईपीएल की व्यूअरशिप में 25% गिरावट! पाटा विकेट, इम्पैक्ट रूल...क्यों हो रहा फैंस का 'मोह भंग'

IPL 2026 Viewership Drop by 25 Percent: रिपोर्ट्स की मानें तो आईपीएल की टीवी व्यूअरशिप में पिछले साल की तुलना में करीब 26 प्रतिशत की गिरावट आई है. पिछले साल आईपीएल को करीब 530 मिलियन व्यूअर मिले थे.

IPL 2026: आईपीएल की व्यूअरशिप में 25% गिरावट! पाटा विकेट, इम्पैक्ट रूल...क्यों हो रहा फैंस का 'मोह भंग'
IPL 2026 Viewership Drop by 25 Percent

एक ऐसा देश जिसके लिए क्रिकेट धर्म की तरह है, वहां दुनिया की सबसे बड़ी लीग से फैंस का मोह भंग हो रहा है? बीते कुछ दिनों से यह सवाल लगातार सोशल मीडिया पर तैर रहा है. आईपीएल की जब शुरुआत हुई थी, तब इसे क्रिकेट का त्योहार कहा गया. लेकिन 19वें संस्करण पर आते हालात बेहतर नहीं है. रिपोर्ट्स की मानें तो आईपीएल की टीवी व्यूअरशिप में पिछले साल की तुलना में करीब 26 प्रतिशत की गिरावट आई है. पिछले साल आईपीएल को करीब 530 मिलियन व्यूअर मिले थे, लेकिन इस बार यह आंकड़ा गिर सकता है. 

जाने-माने बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने हाल ही में एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने आईपीएल में दर्शकों की संख्या में आई गिरावट पर चिंता जताई. गोयनका ने लिखा,"खबरों के मुताबिक, IPL की टीवी व्यूअरशिप में 26% की गिरावट आई है. BCCI को इसे गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि IPL अब क्रिकेट मुकाबले के बजाय सिर्फ़ बल्लेबाज़ी का एक दिखावा बनकर रह गया है."

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो BARC India और TAM Sports के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक इस सीज़न टीवी रेटिंग्स 4.57 से गिरकर 3.71 तक आ गईं, जबकि एवरेज व्यूअरशिप 10.6 मिलियन से घटकर 7.84 मिलियन रह गई है. यह गिरावट तब आई है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. 

क्या है कारण 

हर्ष गोयकना ने अपने ट्वीट में इसके कारण भी बताए हैं. उनके अनुसार, पिच बैलेंस होनी चाहिए, जिस पर बॉलरों को मदद मिले. उनकी यह बात आंकड़ों में सही साबित होती है. आईपीएल 2026 में 200 से अधिक का स्कोर आम बात हो गई है. 225–250 का स्कोर अब आम हो चले हैं.  कई मुकाबलों में टीमें स्कोर पर 200 से अधिक का स्कोर टागने के बाद भी हारीं हैं. पंजाब ने तो इस सीजन दिल्ली के खिलाफ 265 रनों का पीछा किया था. हैदराबाद ने 244 का चेज़ किया था. 

इम्पैक्ट प्लेयर रूल

हर्ष गोयनका ही नहीं बल्कि कई कप्तान भी समय-समय पर इस रूल को लेकर सवाल उठा चुके हैं. आलोचकों का कहना है कि यह नियम बैटिंग डेप्थ बढ़ाकर गेंदबाज़ों और ऑल-राउंडर्स की भूमिका घटा देता है, जिससे रणनीतिक कठिनाइयां कम हो जाती हैं और जोखिम घटता है. कई दिग्गजों ने इसे रीव्यू करने की मांग की है. BCCI ने संकेत दिए हैं कि सीज़न के बाद नियम की समीक्षा होगी. 

स्ट्रांग फैन एंगेजमेंट

हर्ष गोयनका समेत कई लोगों ने चेतावनी दी है कि लगातार हाई-स्कोरिंग लेकिन समान पैटर्न वाले मैचों से खेल की अनिश्चितता घट रही है. इस सीजन धोनी जैसे दिग्गज मैदान पर ही नहीं उतरे. जबकि रोहित-कोहली जैसे दिग्गज जो सबसे अधिक एंगेजमेंट लाते हैं, उनकी प्रजेंशन काफी मायने रखती है. लेकिन रोहित इस सीजन कई मैचों से बाहर रहे. 

व्यूअरशिप घटी, विज्ञापन घटे

रिपोर्ट्स की मानें तो टीवी पर विज्ञापनदाताओं की संख्या भी घटी है. विज्ञापनदाताओं की संख्या में कमी का एक कारण रियल-मनी गेमिंग पर बैन भी शामिल है, जिसे 2025 में बंद कर दिया गया था. हालांकि, इंडस्ट्री दिग्गजों का मानना है कि लोगों के अब मैच देखने की आदत बदल रही है.

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