Kieron Pollard on Hardik Pandya Captiancy: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 सीज़न में रविवार को मुंबई इंडियंस ने अपने होम ग्राउंड पर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपना आखिरी लीग मुकाबला खेला. प्लेऑफ की रेस से पहले ही बाहर मुंबई की नजरें इस मैच में जीत के साथ अपना अभियान खत्म करने पर थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. राजस्थान के खिलाफ टीम 30 रन बनाकर आउट हुई. इस हार के साथ ही हार्दिक पांड्या की कप्तानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सवाल पहले भी उठे, लेकिन फ्रेंचाइजी के हवाले से आई रिपोर्ट्स में इन्हें सिरे से खारिज किया गया. वहीं अब राजस्थान के खिलाफ मैच के बाद मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजी कोच कीरोन पोलार्ड ने माना कि कप्तान हार्दिक का लीडरशिप का समय "उतना अच्छा नहीं रहा."
मुंबई इंडियंस के बैटिंग कोच कीरोन पोलार्ड ने रविवार को राजस्थान रॉयल्स से मिली हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह मानने में कोई झिझक नहीं दिखाई कि हार्दिक ने फ्रेंचाइजी की उम्मीदों को पूरा नहीं किया और निराश किया. पोलार्ड ने मैच के बाद कहा,"लीडरशिप के नज़रिए से हार्दिक के लिए, हां, यह उतना अच्छा नहीं रहा जितना वह एक व्यक्ति के तौर पर चाहते थे."
पोलार्ड ने आगे कहा,"हो सकता है कि मैनेजमेंट स्टाफ के तौर पर हम जैसा चाहते थे, वैसा न हुआ हो. लेकिन एक बात आपको पता होनी चाहिए कि हमने उन्हें (हार्दिक को) फ्रेंचाइजी को लीड करने और बेहतर करने का सबसे अच्छा मौका देने के लिए हर मुमकिन कोशिश की है." पोलार्ड ने कहा कि यह मुंबई इंडियंस ग्रुप की मिली-जुली नाकामी थी.
पोलार्ड ने आगे कहा,"कोई भी यहां बैठकर दूसरों पर इल्ज़ाम नहीं लगाएगा. खासकर जब आप हारते हैं, तो आपको इसे मिलकर देखना होता है. आप कुछ जीतते हैं, कुछ हारते हैं. लेकिन, आखिर में, मैं कुछ चीज़ों पर सवाल नहीं उठाऊंगा."
पोलार्ड ने कहा,"वह (पंड्या) कोशिश कर रहा था. हम सब कोशिश कर रहे थे, और यह हमारे लिए काम नहीं आया. आप बैठते हैं, बात करते हैं, देखते हैं कि सबसे अच्छा क्या है. कभी नहीं पता कि क्या होने वाला है. उम्मीद है कि 12 महीनों में और मज़बूत होकर वापस आएंगे."
पोलार्ड को यह मानने में कोई झिझक नहीं थी कि अगले सीज़न से पहले मुंबई इंडियंस के रोस्टर में बदलाव किए जाएंगे, लेकिन उन्होंने जल्दबाजी में कोई भी फ़ैसला लेने से इनकार कर दिया. जब उनसे पूछा गया कि क्या टीम में सीनियर खिलाड़ियों बहुत हैं, क्या उसे रीबूट करने ज़रूरत है, तो उन्होंने कहा,"अभी इस बारे में बात करने का समय और जगह नहीं है."
"ये सभी चीज़ें एक तरह से इमोशनल फैसला होंगा और हर पहलू के बारे में सोचना होगा कि क्या ज़रूरी है, हर किसी को बैठकर, याद करने, और यह सही अंदाज़ा लगाने के लिए समय और जगह चाहिए कि असल में हमारे लिए सब कुछ कहां गलत हुआ." "यहीं से बेहतर फ़ैसले लिए जाएंगे". उन्होंने आगे कहा,"अगर आप अभी यहां बैठकर कहें कि आपको यह करना है, आपको वह करना है, तो यह मैनेजमेंट के नज़रिए से गैर-ज़िम्मेदाराना होगा."
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