भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में होने जा रहा है. शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया के सामने श्रीलंका की चुनौती आसान नहीं होगी, खासकर स्पिन के लिए मददगार पिचों पर. हालांकि, गॉल से भारत की एक ऐसी याद जुड़ी है, जो इस बार टीम इंडिया का हौसला बढ़ा सकती है.
करीब 9 साल पहले यानी 2017 में भारत ने गाले में श्रीलंका को 304 रन से करारी शिकस्त दी थी. यही नहीं, विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम ने उस दौरे पर मेजबान टीम का 3-0 से क्लीन स्वीप किया था. अब 2026 में सवाल यही है कि क्या गिल की टीम उस इतिहास को एक बार फिर दोहरा पाएगी?
गॉल में भारत ने श्रीलंका को किया था ढेर
2017 में भारत और श्रीलंका के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल में खेला गया था. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 600 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. शिखर धवन ने 190 और चेतेश्वर पुजारा ने 153 रन की दमदार पारियां खेलीं. इसके जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 291 रन पर सिमट गई. भारत ने दूसरी पारी घोषित कर श्रीलंका के सामने 550 रन का विशाल लक्ष्य रखा. मेजबान टीम 245 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मुकाबला 304 रन से अपने नाम कर लिया.
श्रीलंका की धरती पर भारत का पहला क्लीन स्वीप
श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया की इस जीत में गेंदबाजों का भी बड़ा योगदान रहा. रवींद्र जडेजा ने मैच में शानदार गेंदबाजी की, जबकि मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने भी श्रीलंकाई बल्लेबाजों को परेशान किया. गॉल टेस्ट में बड़ी जीत के बाद भारत ने सीरीज के बाकी दोनों मुकाबले भी अपने नाम किए. कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया ने श्रीलंका को एक पारी और 53 रन से हराया. इसके बाद पल्लेकेले में खेले गए तीसरे टेस्ट में भारत ने और भी बड़ी जीत दर्ज की. श्रीलंका को एक पारी और 171 रन से हराकर भारत ने सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली.
अब 9 साल बाद फिर गाले की बारी
2026 में परिस्थितियां जरूर अलग हैं. भारत की टीम नए कप्तान शुभमन गिल के नेतृत्व में श्रीलंका पहुंची है और लंबे समय बाद उसे स्पिन के अनुकूल परिस्थितियों में टेस्ट क्रिकेट खेलना है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज WV रमन का मानना है कि श्रीलंका में भारत के सामने कड़ी चुनौती होगी. उन्होंने कहा कि श्रीलंका भी घरेलू परिस्थितियों में स्पिन और टर्निंग ट्रैक का फायदा उठाने में सक्षम है. रमन के मुताबिक भारतीय बल्लेबाजों को सिर्फ रक्षात्मक रवैया अपनाने के बजाय टर्निंग पिचों पर रन बनाने के मौके भी तलाशने होंगे. उनके अनुसार थोड़ी छोटी या थोड़ी फुलर गेंदों का बल्लेबाज फायदा उठा सकते हैं.
गिल, जायसवाल और पंत पर रहेंगी नजरें
भारत के लिए शुभमन गिल की कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों महत्वपूर्ण होंगी. इंग्लैंड दौरे में शानदार प्रदर्शन के बाद उनसे एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद होगी. यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल की ओपनिंग जोड़ी भी अहम भूमिका निभा सकती है. WV रमन ने दोनों को अलग-अलग अंदाज में बल्लेबाजी करने वाला संतुलित संयोजन बताया है. वहीं, ऋषभ पंत की आक्रामक बल्लेबाजी श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ बड़ा हथियार बन सकती है. रमन का मानना है कि पंत को अपनी आक्रामक शैली में खेलने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए.
क्या 2017 का इतिहास फिर दोहराएगा भारत?
2017 में भारत ने गाले से शुरुआत करते हुए श्रीलंका को उसी की जमीन पर 3-0 से रौंद दिया था. उस टीम में विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी थे. अब 9 साल बाद टीम इंडिया के सामने एक नई चुनौती है. कप्तान शुभमन गिल और उनकी टीम के पास गाले में इतिहास दोहराने का मौका है, लेकिन श्रीलंका घरेलू परिस्थितियों में आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं होगा. 15 अगस्त से शुरू होने वाला गाले टेस्ट यही बताएगा कि 2017 की वह कहानी सिर्फ इतिहास है या भारतीय टीम एक बार फिर श्रीलंका की धरती पर उसी तरह का दबदबा कायम कर सकती है.
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