दांबुला के रांगिरी दांबुला अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई सीरीज का फाइनल मुकाबला खेला जाना है. तिलक वर्मा एंड कंपनी को श्रीलंका के खिलाफ अपने आखिरी मुकाबले में सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा था और मैच के बाद काफी बवाल भी हुआ था. टीम इंडिया की कोशिश आज उस हार का बदला चुकता करने और ट्राई सीरीज का खिताब अपने नाम करने की होगी. आज के मैच के लिए वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश भी बेताब होंगे, जिनकी श्रीलंकाई खिलाड़ियों से झड़प हुई थी और नौबत हाथा-पाई तक पहुंच गई थी. नजरें तिलक वर्मा पर भी होंगी, जिन पर सेलेक्टर्स की निगाहें हैं. दूसरी तरफ श्रीलंका है, जो घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर यह ट्राई सीरीज जीतना चाहेगी.
इन खिलाड़ियों पर होंगी नजरें
वैभव सूर्यवंशी: भले ही सूर्यवंशी को दांबुला की धीमी पिचों पर संघर्ष करना पड़ा है, लेकिन यह बल्लेबाज अकेले ही पूरे मैच का रूख मोड़ सकता है. वैभव ने टूर्नामेंट में अब तक चार मैचों में 14, 44, 21 और 38 रन बनाए हैं. वैभव पर खुद को साबित करने का दवाब है. खिताबी मुकाबले में दवाब झेलना वैभव को आता है और वो उनकी कोशिश किसी कोहराम मचाने की होगी. वैभव के लिए आज अग्नी परीक्षा होगी. अंडर-19 वर्ल्ड कप और आईपीएल में उन्होंने जो तहलका मचाया था, फैंस आज उनसे फिर ऐसी ही पारी की उम्मीद करेंगे.
ऋजुरात गायकवाड़: गायकवाड़ इस टूर्नामेंट में भारत के बल्लेबाजी के मुख्य आधार रहे हैं. इस टूर्नामेंट में उन्होंने 4 मैचों में 58.50 की औसत और 87.64 की स्ट्राइक रेट से 234 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक भी शामिल है. अगर ओपनर्स अच्छी शुरुआत देने में विफल रहे तो, गायकवाड़ को सूत्रधार की भूमिका निभानी होगी. गायकवाड़ इस टीम से सबसे सीनियर खिलाड़ी हैं, और आज उन्हें आज से लीड करना होगा.
तिलक वर्मा: टूर्नामेंट के लिए भारतीय कप्तान तिलक वर्मा पर ना सिर्फ फैंस की बल्कि सेलेक्टर्स की भी नजरें हैं. तिलक आगे चलकर ना सिर्फ अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी की कमान संभाल सकते हैं. तिलक ने मौजूदा टूर्नामेंट में 4 मैचों में 208 रन बनाए हैं. तिलक के 3 अर्द्धशतक लगाए हैं और मध्यक्रम को संभालने का प्रयास किया है, लेकिन वह अच्छे स्टार्ट के बाद बड़ी पारी नहीं खेल पा रहे हैं. ऐसे में तिलक आज श्रीलंकाई टीम के खिलाफ कप्तानी पारी खेलना चाहेंगे.
विप्रराज निगम: एक खिलाड़ी जिसने इस पूरे टूर्नामेंट में सभी को प्रभावित किया है, वो हैं विप्रराज निगम. विप्रराज ने ना सिर्फ गेंद से बल्कि बल्ले से भी अपना योगदान दिया है. निचले क्रम में आकर वह एक अर्द्धशतक लगा चुके हैं और चार सफलताएं भी उनके नाम हैं. दांबुला की धीमी पिच पर विप्रराज, अनुकूल और निशांत के साथ श्रीलंका बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूटना चाहेंगे.
निशांत सिंद्धू: धीमी पिच, जिस पर स्पिनर्स को मदद मिलती है, उस पर श्रीलंकाई बल्लेबाजों को क्रीज पर ना टिकने देने की जिम्मेदारी निशांत पर होगी. निशांत ने टूर्नामेंट में 5 विकेट लिए हैं और वो सबसे सफल भारतीय गेंदबाज हैं. मिडिल ओवरों में आकर जिस तरह से वह जाल बुनते हैं, उससे श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खतरा होगा. भारत क ो इसके अलावा अरशद खान और यश ठाकुर से शुरुआती सफलता की उम्मीद होगी.
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