India vs South Africa: भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव भले ही 2026 टी20 विश्व कप में रन बना रहे हों, लेकिन पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर उनकी बल्लेबाजी शैली से खुश नहीं हैं. मांजरेकर ने कहा है कि सूर्या बहुत ज्यादा सतर्क होकर खेल रहे हैं. और इसका असर भारत की बैटिंग रणनीति पर पड़ रहा है. ग्रुप स्टेज के शुरुआती मैच में टीम इंडिया अमेरिका के खिलाफ वानखेड़े में जब भारत 77/6 पर संघर्ष कर रहा था, तब सूर्यकुमार ने बढ़िया जिम्मेदाराना बल्लेबाज़ी की थी. उन्होंने शुरुआत में धीमा खेला, फिर बाद में तेजी से रन बनाए और टीम को जीत दिलाई. लेकिन मांजरेकर का कहना है कि सूर्या ने यह ‘सुरक्षित तरीका' बाद के मैचों में भी जारी रखा. 4 मैचों में 162 रन और 136 की स्ट्राइक‑रेट के बावजूद मांजरेकर का तर्क है कि यह अत्यधिक सतर्कता टीम के पावर‑हिटर्स जैसे शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या और रिंकू सिंह को पूरी तरह उपयोग करने से रोक रही है.
मांजरेकर ने कहा, 'पाकिस्तान के खिलाफ भी सूर्या और तिलक वर्मा ने बहुत ही धीमी बल्लेबाज़ी की. इससे निचले क्रम के धाकड़ खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके नहीं मिले. टी20 में, खासकर पहले बल्लेबाजी करते समय यह रणनीति खतरनाक साबित हो सकती है.' उन्होंने आगे चेताते हुए कहा, 'जब टीम का लक्ष्य 200+ का स्कोर बनाना हो, तब किसी भी टॉप‑ऑर्डर बल्लेबाज़ को ‘इनिंग्स एंकर' की मानसिकता नहीं अपनानी चाहिए क्योंकि भारत के पास अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे बल्लेबाज़ नंबर 8 तक मौजूद हैं.'
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए वीडियो में मांजरेकर ने कहा, 'सूर्यकुमार यादव में मैं एक चीज़ देख रहा हूं जो मुझे ज़्यादा पसंद नहीं आ रही. अमेरिका के खिलाफ भारत ने 77 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे. इससे सूर्या को अपना खेल बदलना पड़ा और यह उन्होंने शानदार तरीके से निभाया. थोड़ा धीमे हुए और फिर तेज़ी से रन बनाए, अच्छा स्कोर बनाया, प्लेयर ऑफ द मैच भी बने, लेकिन तब से मुझे लगता है कि वह इसे थोड़ा ज़्यादा आगे ले जा रहे हैं. पाकिस्तान के खिलाफ जब इंडिया ने कुछ विकेट जल्दी खो दिए, तो उन्होंने काफ़ी हद तक अपने शॉट्स रोक लिए'
उन्होंने कहा, 'वह और तिलक वर्मा, दोनों थोड़े संभलकर खेलते दिखे. इसका नतीजा यह होता है कि हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ी संसाधन की तरह उतना इस्तेमाल नहीं हो पाते. टी20 क्रिकेट में यह बहुत खतरनाक होता है, जब कोई सीनियर खिलाड़ी या कप्तान यह महसूस करने लगता है कि उसे ही टिककर खेलना है. खासकर जब आप पहले बल्लेबाज़ी कर रहे हों.' मंजरेकर का मानना है कि सूर्यकुमार का यह तरीका खतरनाक साबित हो सकता है. खासकर यह देखते हुए कि जब भारत की बैटिंग में इतनी गहराई है और टीम 200+ का लक्ष्य सेट करने की सोच रही है. अपने समय के दिग्गज बल्लेबाज ने कहा,'जब आप 200 से ऊपर का लक्ष्य सेट करना चाहते हैं. और टॉप-4 में कोई खिलाड़ी यह मानने लगे कि वही है जिसे पारी को नियंत्रित करना है और यह सुनिश्चित करना है कि इंडिया को एक निश्चित स्कोर तक वही ले जाएगा, तो यह बहुत खतरनाक रणनीति है. यह देखते हुए कि भारत के पास इतने शानदार खिलाड़ी हैं. सूर्या के बाद हार्दिक हैं और फिर अक्षर पटेल नंबर 8 पर या वॉशिंगटन सुंदर नंबर 8 पर. इसे दखते हुए किसी बल्लेबाज़ को भी ऐसा नहीं सोचना चाहिए.'
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