India Women vs Pakistan Women: टीम हरमनप्रीत ने इंग्लैंड में खेले जा रहे टी20 विश्व कप में बर्मिंघम में रविवार को अपने विजयी अभियान का आगाज करते हुए पाकिस्तान को 64 से हरा दिया. भारत ने टॉस जीतने के बाद पहले बैटिंग करते हुए कोटे के 20 ओवरों में 6 विकेट पर 170 रन का स्कोर खड़ा किया था. जवाब में 171 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम 17 ओवरों में सभी विकेट खोकर 106 रन बनाकर आउट हो गई. भारत के लिहाज से दो सबसे बड़ी बातें हुईं. पहली पारी में विकेटकीप रिचा की मारक और मनोवैज्ञानिक लाभ दिलाने, स्कोर उम्मीद से ज्यादा दिलाने वाली पारी, जो पाकिस्तान की आधारी पारी तक भारत की की जीत की नंबर-1 वजह बनी हुई थी, लेकिन मैच खत्म होते-होते दीप्ति शर्मा ने जड़े 'पंजे' से इस नंबर-1 वजह पर अपना नाम लिखवा दिया.

1. दीप्ति का तूफानी प्रदर्शन
पाकिस्तान का पहला विकेट गिरने से पहले टीम इंडिया दो बड़ी गलती कर चुकी थी. एक बहुत ही आसान कैच रिचा ने स्टंप के पीछे टपकाया था, तो एक लड्डू कैच अरुंधति रेड्डी ने. और दोनों पाकिस्तानी ओपनरों ने पांचवें ओवर में ही 38 रन जोड़ दिए. ऐसे में अनुभवी दीप्ति शर्मा ने नियमित अंतराल पर दो विकेट लेकर भारत को मुकाबले में ला दिया. वहीं, पारी के फेंके 17वें ओवर में दीप्ति ने 6 गेंदों के भीतर आलिया रियाज, रुबाब और नशरा संधु को आउट करने के साथ ही 'पंजा' जड़ते हुए पाकिस्तान के हार रूपी कफन में आखिरी कील भी ठोक दी. यूं तो इस प्रदर्शन के बाद कहने को कुछ बचा नहीं था, लेकिन इस पर भी अगर कुछ बाकी था, तो वह दीप्ति ने जमकर खेल रहीं मुनीबा अली को सटीक थ्रो से रन आउट करके पूरी की. कर दी. दीप्ति का प्रदर्शन भारत की जीत की सबसे बड़ी वजह बना.

2. रिचा घोष ने स्कोर किया रॉकेट
इसमें दो राय नहीं कि भारत की जीत की सबसे बड़ी वजह आखिरी ओवरों में रिचा घोष के 17 गेंदों पर 5 चौकों और 1 छक्के से तूफानी 34 रन रहे. इसी पारी के मारक असर से मिले 170 के स्कोर ने भारतीय कों मनोवैज्ञानिक रूप स कहीं आगे कर दिया, तो इसी पारी ने मैदान पर उतरने से पहले पाकिस्तानी बल्लेबाजों पर अतिरिक्त दबाव लाद दिया. निश्चित रूप से यह रिचा घोष की पारी ही रही, जिसने करोड़ों फैंस को जीत की उम्मीद दी. आधे मैच तक रिचा की मारक पारी भारत की जीत की सबसे बड़ी वजह बनी हुई थी, लेकिन मैच खत्म होते-होते दीप्ति शर्मा ने रिचा की पारी को नंबर-2 पर धकेल दिया.

3. मंधाना की शानदार मार
शेफाली (1) पहले ही ओवर में आउट हो गईं, तो मिस भरोसेमंद जेमिमाह रॉड्रिगेज (1) भी सस्ते में आउट हो गईं. ऐसे में टीम की सबसे बड़ी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने कप्तान हरमनप्रीत के साथ मिलाकर टीम को उबारा. और फिर पाकिस्तानी बॉलरों का इन-साइड-आउट शॉटों से बैंड बजा दिया. मंधाना ने 44 गेंदों पर 9 चौकों और 2 छ्क्कों से जो 68 रन बनाए, वह भारत के 170 के स्कोर का बड़ा आधार साबित हुए. एक समय लग रहा था कि मंधाना शतक की ओर बढ़ रही हैं, लेकिन वह एक और बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में 14वें ओवर में पवेलियन लौट गईं.

4. श्री चरणी की धार !
दीप्ति की तरह ही स्पिन का जलवा लेफ्टआर्म श्री चरणी ने भी बिखेरा. पाकिस्तानियों को मिड्ल ऑर्डर में तोड़ने का काम श्री चरणी ने किया. श्री ने बहुत ही कम समय के भीतर पहले सायरा जबीन और फिर नतालिया परवेज को दहाई का भी आंकड़ा भी नहीं छूने दिया. ये दोनों बल्लेबाज सस्ते में लौटीं, तो पाकिस्तान हिल कर रह गया. श्री चरणी ने चार ओवरों में 21 रन देकर 3 विकेट लिए. उनका तीसरा विकेट रमीन शमीम का रहा और पाकिस्तान की यह बल्लेबाज भी श्री की धार के आगे दस रन भी नहीं बना सकीं.

5. श्रेयांका पाटिल का गहरा असर
ऑफ स्पिनर श्रेयांका पाटिल ने भले ही 3 ओएवरों में एक भी विकेट नहीं लिया, लेकिन सिर्फ 17 रन देकर उनका इकॉनमी रन-रेट सबसे कम 5.70 का रहा. जिस भरोसे के साथ कप्तान हरमप्रीत कौर ने श्रेयांका पाटिल को दूसरा ही ओवर सौंपा था, उस पर यह युवा ऑफ स्पिनर पूरी तरह खरी उतरीं, तो वहीं फील्डिंग में भी श्रेयांक ने रमीन का ऐसा कैच लपका, जिसे पाकिस्तानी बल्लेबाज शायद ही यादों से मिटा पाएंगी. कुल मिलाकर युवा श्रेयांका पाटिल का असर वो पांचवीं सबसे बड़ी वजह रही, जो भारत की जीत की वजह बनी.
(खबर जारी)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं