विज्ञापन

Ind vs NZ Final: तब रोया था पूरा देश;2023 WC फाइनल वाला दर्द न दे जाए अहमदाबाद स्टेडियम, बचकर रहना सूर्या की सेना

Ind vs NZ T20 WC Final: विश्व कप का 50-50 फॉर्मेट और टी-20 फॉर्मेट में बहुत अंतर है. इसलिए भारतीय टीम को गलतियों के लिए हालिया सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए मुकाबले पर ध्यान देना होगा. तब प्रोटियाज ने 188 का लक्ष्य दिया और भारत 111 बनाकर हार गया.

Ind vs NZ Final: तब रोया था पूरा देश;2023 WC फाइनल वाला दर्द न दे जाए अहमदाबाद स्टेडियम, बचकर रहना सूर्या की सेना
ind vs nz final t20 wc
  • 19 नवंबर 2023 को भारत को विश्वकप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था, पूरे देश को लगा था सदमा
  • भारत ने 241 रनों का लक्ष्य मुश्किल बना दिया था पर ट्रेविस हेड- लाबुशाने की बल्लेबाजी ने भारत से जीत छीन ली थी
  • टीम इंडिया को टी-20 और 50 ओवर फॉर्मेट में अंतर समझते हुए हालिया सुपर-8 मुकाबले की गलतियों से सबक लेना होगा
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
अहमदाबाद:

19 नवंबर 2023, भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ये तारीख उस रात किसी काले अध्याय की तरह दर्ज हो गई. आंखों में गम और कभी न थमने वाले आंसू. विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल समेत उन तमाम क्रिकेटर्स इमोशनल थे. उनके साथ 140 करोड़ देशवासियों ने उस दिन वो खोया था जो उस रात से पहले पूरा मुमकिन था, 2023 विश्वकप की चमचमाती ट्रॉफी, जो भारतीय खिलाड़ियों के हाथों में सुशोभित होती,वो ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर्स छीन चुके थे. कहते हैं इतिहास खुद को दोहराता है,तो ढाई साल बाद मौका फिर विश्वकप फाइनल का है,बस अंतर है भारत के खिलाफ खड़ी टीम और फॉर्मेट. टीम इंडिया भी ब्रैंड न्यू है पर मैदान वही,अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम,तो सवाल वही कहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ भी तो वही नहीं हो जाएगा जो ऑस्ट्रेलिया ने किया था. टीम देखकर तो नहीं लगता पर सभी भारतवासी दुआ यही कर रहे होंगे कि आज प्लीज टीम इंडिया वो गलती मत दोहराना. 

2023 में कप जीतते-जीतते रह गई थी टीम इंडिया

न चाहते हुए भी आपको ढाई साल पहले उस मनहूस तारीख की ओर ले जा रहे हैं. 19 नवंबर 2023, तब द्रविड़ के नेतृत्व में और रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया इस तारीख तक अजेय थी. क्या न्यूजीलैंड,क्या दक्षिण अफ्रीका और क्या पाकिस्तान,सबको धूल चटाते हुए 
टीम इंडिया फाइनल में थी. ऑस्ट्रेलिया दूसरी ओर भारत से पहले ही लीग मैचों में हार वाली चोट खा चुका था. तो भारत के टॉस हारते ही लगा मानो टीम इंडिया आधी लड़ाई वहीं हार गई हो, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने शानदार शुरुआत देते हुए एक नींव रखी.शुभमन गिल के आउट होते ही पारी लड़खड़ाई और देखते ही देखते रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर भी चलते बने. स्कोर 81 पर 3 विकेट हो गया.यहां से कोहली और केएल राहुल ने सधी हुई साझेदारी की जिसके बाद भी टीम 240 तक पहुंच पाई. कोहली के 54 और राहुल के 66 को छोड़ दें तो कोई बल्लेबाज कंगारू बॉलिंग अटैक के आगे टिक नहीं पाया. लिहाजा पैट कमिंस की पीली सेना को 241 रनों का साधारण लक्ष्य मिला.

241 बड़ा नहीं था पर ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट 47 रनों पर गिरा दिए.स्मिथ,वॉर्नर और मिच मार्श सरीखे प्लेयर्स सस्ते में आउट हो गए.आसान सा दिखने वाला टार्गेट कठिन लगने लगा,टीम इंडिया  जीत की ओर बढ़ ही रही थी कि ट्रेविस हेड सिरदर्द बनकर उभरे और लाबुशाने के साथ मिलकर भारत के जबड़े से जीत छीन ली. बस फिर जैस छन से कोई सपना टूट गया. टीम इंडिया का कप जीतने का सपना पलभर में चकनाचूर हो गया. टीम के लिए ये 6 विकेट से हार किसी कांटे की तरह चुभी और फिर न भूलने वाला गम किसी फेवीकोल की तरह चिपक गई. ढाई साल बाद आज वही मैदान फिर उस रात की याद दिला रहा है. 

ये गलतियां मत करना टीम इंडिया 

विश्व कप का 50-50 फॉर्मेट और टी-20 फॉर्मेट में बहुत अंतर है. इसलिए भारतीय टीम को गलतियों के लिए हालिया सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए मुकाबले पर ध्यान देना होगा. तब प्रोटियाज ने 188 का लक्ष्य दिया और भारत 111 बनाकर हार गया. यहा ध्यान देने वाली बात यह है कि टीम इंडिया चेज नहीं कर पाई जो 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने धैर्य रखकर होशियारी से हासिल कर लिया. यहां दबाव में टीम इंडिया बिखर गई. स्पिनरों के खिलाफ टीम इंडिया नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ठीक-ठाक खेली पर दक्षिण अफ्रीका के पेस तिकड़ी की स्लोअर्स से परेशान रही और विकेट फेंकती रही. 

पहले या बाद में बल्लेबाजी करे, टीम इंडिया ओपनर्स से परेशान रही खासकर अभिषेक शर्मा की फॉर्म.आज उन्हें न खिलाने पर सुनील गावस्कर ने भी वकालत की है पर वो टॉस के बाद ही पता चलेगा.टॉस यहां का बॉस है तो सूर्या  की टीम टॉस जीतकर बैटिंग-बॉलिंग पर फैसला लेना होगा जो टीम को जीत दिलाए. मैच मिक्स मिट्टी पर होगा. इससे  बल्लेबाजों को मदद मिलेगी और बॉल्र्स भी कमाल कर सकते हैं. खैर जो भी हो बस कोशिश जीत की हो क्योंकि टीम के साथ 140 करोड़ भारतीयों को जीत के सिवा कुछ भी मंजूर नहीं होगा. 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com