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देश में मॉनसूनी बारिश में आई कमी, खरीफ फसलों की बुआई पर भारी असर; 25.10 लाख हेक्टेयर फसल का नुकसान

मॉनसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है. इसके कारण, सप्ताह के ज़्यादातर दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में और अगले 3-4 दिनों तक उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

देश में मॉनसूनी बारिश में आई कमी, खरीफ फसलों की बुआई पर भारी असर; 25.10 लाख हेक्टेयर फसल का नुकसान
सांकेतिक तस्वीर
PTI

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान देशभर में पिछले दो हफ्तों के दौरान कुछ राज्यों में अच्छी बारिश हुई है. लेकिन इसके बावजूद इस सीजन के दौरान देशभर में 01 जून से 15 अगस्त, 2026 के बीच बारिश की कमी बढ़कर 13% हो गयी है.

सबसे ज्यादा कमी पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में रिकॉर्ड की गयी है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक, इस क्षेत्र में 15 अगस्त तक मॉनसून सीजन के दौरान बारिश की कमी बढ़कर 27.1 % हो गयी है. दक्षिण भारत में बारिश की कमी 20.1% और उत्तर-पश्चिम भारत में 11.4 % रिकॉर्ड की गयी है.

खेती को लेकर बढ़ी रही है चिंता

कृषि के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण राज्यों में बारिश की कमी को लेकर चिंता बढ़ रही है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक, 01 जून से 16 अगस्त, 2026 के बीच बिहार में मॉनसून की बारिश की कमी 41%, आंध्र प्रदेश में 37%, पंजाब में 36%, असम में 26% और उत्तर प्रदेश में 22% रिकॉर्ड की गयी है.

बारिश की इस कमी का असर महत्वपूर्ण खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ रहा है. खरीफ फसलों की बुआई पर कृषि मंत्रालय ने अपनी "All India Cropwise Progressive Area Sown Report" में कहा है कि 14 अगस्त, 2026 तक देशभर में खरीफ फसलों की बुआई पिछले साल के मुकाबले 25.10 लाख हेक्टेयर (-2.07%) घट गयी है.

सबसे ज्यादा गिरावट चावल की बुआई में दर्ज की गयी है. कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 14 अगस्त तक चावल की बुआई पिछले साल के मुकाबले देश में 14.37 लाख हेक्टेयर (-3.67%) घट गयी है.

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हालांकि महत्वपूर्ण दलहन फसलों की बुआई का क्षेत्रफल पिछले साल के मुकाबले इस साल 14 अगस्त तक सिर्फ 35 हज़ार हेक्टेयर कम है, जबकि तिलहन की फसलों की बुआई में भी गिरावट सिर्फ 89 हजार हेक्टेयर रिकॉर्ड की गयी है.

भारत मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तटों पर कम दबाव क्षेत्र बना है. इसके असर से, अगले 2 दिनों में गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

साथ ही, 16 और 17 अगस्त को ओडिशा में और 17 अगस्त को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में कहीं-कहीं बहुत ज़्यादा भारी बारिश हो सकती है.

देश के बाकी इलाकों का क्या हाल है?

मॉनसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है. इसके कारण, सप्ताह के ज़्यादातर दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में और अगले 3-4 दिनों तक उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

अगले 2-3 दिनों में पूर्वोत्तर भारत में और इस सप्ताह के दौरान असम और मेघालय में भी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. राज्यों में मेघालय में अब तक सबसे ज्यादा 58% बारिश की कमी रिकॉर्ड की गयी है.

अगर इन क्षेत्रों में पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश होती है, तो इन राज्यों में मॉनसून की बारिश की कमी की कुछ भरपाई हो सकेगी.

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